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षै (Sai)

 
शब्दसागरः
English
षै r. 1st cl. (सायति) To waste, to wane or decline.
Yates
English
षै सायति 1.
a. To waste, to de-
cline.
Wilson
English
षै r. 1st cl. (सायति) To waste, to wane or decline.
धातुपाठः (Krishnacharya)
Sanskrit
धातुः:
सै
मूलधातुः:
षै
धात्वर्थः:
क्षये
गणः:
भ्वादिः
कर्मकत्वं:
अकर्मकः
इट्त्वं:
सेट्
उपग्रहः:
परस्मैपदी
रूपम्:
सायति
अनुबन्धादिविशेषः:
ऐकारान्तः
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
षै, क्षये इति कविकल्पद्रुमः
(भ्वा०-पर०-अक०-अनिट् ।) मूर्द्धन्यादिः सायति इतिदुर्गादासः
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
षै क्षये
भ्वा०
पर०
अक० अनिट् सायात असासीत्
कृदन्तरूपमाला
Sanskrit
1 {@“षै क्षये”@} 2 ‘षै क्षये सायतीतीष्टं अन्तकर्मणि तु स्यति।’ 3 इति देवः।
‘सै’ इति केचित्।
तु पाठो भाष्यादि 4 विरोधादुपेक्ष्यः।
अष्टाध्यायीसूत्रेषु षाधातुग्रहणानि सर्वाण्यपि दैवादिकस्येति निष्कर्षः।
सातम्।
सर्वाण्यपि रूपाणि भौवादिककायतिवत् 5 बोध्यानि।
प्रासङ्गिक्यः
01
=>
(१८५६)
02
=>
(१-भ्वादिः-९१५। अक। अनि। पर।)
03
=>
(श्लो। ७)
04
=>
(६-१-६४)
05
=>
(२६३)