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शिपिविष्ट (zipiviSTa)

 
शब्दसागरः
English
शिपिविष्ट
m.
(-ष्टः)
1. A bald man.
2. A man naturally void of prepuce.
3. ŚIVA.
4. VISHṆU.
5. A leper.
E.
शिपि a ray of light, and विष्ट
entered
also शिपविष्ट and शिविपिष्ट
Capeller Eng
English
शिपिविष्ट॑
a.
the same, bald.
m.
E.
of Viṣṇu & Śiva.
Yates
English
शिपि-विष्ट (ष्टः) 1.
m.
A bald man
one without prepuce
a leper
Shiva
Vishnu.
Wilson
English
शिपिविष्ट
m.
(-ष्टः)
1 A bald man.
2 A man naturally void of prepuce.
3 ŚIVA.
4 VIṢṆU.
5 A leper.
E.
शिपि a ray of light, and विष्ट entered
also शिपविष्ट and
शिविपिष्ट.
Monier Williams Cologne
English
शिपि—विष्ट॑
mfn.
(accord. to
Sāy.
) pervaded by rays (applied to Rudra-Śiva and Viṣṇu
cf.
RTL.
416),
RV.
&c.
&c.
bald-headed,
Āpast.
‘leprous’ or ‘having no prepuce’,
L.
superfluous,
Kāṭh.
Macdonell
English
शिपिविष्ट śipi-viṣṭá,
a.
id. (V.)
bald (S.)
🞄m. (V., C.) ep. of Viṣṇu
ep. of Rudra-Śiva 🞄(rare).
Apte Hindi
Hindi
शिपिविष्ट
वि* शिपिः-विष्ट -
किरणों से व्याप्त
शिपिविष्ट
वि* शिपिः-विष्ट -
"गंजा, गंजेसिर वाला"
शिपिविष्ट
वि* शिपिः-विष्ट -
कोढ़ी
शिपिविष्टः
पुं*
शिपिः-विष्टः -
विष्णु
शिपिविष्टः
पुं*
शिपिः-विष्टः -
शिव
शिपिविष्टः
पुं*
शिपिः-विष्टः -
गंजी खोपड़ी वाला
शिपिविष्टः
पुं*
शिपिः-विष्टः -
शिश्नाग्रच्छदविहीन
शिपिविष्टः
पुं*
शिपिः-विष्टः -
कोढ़ी
L R Vaidya
English
Sipi-vizwa {% (I) a. %} 1. bald, bald-headed
2. leprous.
Sipi-vizwa {% (II) m. %} 1. an epithet of Śiva
2. of Vishṇu
3. a leper
4. a bald man
5. a man without prepuce. (Also शिपविष्ट and शिविपिष्ट in these senses.)
Schmidt Nachtrage zum Sanskrit Worterbuch
German
शिपिविष्ट 2. m. b) Bein. Rudra-Śiva's auch S I, 147, 4.
अभिधानचिन्तामणिः
Sanskrit
--source--
शंभुः शर्वः स्थाणुरीशान ईशो रुद्रोड्डीशौ वामदेवो वृषाङ्कः
कण्ठेकालः शंकरो नीलकण्ठः श्रीकण्ठोग्रौ धूर्जटिर्भीमभर्गौ १९५
मृत्युंजयः पञ्चमुखोऽष्टमूर्तिः श्मशानवेश्मा गिरिशो गिरीशः
षण्ढः कपर्दीश्वर ऊर्ध्वलिङ्ग एकत्रिदृग्भालदृगेकपादः १९६
मृडोऽट्टहासी घनवाहनोऽहिर्बुध्नो विरूपाक्षविषान्तकौ
महाव्रती वह्निहिरण्यरेताः शिवोऽस्थिधन्वा पुरुषास्थिमाली १९७
स्याव्द्योमकेशः शिपिविष्टभैरवौ दिक्कृत्तिवासा भवनीललोहितौ
सर्वज्ञनाट्यप्रियखण्डपर्शवो महापरा देवनटेश्वरा हरः १९८
पशुप्रमथभूतोमापतिः पिङ्गजटेक्षणः
पिनाकशूलखट्वाङ्गगङ्गाहीन्दुकपालभृत् १९९
गजपूषपुरानङ्गकालान्धकमखासुहृत्
-wordlist-
