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विष्णुपद (viSNupada)

 
शब्दसागरः
English
विष्णुपद
n.
(-दं)
1. The sky, heaven, atmosphere.
2. The sea of milk.
3.
A lotus.
f.
(-दी)
1. The Ganges.
2. One of the twelve Sankrāntis
or periods, at which the sun enters a sign of the zodiac, especially
the first sign after the equinox.
E.
विष्णु, and पद abode, or foot
where VISHṆU resides or rests, or proceeding from his foot.
Capeller Eng
English
विष्णुपद
n.
Viṣṇu's domain (the sky).
Yates
English
विष्णु-पद (दं) 1.
n.
The sky
sea of
milk
lotus.
f.
Ganges
period
of the sun's entering a zodia-
cal sign.
Spoken Sanskrit
English
विष्णुपद viSNupada
m.
sea of milk
विष्णुपद viSNupada
n.
lotus
विष्णुपद viSNupada
n.
station or footmark of viSNu
विष्णुपद viSNupada
n.
sky
विष्णुपद viSNupada
n.
mark of viSNu's foot worshipped at gayA
विष्णुपद viSNupada
n.
zenith
Wilson
English
विष्णुपद
n.
(-दं)
1 The sky, heaven, atmosphere.
2 The sea of milk.
3 A lotus.
f.
(-दी)
1 The Ganges.
2 One of the twelve Saṅkrāntis or periods, at which the sun enters a sign
of the zodiac, especially the first sign after the equinox.
E.
विष्णु, and पद् abode, or foot
where VIṢṆU resides or rests, or
proceeding from his foot.
Monier Williams Cologne
English
विष्णु—पद
n.
‘station or footmark of V°’, the zenith,
Nir.
BhP.
the sky,
MBh.
Ragh.
&c.
the mark of V°'s foot worshipped at Gayā,
RTL.
309
N.
of a sacred hill (also called °द-गिरि,
m.
),
MBh.
Hariv.
&c.
a lotus,
L.
विष्णु—पद
m.
n.
the sea of milk,
L.
Apte Hindi
Hindi
विष्णुपदम्
नपुं*
विष्णुः-पदम् -
"आकाश, अन्तरिक्ष"
विष्णुपदम्
नपुं*
विष्णुः-पदम् -
क्षीरसागर
विष्णुपदम्
नपुं*
विष्णुः-पदम् -
कमल
L R Vaidya
English
vizRu-pada {% n. %} 1. the sky, the atmosphere
2. the sea of milk
3. a lotus.
भूतसङ्ख्या
Sanskrit
०, अनन्त, अन्तरिक्ष, अभ्र, अम्बर, अम्बुद, असत्, आकाश, खं, ख, गगन, छिद्र, जलद, जलधर, जलधरपथ, दिव, नग्न, नभ, पयोद, पयोधर, पुष्कर, पूर्ण, पृथु, पृथुल, बिन्दु, मेघ, रन्ध्र, वरीय, विन्दु, वियत्, विष्णुपद, विष्णुपाद, विहायस्, वृहत्, व्योम, शून्य
Indian Epigraphical Glossary
English
viṣṇu-pada (IE 7-1-2), ‘cypher’.
