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हुतवह (hutavaha)

 
शब्दसागरः
English
हुतवह
m.
(-हः) AGNI or fire.
E.
हुत an oblation, and वह who carries.
Capeller Eng
English
हुतवह
m.
fire or Agni (oblation-bearer).
Yates
English
हुत-वह (हः) 1.
m.
Idem.
Wilson
English
हुतवह
m.
(-हः) AGNI or fire.
E.
हुत an oblation, and वह who carries.
Monier Williams Cologne
English
हुत—वह
m.
(ifc. f(आ). ) ‘obl°-bearer’, Agni or fire,
MBh.
Kāv.
&c.
Benfey
English
हुतवह हुत-वह् + (vb. हु),
m.
Fire, Pañc. 182, 17.
L R Vaidya
English
huta-vaha {% m. %} fire, शीतांशुस्तपनो हिमं हुतवहः क्रिडामुदो यातनाः Git.G.ix., हुतवहपरिखेदादाश निर्गत्य कक्षात् Rt.i.27.
भूतसङ्ख्या
Sanskrit
३, अग्नि, अनल, आज्यभुक्, आज्याश, उषर्बुध, काल, कृशानु, कृष्णवर्त्मन्, क्रम, गुण, गुप्ति, जगत्, ज्योति, ज्वलन, ज्वाल, तपन, तृतीय, त्रय, त्रिकटु, त्रिकाल, त्रिगत, त्रिगुण, त्रिजगत्, त्रिनेत्र, त्रिपदी, त्रैत, दह, दहन, दीप्ति, द्युति, धाम, नेत्र, पद, पावक, पुं, पुर, पुरुष, पुष्कर, ब्रह्मन्, भुवन, रत्न, राम, रुद्राक्ष, रोहित, लोक, लोचन, वचन, वह्नि, विक्रम, विष्णु, विष्णुक्रम, वृत्त, वैश्वानर, शक्ति, शिखा, शिखिन्, शिवनेत्र, शूल, सप्तार्चि, सहोदर, हरनयन, हरनेत्र, हव्यभुक्, हव्यवाहन, हव्याश, हुतभुज्, हुतवह, हुताश, हुताशन, होतृ
Bopp
Latin
हुतवह m. (e हुत et वह ferens, auferens) id. RITU-S.
1. 27.
अभिधानचिन्तामणिः
Sanskrit
--source--
वह्निर्बृहद्भानुहिरण्यरेतसौ धनंजयो हव्यहविर्हुताशनः
कृपीटयोनिर्दमुना विरोचनाशुशुक्षणी छागरथस्तनूनपात् १०९७
कृशानुवैश्वानरवीतिहोत्रा वृषाकपिः पावकचित्रभानू
अप्पित्तधूमध्वजकृष्णवर्त्मार्चिष्मच्छमीगर्भतमोघ्नशुक्राः १०९८
शोचिष्केशः शुचिहुतवहोषर्बुधाः सप्तमन्त्र-
ज्वालाजिह्वो ज्वलनशिखिनौ जागृविर्जातवेदाः
बर्हिःशुष्मानिलसखवसू रोहिताश्वाश्रयाशौ
बर्हिर्ज्योतिर्दहनबहुलौ हव्यवाहोऽनलोऽग्निः १०९९
विभावसुः सप्तोदर्चिः स्वाहाग्नेयी प्रियास्य
-wordlist-
वह्नि (पुं), बृहद्भानु (पुं), हिरण्यरेतस् (पुं), धनञ्जय (पुं), हव्याशन (पुं), हविराशन (पुं), हुताशन (पुं), कृपीटयोनि (पुं), दमुनस् (पुं), विरोचन (पुं), आशुशुक्षणि (पुं), छागरथ (पुं), तनूनपाद् (पुं), कृशानु (पुं), वैश्वानर (पुं), वीतिहोत्र (पुं), वृषाकपि (पुं), पावक (पुं), चित्रभानु (पुं), अप्पित्त (क्ली), धूमध्वज (पुं), कृष्णवर्त्मन् (पुं), अर्चिष्मत् (पुं), शमीगर्भ (पुं), तमोघ्न (पुं), शुक्र (पुं), शोचिष्केश (पुं), शुचि (पुं), हुतवह (पुं), उषर्बुध (पुं), सप्तजिह्व (पुं), मन्त्रजिह्व (पुं), ज्वालाजिह्व (पुं), ज्वलन (पुं), शिखिन् (पुं), जागृवि (पुं), जातवेदस् (पुं), बर्हिःशुष्मन् (पुं), अनिलसख (पुं), वसु (पुं), रोहिताश्व (पुं), आश्रयाश (पुं), बर्हिर्ज्योति (पुं), दहन (पुं), बहुल (पुं), हव्यवाह (पुं), अनल (पुं), अग्नि (पुं), विभावसु (पुं), सप्तार्चिस् (पुं), उदर्चिस् (पुं), स्वाहा (स्त्री), आग्नेयी (स्त्री)
अभिधानरत्नमाला
Sanskrit
सप्तार्चिस्
सप्तार्चिस्, बहुल, शिखिन्, हुतवह, वैश्वानर, अग्नि, वसु, वह्नि, वायुसख, सितेतरगति, स्वाहाप्रिय, पावक, अर्चिष्मत्, ज्वलन, कृशानु, अनल, धूमध्वज, हव्यवाह्, बर्हिर्ज्योतिस्, उषर्बुध, दहन, चित्रभानु, शुचि, कृपीटयोनि, दमुनस्, कृष्णवर्त्मन्, आशुशुक्षणि, विभावसु, अपांपित्त, जातवेदस्, तनूनपाद्, वीतिहोत्र, बृहद्भानु, आश्रयाश, धनञ्जय, हिरण्यरेतस्, तमोघ्न, रोहिताश्व, हुताशन
सप्तार्चिर्बहुलः शिखी हुतवहो वैश्वानरोऽग्निर्वसु-
र्वह्निर्वायुसखः सितेतरगतिः स्वाहाप्रियः पावकः
अर्चिष्मान् ज्वलनः कृशानुरनलो धूमध्वजो हव्यवाट्,
बर्हिर्ज्योतिरुषर्बुधश्च दहनः स्याच्चित्रभानुः शुचिः ६२
कृपीटयोनिर्दमुनाः कृष्णवर्त्माशुशुक्षणिः
विभावसुरपांपित्तं जातवेदास्तनूनपात् ६३
वीतिहोत्रो बृहद्भानुराश्रयाशो धनञ्जयः
हिरण्यरेतास्तमोघ्नो रोहिताश्वो हुताशनः ६४
verse 1.1.1.62
page 0009
Mahabharata
English
Hutavaha = Agni, q.v. I
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
हुतवहः,
पुं,
(वहतीति वह + अच् हुतस्यवहः ।) अग्निः इति हेमचन्द्रः
(यथा, महाभारते २२४ ५८ ।“एतच्छ्रुत्त्वा हुतवहात् भगवान् सर्व्वलोककृत् ।हव्यवाहमिदं वाक्यमुवाच प्रहसन्निव
”)
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
हुतवह
पु०
हुतं घृतादिकं वहति प्रापयति देवान् प्रीत्यर्थम्वह--अच अग्नौ हेमच० चित्रकवृक्षे अमरः
Capeller
German
हुतवह
m.
dass. (eig. das Opfer fahrend).