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विषान्तक (viSAntaka)

 
शब्दसागरः
English
विषान्तक
m.
(-कः) ŚIVA.
E.
विष poison, अन्तक destroyer
having swallow-
ed the poison that was produced at the churning of the ocean.
Yates
English
विषा_न्तक (कः) 1.
m.
Shiva.
Wilson
English
विषान्तक
m.
(-कः) ŚIVA.
E.
विष poison, and अन्तक destroyer
having swallowed the poison that
was produced at the churning of the ocean.
Monier Williams Cologne
English
विषान्तक
mfn.
‘p°-destroying, antidotal’
विषान्तक
m.
N.
of Śiva (so called because he swallowed the produced at the churning of the ocean),
L.
Apte Hindi
Hindi
विषान्तकः
पुं*
विषम्-अन्तकः -
शिव का विशेषण
L R Vaidya
English
viza-aMtaka {% m. %} an epithet of Śiva.
अभिधानचिन्तामणिः
Sanskrit
--source--
शंभुः शर्वः स्थाणुरीशान ईशो रुद्रोड्डीशौ वामदेवो वृषाङ्कः
कण्ठेकालः शंकरो नीलकण्ठः श्रीकण्ठोग्रौ धूर्जटिर्भीमभर्गौ १९५
मृत्युंजयः पञ्चमुखोऽष्टमूर्तिः श्मशानवेश्मा गिरिशो गिरीशः
षण्ढः कपर्दीश्वर ऊर्ध्वलिङ्ग एकत्रिदृग्भालदृगेकपादः १९६
मृडोऽट्टहासी घनवाहनोऽहिर्बुध्नो विरूपाक्षविषान्तकौ
महाव्रती वह्निहिरण्यरेताः शिवोऽस्थिधन्वा पुरुषास्थिमाली १९७
स्याव्द्योमकेशः शिपिविष्टभैरवौ दिक्कृत्तिवासा भवनीललोहितौ
सर्वज्ञनाट्यप्रियखण्डपर्शवो महापरा देवनटेश्वरा हरः १९८
पशुप्रमथभूतोमापतिः पिङ्गजटेक्षणः
पिनाकशूलखट्वाङ्गगङ्गाहीन्दुकपालभृत् १९९
गजपूषपुरानङ्गकालान्धकमखासुहृत्
-wordlist-
शम्भु (पुं), शर्व (पुं), स्थाणु (पुं), ईशान (पुं), ईश (पुं), रुद्र (पुं), उड्डीश (पुं), वामदेव (पुं), वृषाङ्क (पुं), कण्ठेकाल (पुं), शङ्कर (पुं), नीलकण्ठ (पुं), श्रीकण्ठ (पुं), उग्र (पुं), धूर्जटि (पुं), भीम (पुं), भर्ग (पुं), मृत्युञ्जय (पुं), पञ्चमुख (पुं), अष्टमूर्ति (पुं), श्मशानवेश्मन् (पुं), गिरिश (पुं), गिरीश (पुं), षण्ढ (पुं), कपर्दिन् (पुं), ईश्वर (पुं), ऊर्ध्वलिङ्ग (पुं), एकदृश् (पुं), त्रिदृश् (पुं), भालदृश् (पुं), एकपाद् (पुं), मृड (पुं), अट्टहासिन् (पुं), घनवाहन (पुं), अहिर्बुध्न (पुं), विरूपाक्ष (पुं), विषान्तक (पुं), महाव्रतिन् (पुं), वह्निरेतस् (पुं), हिरण्यरेतस् (पुं), शिव (पुं), अस्थिधन्वन् (पुं), पुरुषास्थिमालिन् (पुं), व्योमकेश (पुं), शिपिविष्ट (पुं), भैरव (पुं), दिग्वासस् (पुं), कृत्तिवासस् (पुं), भव (पुं), नीललोहित (पुं), सर्वज्ञ (पुं), नाट्यप्रिय (पुं), खण्डपर्शु (पुं), महादेव (पुं), महानट (पुं), महेश्वर (पुं), हर (पुं), पशुपति (पुं), प्रमथपति (पुं), उमापति (पुं), पिङ्गजट (पुं), पिङ्गेक्षण (पुं), पिनाकभृत् (पुं), शूलभृत् (पुं), खट्वाङ्गभृत् (पुं), गङ्गाभृत् (पुं), अहिभृत् (पुं), इन्दुभृत् (पुं), कपालभृत् (पुं), गजासुहृद् (पुं), पूषासुहृद् (पुं), अनङ्गासुहृद् (पुं), कालासुहृद् (पुं), अन्धकासुहृद् (पुं), मखासुहृद् (पुं)
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
विषान्तकः,
पुं,
(विषस्य अन्तकः नाशकः पीत-विषत्वात् ।) शिवः इति हेमचन्द्रः
विष-नाशके, त्रि
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
विषान्तक
पु०
विषस्यान्तक इव शिवे हेमच० त० विषहरे
त्रि०