शम्भु (पुं), शर्व (पुं), स्थाणु (पुं), ईशान (पुं), ईश (पुं), रुद्र (पुं), उड्डीश (पुं), वामदेव (पुं), वृषाङ्क (पुं), कण्ठेकाल (पुं), शङ्कर (पुं), नीलकण्ठ (पुं), श्रीकण्ठ (पुं), उग्र (पुं), धूर्जटि (पुं), भीम (पुं), भर्ग (पुं), मृत्युञ्जय (पुं), पञ्चमुख (पुं), अष्टमूर्ति (पुं), श्मशानवेश्मन् (पुं), गिरिश (पुं), गिरीश (पुं), षण्ढ (पुं), कपर्दिन् (पुं), ईश्वर (पुं), ऊर्ध्वलिङ्ग (पुं), एकदृश् (पुं), त्रिदृश् (पुं), भालदृश् (पुं), एकपाद् (पुं), मृड (पुं), अट्टहासिन् (पुं), घनवाहन (पुं), अहिर्बुध्न (पुं), विरूपाक्ष (पुं), विषान्तक (पुं), महाव्रतिन् (पुं), वह्निरेतस् (पुं), हिरण्यरेतस् (पुं), शिव (पुं), अस्थिधन्वन् (पुं), पुरुषास्थिमालिन् (पुं), व्योमकेश (पुं), शिपिविष्ट (पुं), भैरव (पुं), दिग्वासस् (पुं), कृत्तिवासस् (पुं), भव (पुं), नीललोहित (पुं), सर्वज्ञ (पुं), नाट्यप्रिय (पुं), खण्डपर्शु (पुं), महादेव (पुं), महानट (पुं), महेश्वर (पुं), हर (पुं), पशुपति (पुं), प्रमथपति (पुं), उमापति (पुं), पिङ्गजट (पुं), पिङ्गेक्षण (पुं), पिनाकभृत् (पुं), शूलभृत् (पुं), खट्वाङ्गभृत् (पुं), गङ्गाभृत् (पुं), अहिभृत् (पुं), इन्दुभृत् (पुं), कपालभृत् (पुं), गजासुहृद् (पुं), पूषासुहृद् (पुं), अनङ्गासुहृद् (पुं), कालासुहृद् (पुं), अन्धकासुहृद् (पुं), मखासुहृद् (पुं)
--source--
पङ्गुः श्रोणः खलतिस्तु खल्वाट ऐन्द्रलुप्तिकः ४५२
शिपिविष्टो बभ्रुरथ काणः कनन एकदृक्
-wordlist-
पङ्गु (पुं), श्रोण (पुं), खलति (पुं), खल्वाट (पुं), ऐन्द्रलुप्तिक (पुं), शिपिविष्ट (पुं), बभ्रु (पुं), काण (पुं), कनन (पुं), एकदृश् (पुं)
--source--
अकर्ण एडो बधिरो दुश्चर्मा तु द्विनग्नकः ४५४
वण्डश्च शिपिविष्टश्च खोडखोरौ तु खञ्जके
-wordlist-
अकर्ण (पुं), एड (पुं), बधिर (पुं), दुश्चर्मन् (पुं), द्विनग्नक (पुं), वण्ड (पुं), शिपिविष्ट (पुं), खोड (पुं), खोर (पुं), खञ्जक (पुं)
अभिधानरत्नमाला
Sanskrit
ईशान
ईशान, शशिशेखर, पशुपति, शूली, शिव, शङ्कर, शर्व, शम्भु, उमापति, गिरिश, श्रीकण्ठ, उग्र, हर, सर्वज्ञ, त्रिपुरान्तक, त्रिनयन, रुद्र, कपर्दिन्, भव, भूतेश, परमेश्वर, अन्धकरिपु, दक्षाध्वरध्वंसकृत्, स्थाणु, स्रष्टृ, धूर्जटि, वामदेव, कामध्वंसिन्, व्योमकेश, कपालिन्, नीलग्रीव, वह्निरेतस्, पिनाकिन्, भीम, भर्ग, कृत्तिवासस्, वृषाङ्क, अहिर्बुध्न, विरूपाक्ष, शिपिविष्ट, गणाधिप, गङ्गाधर, महादेव, मृड, नीललोहित
ईशानः शशिशेखरः पशुपतिः शूली शिवः शङ्करः,
शर्वः शम्भुरुमापतिश्च गिरिशः श्रीकण्ठ उग्रो हरः
सर्वज्ञस्त्रिपुरान्तकस्त्रिनयनो रुद्रः कपर्दी भवो,
भूतेशः परमेश्वरोऽन्धकरिपुर्दक्षाध्वरध्वंसकृत् ११
स्थाणुः स्रष्टा धूर्जटिर्वामदेवः,
