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शिखरिणी (zikhariNI)

 
Apte
English
शिखरिणी [śikhariṇī], 1 An excellent woman.
A dish of curds and sugar with spices.
A line of hair extending across the navel.
A kind of vine.
N.
of a plant (मूर्वा).
Arabian jasmine.
N.
of a metre.
Apte 1890
English
शिखरिणी 1 An excellent woman.
2 A dish of curds and sugar with spices.
3 A line of hair extending across the navel.
4 A kind of vine.
5 N. of a plant (मूर्वा)
6 Arabian jasmine.
7 N. of a metre
see App. I.
Monier Williams Cologne
English
शिखरिणी (इणी),
f.
an eminent or excellent woman,
L.
a dish of curds and sugar with spices,
Bhpr.
a line of hair extending across the navel,
L.
a kind of vine or grape,
L.
Jasminum Sambac,
L.
Sanseviera Roxburghiana,
L.
Arabian jasmine,
L.
a kind of Atyaṣṭi metre (four times ˘ ¯ ¯ ¯ ¯ ¯, ˘ ˘ ˘ ˘ ˘ ¯ ¯ ˘ ˘ ˘ ¯),
Gīt.
Śrutab.
Chandom.
Chandas
Sanskrit
सम-वृत्तम्,
अक्षराणि-
68,
पादेऽक्षराणि-
17
मात्राः - 25
सङ्ख्याजातिः - अत्यष्टिः
मात्रा-विन्यासः
दा दा दा दा दा। दा दा दा
यतिः - (७ वेति भर्तृहरिः)
लक्षण-मूलम् - वृत्तरत्नाकरः
प्रसिद्धिः -
Apte Hindi
Hindi
शिखरिणी
स्त्री*
- शिखरिन् + ङीप्
नारीरत्न
शिखरिणी
स्त्री*
- शिखरिन् + ङीप्
"चीनी मिश्रित दही जिसमें मसाले पड़े हों, श्रीखंड"
शिखरिणी
स्त्री*
- शिखरिन् + ङीप्
रोमावली जो वक्षःस्थल से चलकर नाभि को पार कर जाती है
शिखरिणी
स्त्री*
- शिखरिन् + ङीप्
एक छन्द का नाम
L R Vaidya
English
SiKariRI {% f. %} 1. An excellent woman
2. a dish of curds and sugar with other spices
3. name of a metre. (See App. I.)
SiKarin {% (I) a. (f. णी) %} Pointed, peaked.
अभिधानचिन्तामणिः
Sanskrit
--source--
गुड इक्षुरसक्वाथः शर्करा तु सितोपला ४०२
सिता मधुधूलिस्तु खण्डस्तद्विकृतिः पुनः
मत्स्यण्डी फाणितं चापि रसालायां तु भार्जिता ४०३
शिखरिण्यथ यूर्यूषो रसो दुग्धं तु सोमजम्
गोरसः क्षीरमूधस्यं स्तन्यं पुंसवनं पयः ४०४
-wordlist-
गुड (पुं), ईक्षुरसक्वाथ (पुं), शर्करा (स्त्री), सितोपला (स्त्री), सिता (स्त्री), मधुधूलि (स्त्री), खण्ड (पुंक्ली), मत्स्यण्डी (स्त्री), फाणित (क्ली), रसाला (स्त्री), मार्जिता (स्त्री), शिखरिणी (स्त्री), यू (पुं), यूष (पुंक्ली), रस (पुं), दुग्ध (क्ली), सोमज (क्ली), गोरस (पुं), क्षीर (पुंक्ली), ऊधस्य (क्ली), स्तन्य (क्ली), पुंसवन (क्ली), पयस् (क्ली)
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
शिखरिणी,
स्त्री,
रसाला वृत्तभेदः नारी-रत्नम् मल्लिका रोमावली इति मेदिनी
वृत्तभेदो यथा, --“रसै रुद्रैश्छिन्ना य-म-न-स भला गः शिख-रिणी ।करादस्य भ्रष्टे ननु शिखरिणी दृश्यति शिशो-र्विलीनाः स्मः सत्यं नियतमवधेयं तदखिलैः ।इति त्रस्यद्गोपानुचितनिभृतालापजनितंस्मितं बिभ्रत् देवो जगदवतु गोवर्द्धनधरः
”इति छन्दोमञ्जर्य्याम् स्तवकः
नवमालिका द्राक्षाविशेषः इति राज-निर्घण्टः
मूर्व्वा इति शब्दचन्द्रिका