Sanskrit Tibetan
Tibetan
khyab 'jug gnas
विष्णुपद
अभिधानचिन्तामणिः
Sanskrit
--source--
व्योमान्तरिक्षं गगनं घनाश्रयो विहाय आकाशमनन्तपुष्करे
अभ्रं सुराभ्रोडुमरुत्पथोऽम्बरं खं द्योदिवौ विष्णुपदं वियन्नभः १६३
-wordlist-
व्योमन् (क्ली), अन्तरिक्ष (क्ली), गगन (क्ली), घनाश्रय (पुं), विहायस् (पुंक्ली), आकाश (पुंक्ली), अनन्त (क्ली), पुष्कर (क्ली), अभ्र (क्ली), सुरपथ (पुं), अभ्रपथ (पुं), उडुपथ (पुं), मरुत्पथ (पुं), अम्बर (क्ली), (क्ली), द्यो (स्त्री), दिव् (स्त्री), विष्णुपद (क्ली), वियत् (क्ली), नभस् (क्ली)
अभिधानरत्नमाला
Sanskrit
नभस्
नभस्, मरुद्वर्त्मन्, वियत्, विहायस्, तारापथ, पुष्कर, अन्तरिक्ष, व्योमन्, अम्बर, विष्णुपद, ख, द्यौ, विहायसा, गगन, द्यु
नभो मरुद्वर्त्म वियद्विहाय-
स्तारापथः पुष्करमन्तरिक्षम्
व्योमाम्बरं विष्णुपदं खं द्यौ-
र्विहायसा स्याद्गगनं तथा द्युः १३७
verse 1.1.1.137
page 0017
Mahabharata
English
Vishṇupada (“Vishṇu's footmark”), name of several places. § 364 (Tīrthayātrāp.): III, 83, 6073 (a tīrtha).--§ 410 (Plakshāvataraṇag.): III, 130, 10543 (ºṃ nāma…tīrtham uttamaṃ).--§ 565 (Gālavacarita): V, 111, 3841 (ºṃ nāma kramatā Vishṇunā kṛtaṃ, in the north).--§ 596 (Pratijñāp.): VII, 80, 2855 (in the north, visited by Kṛshṇa and Arjuna on their way to Śiva's abode).--§ 632b (Shoḍaśarāj., cf. § 595, v. Paurava): XII, 29, 928 (a mountain, Aṅga performed sacrifices Vºe girau).--§ 766 (Ānuśāsanik.): XIII, 126, †6043 (?, “firmament, PCR.).
पुराणम्
English
विष्णुपद / VIṢṆUPADA. A place at the source of the river gaṅgā See under gaṅgā.
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
विष्णुपदं,
क्ली,
(विष्णोः पदम् ।) आकाशम् ।इत्यमरः
(यथा, रघुवंशे १६ २८ ।“वसुन्धराविष्णु पदं द्वितीय-मध्यारुरोहेव रजश्छलेन
”)क्षीरोदः इति मेदिनी
पद्मम् इति हेम-चन्द्रः
(तीर्थविशेषः यथा, महाभारते ।७ ८३ ९५ ।“तत्र विष्णुपदे स्नात्वा अर्च्चयित्वा वामनम् ।सर्व्वपापविशुद्धात्मा विष्णुलोकं गच्छति
”कैलासपर्व्वतस्य स्थानविशेषः यथा, महा-भारते १११ २२ ।“अत्र विष्णुपदं नाम क्रमता विष्णुना कृतम्
”पर्व्वतविशेषः यथा, हरिवंशे ३१ ४३ ।“तेन चित्ररथेनाथ तदा विष्णुपदे गिरौ
”)विष्णोः स्थानम् यथा, “अपुण्यपुण्योपरमे क्षीणाशेषाप्तिहेतवः ।यत्र गत्वा शोचन्ति तद्विष्णोः परमं पदम्
धर्म्मध्रुवाद्यास्तिष्ठन्ति यत्र ते लोकसाक्षिणः ।तत्सार्ष्ट्योत्पन्नयोगेद्धास्तद्विष्णोः परमं पदम्
यत्रैतदोतं प्रोतं यद्भूतं सचराचरम् ।भाव्यञ्च विश्वं मैत्रेय तद्विष्णोः परमं पदम्
दिवीव चक्षुराततं विततं तन्महात्मनाम् ।विवेकज्ञानवृद्धञ्च तद्धि विष्णोः परं पदम्
”इति विष्णुपुराणे अंशे अध्यायः
भ्रूमध्यम् यथा, --“अरुन्धतीं ध्रुवञ्चैव विष्णोस्त्रीणि पदानि ।आसन्नमृत्युर्नो पश्येच्चतुर्थं मातृमण्डलम्
अरुन्धती भवेज्जिह्वा ध्रुवो नासाग्रमुच्यते ।विष्णोः पदानि भ्रूमध्ये नेत्रयोर्म्मातृमण्डलम्
”इति काशीखण्डे ४२ अध्याये १३ १४ श्लोकौ
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
विष्णुपद
न०
विष्णोः पदमिव व्यापकत्वात् आकाशे अ-मरः त० क्षीरार्णवे मेदि० पद्मे हेमच०४ विष्णोश्चरणै कर्म० विष्णुरूपस्थाने “तद्विष्णोःपरमं पदम्” ऋ० विष्णुसूक्तम्
Capeller
German
विष्णुपद
n.
Viṣṇu's Gebiet, d. i. Luftraum,
Himmel
Zenith, Scheitelpunkt.