कामध्वंसी व्योमकेशः कपाली
नीलग्रीवो वह्निरेताः पिनाकी,
भीमो भर्गः कृत्तिवासा वृषाङ्कः १२
अहिर्बुध्नो विरूपाक्षः शिपिविष्टो गणाधिपः
गङ्गाधरो महादेवो मृडः स्यान्नीललोहितः १३
verse 1.1.1.11
page 0003
खलति
खलति, शिपिविष्ट, ऐन्द्रलुप्तिक
खलतिः शिपिविष्टः स्यादैन्द्रलुप्तिक एव ६०८
verse 2.1.1.608
page 0068
शिपिविष्ट
शिपिविष्ट, दुश्चर्मन्
दुश्चर्मण्यपि निर्दिष्टः शिपिविष्टो मनीषिभिः ८१७
verse 5.1.1.817
page 0094
नाममाला
Sanskrit
स्कन्दपितृ, शङ्कर, शम्भु, शिव, स्थाणु, महेश्वर, त्र्यम्बक, धूर्जटि, शर्व, पिनाकिन्, प्रमथाधिप, त्रिपुरारि, विशालाक्ष, गिरीश, नीललोहित, रुद्र, इन्दुमौलि, यज्ञारि, त्रिनेत्र, वृषभध्वज, उग्र, शूलिन्, कपालिन्, शिपिविष्ट, भव, हर, उमापति, विरूपाक्ष, विश्वरूप, कपर्दिन्
तत्पिता शङ्करः शम्भुः शिवः स्थाणुर्महेश्वरः
त्र्यम्बको धूर्जटिः शर्वः पिनाकी प्रमथाधिपः ६८
त्रिपुरारिर्विशालाक्षो गिरिशो नीललोहितः
रुद्रेन्दुमौलिर्यज्ञारिस्त्रिनेत्रो वृषभध्वजः ६९
उग्रः शूली कपाली शिपिविष्टो भवो हरः
उमापतिर्विरूपाक्षो विश्वरूपः कपर्द्यपि ७०
verse 0.1.1.68
page 0036
Mahabharata
English
Śipivishṭa = Kṛshṇa (Vishṇu, Nārāyaṇa): XII, 1506, 13229, 13231 (= Nārāyaṇa, etymology)
XIII, 6978 (Vishṇu's 1000 names).
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
शिपिविष्टः,
पुं,
खलतिः दुश्चर्म्मा महेश्वरः ।इत्यमरः
कुष्ठी इत्यमरटीकायां रायमुकुटः
अस्य रूपान्तरम् शिपविष्टः शिपिविष्टः ।इत्यमरटीका
विष्णुः यथा, --“नैकरूपी बृहद्रुपः शिपिविष्टः प्रकाशनः
”इति तस्य सहस्रनामस्तोत्रं रमानाथश्च
(पशुप्रविष्टे, त्रि यथा, भागवते १३ ३५ ।“पुरोडाशं निरवपन् शिपिविष्टाय विष्णवे
”“शिपिषु पशुषु यज्ञरूपेण प्रविष्टाय तथाचश्रुतिः यज्ञो वै विष्णुः पशवः शिपिः यज्ञ एवपशुषु प्रतितिष्ठतीति ।” इति श्रीधरस्वामी
)
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
शिपिविष्ट
पु०
त० खलतौ दुश्चर्मणि महेश्वरेअमरः विष्णौ शिपिशब्दे दृश्यम् “नेकरूपो वृह-द्रूपः शिपिविष्ट प्रकाशनः” विष्णुस० पृषो० शिषविष्टतत्रार्थे रमानाथः
Capeller
German
शिपिविष्ट॑
m.
Bein. Viṣṇu's 0. Śiva's.
Grassman
German
śipi-viṣṭá, a., Beiname des Vischnu, die ursprüngliche Bedeutung ist unklar
Nir. 〔5, 8〕 wird es zuerst śepa iva nirveṣṭitaḥ erklärt, also mit śepa in Zusammenhang gebracht, hernach raśmibhis āviṣṭa, indem śipi = raśmin gesetzt wird
auch die spätere Bedeutung „kahl“ scheint erst aus den Rigveda-Stellen erschlossen.
-a {615, 7}
{616, 5}.
-ás {616, 6}.
Stchoupak
French
शिपिविष्ट-
m.
Viṣṇu.