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विशालाक्षी (vizAlAkSI)

 
Spoken Sanskrit
English
विशालाक्षी vizAlAkSI
f.
Indian heliotrope [ Tiaridium Indicum - Bot. ]
Monier Williams Cologne
English
विशालाक्षी
f.
Tiaridium Indicum,
L.
a form of Durgā,
Cat.
(°क्षी-माहात्म्य
n.
N.
of wk.)
N.
of one of the Mātṛs attendant on Skanda,
MBh.
of a Yoginī,
Hcat.
of a daughter of Śāṇḍilya,
Cat.
Apte Hindi
Hindi
विशालाक्षी
स्त्री*
विशाल-क्षी -
पार्वती का विशेषण
L R Vaidya
English
viSAla-akzI {% f. %} an epithet of Pārvatī.
Wordnet
Sanskrit
Synonyms:
दुर्गा, उमा, कात्यायनी, गौरी, ब्रह्माणी, काली, हैमवती, ईश्वरा, शिवा, भवानी, रुद्राणी, सर्वाणी, सर्वमङ्गला, अपर्णा, पार्वती, मृडानी, लीलावती, चणडिका, अम्बिका, शारदा, चण्डी, चण्डा, चण्डनायिका, गिरिजा, मङ्गला, नारायणी, महामाया, वैष्णवी, महेश्वरी, कोट्टवी, षष्ठी, माधवी, नगनन्दिनी, जयन्ती, भार्गवी, रम्भा, सिंहरथा, सती, भ्रामरी, दक्षकन्या, महिषमर्दिनी, हेरम्बजननी, सावित्री, कृष्णपिङ्गला, वृषाकपायी, लम्बा, हिमशैलजा, कार्त्तिकेयप्रसूः, आद्या, नित्या, विद्या, शुभह्करी, सात्त्विकी, राजसी, तामसी, भीमा, नन्दनन्दिनी, महामायी, शूलधरा, सुनन्दा, शुम्यभघातिनी, ह्री, पर्वतराजतनया, हिमालयसुता, महेश्वरवनिता, सत्या, भगवती, ईशाना, सनातनी, महाकाली, शिवानी, हरवल्लभा, उग्रचण्डा, चामुण्डा, विधात्री, आनन्दा, महामात्रा, महामुद्रा, माकरी, भौमी, कल्याणी, कृष्णा, मानदात्री, मदालसा, मानिनी, चार्वङ्गी, वाणी, ईशा, वलेशी, भ्रमरी, भूष्या, फाल्गुनी, यती, ब्रह्ममयी, भाविनी, देवी, अचिन्ता, त्रिनेत्रा, त्रिशूला, चर्चिका, तीव्रा, नन्दिनी, नन्दा, धरित्रिणी, मातृका, चिदानन्दस्वरूपिणी, मनस्विनी, महादेवी, निद्रारूपा, भवानिका, तारा, नीलसरस्वती, कालिका, उग्रतारा, कामेश्वरी, सुन्दरी, भैरवी, राजराजेश्वरी, भुवनेशी, त्वरिता, महालक्ष्मी, राजीवलोचनी, धनदा, वागीश्वरी, त्रिपुरा, ज्वाल्मुखी, वगलामुखी, सिद्धविद्या, अन्नपूर्णा, विशालाक्षी, सुभगा, सगुणा, निर्गुणा, धवला, गीतिः, गीतवाद्यप्रिया, अट्टालवासिनी, अट्टहासिनी, घोरा, प्रेमा, वटेश्वरी, कीर्तिदा, बुद्धिदा, अवीरा, पण्डितालयवासिनी, मण्डिता, संवत्सरा, कृष्णरूपा, बलिप्रिया, तुमुला, कामिनी, कामरूपा, पुण्यदा, विष्णुचक्रधरा, पञ्चमा, वृन्दावनस्वरूपिणी, अयोध्यारुपिणी, मायावती, जीमूतवसना, जगन्नाथस्वरूपिणी, कृत्तिवसना, त्रियामा, जमलार्जुनी, यामिनी, यशोदा, यादवी, जगती, कृष्णजाया, सत्यभामा, सुभद्रिका, लक्ष्मणा, दिगम्बरी, पृथुका, तीक्ष्णा, आचारा, अक्रूरा, जाह्नवी, गण्डकी, ध्येया, जृम्भणी, मोहिनी, विकारा, अक्षरवासिनी, अंशका, पत्रिका, पवित्रिका, तुलसी, अतुला, जानकी, वन्द्या, कामना, नारसिंही, गिरीशा, साध्वी, कल्याणी, कमला, कान्ता, शान्ता, कुला, वेदमाता, कर्मदा, सन्ध्या, त्रिपुरसुन्दरी, रासेशी, दक्षयज्ञविनाशिनी, अनन्ता, धर्मेश्वरी, चक्रेश्वरी, खञ्जना, विदग्धा, कुञ्जिका, चित्रा, सुलेखा, चतुर्भुजा, राका, प्रज्ञा, ऋद्भिदा, तापिनी, तपा, सुमन्त्रा, दूती, अशनी, कराला, कालकी, कुष्माण्डी, कैटभा, कैटभी, क्षत्रिया, क्षमा, क्षेमा, चण्डालिका, जयन्ती, भेरुण्डा
noun
सा देवी यया नैके दैत्याः हताः तथा या आदिशक्तिः अस्ति इति मन्यते।
"नवरात्रोत्सवे स्थाने स्थाने दुर्गायाः प्रतिष्ठापना क्रियते।"
अभिधानचिन्तामणिपरिशिष्टम्
Sanskrit
--source--
गौतमी कौशिकी कृष्णा तामसी बाभ्रवी जया ४७
कालरात्रिर्महामाया भ्रामरी यादवी वरा
बर्हिध्वजा शूलधरा परमब्रह्मचारिणी ४८
अमोघा विन्ध्यनिलया षष्ठी कान्तारवासिनी
जाङ्गुली बदरीवासा वरदा कृष्णपिङ्गला ४९
p{0003}
दृषद्वतीन्द्रभगिनी प्रगल्भा रेवती तथा
महाविद्या सिनीवाली रक्तदन्त्येकपाटला ५०
एकपर्णा बहुभुजा नन्दपुत्री महाजया
भद्रकाली महाकाली योगिनी गणनायिका ५१
हासा भीमा प्रकूष्माण्डी गदिनी वारुणी हिमा
अनन्ता विजया क्षेमा मानस्तोका कुहावती ५२
चारणा पितृगणा स्कन्दमाता घनाञ्जनी
गान्धर्वी कर्वरी गार्गी सावित्री ब्रह्मचारिणी ५३
कोटिश्रीर्सन्दरावासा केशी मलयवासिनी
कालायनी विशालाक्षी किराती गोकुलोद्भवा ५४
एकानसी नारायणी शैला शाकंभरीश्वरी
प्रकीर्णकेशी कुण्डा नीलवस्त्रोग्रचारिणी ५५
अष्टादशभुजा पौत्री शिवदूती यमस्वसा
सुनन्दा विकचा लम्बा जयन्ती नकुलाकुला ५६
विलङ्का नन्दिनी नन्दा नन्दयन्ती निरञ्जना
कालंजरी शतमुखी विकराली करालिका ५७
विरजाः पुरला जीरी बहुपुत्री कुलेश्वरी
कैटभी कालदमनी दर्दुरा कुलदेवता ५८
रौद्री कुन्द्रा महारौद्री कालंगमा महानिशा
बलदेवस्वसा पुत्री हीरी क्षेमंकरी प्रभा ५९
मारी हैमवती चापि गोला शिखरवासिनी
-wordlist-
