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स्रष्टृ (sraSTR)

 
शब्दसागरः
English
स्रष्टृ
m.
(-ष्टा)
1. A creator, a maker.
2. BRAHMĀ.
3. ŚIVA.
E.
सृज् to
create, तृच्
aff.
, form
irr
.
Capeller Eng
English
स्रष्टृ
m.
maker, creator.
Yates
English
स्रष्टृ (ष्टा) 4.
m.
Creator
Brahmā,
Shiva.
Wilson
English
स्रष्टृ
m.
(-ष्टा)
1 A creator, a maker.
2 BRAHMĀ.
3 ŚIVA.
E.
सृज to create, तृच्
aff.
, form
irr
.
Apte
English
स्रष्टृ [sraṣṭṛ],
m.
[सृज्-तृच्]
A maker.
A creator, an epithet of Brahman
या सृष्टिः स्रष्टुराद्या
Ś.*
1.1
तत्स्रष्टुरेका- न्तरम् 7.27.
N.
of Śiva.
Apte 1890
English
स्रष्टृ m. [सृज्-तृच्] 1 A maker.
2 A creator, an epithet of Brahman
या सृष्टिः स्रष्टुराद्या Ś. 1. 1
तत्स्रष्टुरेकांतरं 7. 27.
3 N. of Śiva.
Monier Williams Cologne
English
स्रष्टृ
m.
one who emits or discharges (water
&c.
),
MBh.
a maker, author,
Nir.
Rājat.
a creator, the creator of the universe (applied to Brahmā, Śiva
&c.
),
ŚvetUp.
R.
&c.
Monier Williams 1872
English
स्रष्टृ स्रष्टृ, टा, m. (fr. rt. 1. सृज्), a
creator
a maker, author
N. of Brahmā
of Śiva.
—स्रष्टृ-ता, f. or स्रष्टृ-त्व, अम्, n. creator-
ship.
Macdonell
English
स्रष्टृ sraṣ-ṭṛ,
m.
[√ sṛj] discharger (of 🞄waters)
initiator, causer, author
creator, 🞄of the world (ord. mg.): -tva,
n.
condition 🞄of creator.
Benfey
English
स्रष्टृ स्रष्टृ, i. e. सृज् + तृ,
m.
1. A
creator, Man. 1, 33
MBh. 7, 2864
Vikr. d. 159.
2. A maker, author,
Rājat. 4, 655.
3. Brahman.
4. Śiva.
Apte Hindi
Hindi
स्रष्टृ
पुं*
- सृज् + तृच्
बनाने वाला
स्रष्टृ
पुं*
- सृज् + तृच्
रचने वाला
स्रष्टृ
पुं*
- सृज् + तृच्
"सृष्टिरचयिता, ब्रह्मा का विशेषण"
स्रष्टृ
पुं*
- सृज् + तृच्
शिव का नाम
L R Vaidya
English
srazwf {% m. %} 1. An epithet of Brahman (m.), या सृष्टिः स्रष्टुराद्या Sak.i.
2. a maker, author, creator
3. an epithet of Śiva.
अभिधानचिन्तामणिः
Sanskrit
--source--
द्रुहिणो विरिञ्चिर्द्रुघणो विरिञ्चः परमेष्ठ्यजोऽष्टश्रवणः स्वयंभूः
कमनः कविः सात्त्विकवेदगर्भौ स्थविरः शतानन्दपितामहौ कः २११
धाता विधाता विधिवेधसौ ध्रुवः पुराणगो हंसगविश्वरेतसौ
प्रजापतिर्ब्रह्मचतुर्मुखौ भवान्तकृज्जगत्कर्तृसरोरुहासनौ २१२
शंभुः शतधृतिः स्रष्टा सुरज्येष्ठो विरिञ्चनः
हिरण्यगर्भो लोकेशो नाभिपद्मात्मभूरपि २१३
-wordlist-
द्रुहिण (पुं), विरिञ्चि (पुं), द्रुघण (पुं), विरिञ्च (पुं), परमेष्ठिन् (पुं), अज (पुं), अष्टश्रवण (पुं), स्वयम्भू (पुं), कमन (पुं), कवि (पुं), सात्त्विक (पुं), वेदगर्भ (पुं), स्थविर (पुं), शतानन्द (पुं), पितामह (पुं), (पुं), धातृ (पुं), विधातृ (पुं), विधि (पुं), वेधस् (पुं), ध्रुव (पुं), पुराणग (पुं), हंसग (पुं), विश्वरेतस् (पुं), प्रजापति (पुं), ब्रह्मन् (पुं), चतुर्मुख (पुं), भवान्तकृत् (पुं), जगत्कर्तृ (पुं), सरोरुहासन (पुं), शम्भु (पुं), शतधृति (पुं), स्रष्टृ (पुं), सुरज्येष्ठ (पुं), विरिञ्चन (पुं), हिरण्यगर्भ (पुं), लोकेश (पुं), नाभिभू (पुं), पद्मभू (पुं), आत्मभू (पुं)
अभिधानरत्नमाला
Sanskrit
ब्रह्मन्
ब्रह्मन्, स्रष्टृ, परमेष्ठिन्, धातृ, पद्मभू, सुरज्येष्ठ, वेधस्, विधि, विरिञ्च, हिरण्यगर्भ, शतानन्द, शम्भु, स्वयम्भू, द्रुहिण, चतुर्वक्त्र, प्रजापति, पितामह, जगत्कर्तृ, विरञ्चि, कमलासन
ब्रह्मा स्रष्टा परमेष्ठी धाता पद्मभूः सुरज्येष्ठः
वेधा विधिर्विरिञ्चो हिरण्यगर्भः शतानन्दः
शम्भुः स्वयम्भूर्द्रुहिणश्चतुर्वक्त्रः प्रजापतिः
पितामहो जगत्कर्ता विरञ्चिः कमलासनः
verse 1.1.1.6
page 0002
ईशान
ईशान, शशिशेखर, पशुपति, शूली, शिव, शङ्कर, शर्व, शम्भु, उमापति, गिरिश, श्रीकण्ठ, उग्र, हर, सर्वज्ञ, त्रिपुरान्तक, त्रिनयन, रुद्र, कपर्दिन्, भव, भूतेश, परमेश्वर, अन्धकरिपु, दक्षाध्वरध्वंसकृत्, स्थाणु, स्रष्टृ, धूर्जटि, वामदेव, कामध्वंसिन्, व्योमकेश, कपालिन्, नीलग्रीव, वह्निरेतस्, पिनाकिन्, भीम, भर्ग, कृत्तिवासस्, वृषाङ्क, अहिर्बुध्न, विरूपाक्ष, शिपिविष्ट, गणाधिप, गङ्गाधर, महादेव, मृड, नीललोहित
ईशानः शशिशेखरः पशुपतिः शूली शिवः शङ्करः,
शर्वः शम्भुरुमापतिश्च गिरिशः श्रीकण्ठ उग्रो हरः
सर्वज्ञस्त्रिपुरान्तकस्त्रिनयनो रुद्रः कपर्दी भवो,
भूतेशः परमेश्वरोऽन्धकरिपुर्दक्षाध्वरध्वंसकृत् ११
स्थाणुः स्रष्टा धूर्जटिर्वामदेवः,
कामध्वंसी व्योमकेशः कपाली
नीलग्रीवो वह्निरेताः पिनाकी,
भीमो भर्गः कृत्तिवासा वृषाङ्कः १२
अहिर्बुध्नो विरूपाक्षः शिपिविष्टो गणाधिपः
गङ्गाधरो महादेवो मृडः स्यान्नीललोहितः १३
verse 1.1.1.11
page 0003
नाममाला
Sanskrit
विधि, वेधस्, विधातृ, द्रुहिण, अज, चतुर्मुख, पद्मयोनि, तामरसयोनि, कमलयोनि, नलिनयोनि, अरविन्दयोनि, सरोजयोनि, सरसीरुहयोनि, खरदण्डयोनि, पुण्डरीकयोनि, महोत्पलयोनि, शतपत्रयोनि, पुष्करयोनि, पद्मज, तामरसज, कमलज, नलिनज, अरविन्दज, सरोजज, सरसीरुहज, खरदण्डज, पुण्डरीकज, महोत्पलज, शतपत्रज, पुष्करज, पद्मभव, तामरसभव, कमलभव, नलिनभव, अरविन्दभव, सरोजभव, सरसीरुहभव, खरदण्डभव, पुण्डरीकभव, महोत्पलभव, शतपत्रभव, पुष्करभव, पितामह, विरञ्चिन्, हिरण्यगर्भ, स्रष्टृ, प्रजापति, सहस्रपाद्, ब्रह्मन्, आत्मभू, अनन्तात्मन्
विधिर्वेधा विधाता द्रुहिणोऽजश्चतुर्मुखः
पद्मपर्य्याययोनिश्च पितामहविरञ्चिनौ ७२
हिरण्यगर्भः स्रष्टा प्रजापतिस्सहस्रपात्
ब्रह्मात्मभूरनन्तात्मा कः तत्पुत्रोऽथ नारदः ७३
verse 0.1.1.72
page 0037
Mahabharata
English
Srashṭṛ^1 = Sūrya: III, 153.--Do.^2 = Kṛshṇa (Vishṇu): III, 481
XIII, 7012 (1000 names), 7055 (do.).
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
स्रष्टृ
पु०
सृज--तृच् नियमम् जगत्कर्त्तरि चतुर्मुखे अमरः२ शिवे हला० सर्जनकर्त्तरि
त्रि०
स्त्रियां ङीप्
Stchoupak
French
स्रष्टृ-
ag. qui envoie
créateur, not. créateur du monde, Brahma
स्रष्टार- id.