गौतमी (स्त्री), कौशिकी (स्त्री), कृष्णा (स्त्री), तामसी (स्त्री), बाभ्रवी (स्त्री), जया (स्त्री), कालरात्रि (स्त्री), महामाया (स्त्री), भ्रामरी (स्त्री), यादवी (स्त्री), वरा (स्त्री), बर्हिध्वजा (स्त्री), शूलधरा (स्त्री), परमब्रह्मचारिणी (स्त्री), अमोघा (स्त्री), विन्ध्यनिलया (स्त्री), षष्ठी (स्त्री), कान्तारवासिनी (स्त्री), जाङ्गुली (स्त्री), बदरीवासा (स्त्री), वरदा (स्त्री), कृष्णपिङ्गला (स्त्री), दृषद्वती (स्त्री), इन्द्रभगिनी (स्त्री), प्रगल्भा (स्त्री), रेवती (स्त्री), महाविद्या (स्त्री), सिनीवाली (स्त्री), रक्तदन्ती (स्त्री), एकपाटला (स्त्री), एकपर्णा (स्त्री), बजुभुजा (स्त्री), नन्दपुत्री (स्त्री), महाजया (स्त्री), भद्रकाली (स्त्री), महाकाली (स्त्री), योगिनी (स्त्री), गणनायिका (स्त्री), हासा (स्त्री), भीमा (स्त्री), प्रकूष्माण्डी (स्त्री), गदिनी (स्त्री), वारुणी (स्त्री), हिमा (स्त्री), अनन्ता (स्त्री), विजया (स्त्री), क्षेमा (स्त्री), मानस्तोका (स्त्री), कुहावती (स्त्री), चारणा (स्त्री), पितृगणा (स्त्री), स्कन्दमाता (स्त्री), घनाञ्जनी (स्त्री), गान्धर्वी (स्त्री), कर्बुरा (स्त्री), गार्गी (स्त्री), सावित्री (स्त्री), ब्रह्मचारिणी (स्त्री), कोटिश्री (स्त्री), मन्दरावासा (स्त्री), केशी (स्त्री), मलयवासिनी (स्त्री), कालायनी (स्त्री), विशालाक्षी (स्त्री), किराती (स्त्री), गोकुलोद्भवा (स्त्री), एकानसी (स्त्री), नारायणी (स्त्री), शैला (स्त्री), शाकम्भरी (स्त्री), ईश्वरी (स्त्री), प्रकीर्णकेशी (स्त्री), कुण्डा (स्त्री), नीलवस्त्रा (स्त्री), उग्रचारिणी (स्त्री), अष्टादशभुजा (स्त्री), पौत्री (स्त्री), शिवदूती (स्त्री), यमस्वसा (स्त्री), सुनन्दा (स्त्री), विकचा (स्त्री), लम्बा (स्त्री), जयन्ती (स्त्री), नकुला (स्त्री), कुला (स्त्री), विलङ्का (स्त्री), नन्दिनी (स्त्री), नन्दा (स्त्री), नन्दयन्ती (स्त्री), निरञ्जना (स्त्री), कालञ्जरी (स्त्री), शतमुखी (स्त्री), विकराला (स्त्री), करालिका (स्त्री), विरजस् (स्त्री), पुरला (स्त्री), जारी (स्त्री), बहुपुत्री (स्त्री), कुलेश्वरी (स्त्री), कैटभी (स्त्री), कालदमनी (स्त्री), दर्दुरा (स्त्री), कुलदेवता (स्त्री), रौद्री (स्त्री), कुन्द्रा (स्त्री), महारौद्री (स्त्री), कालङ्गमा (स्त्री), महानिशा (स्त्री), बलदेवस्वसृ (स्त्री), पुत्री (स्त्री), हीरी (स्त्री), क्षेमङ्करी (स्त्री), प्रभा (स्त्री), मारी (स्त्री), हैमवती (स्त्री), गोला (स्त्री), शिखरवासिनी (स्त्री)
Mahabharata
English
Viśālākshī, a mātṛ. § 615u (Skanda): IX, 46, 2621.
पुराणम्
English
विशालाक्षी / VIŚĀLĀKṢĪ. An attendant of subrahmaṇya. (M.B. śalya Parva, Chapter 46, Stanza 3).
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
विशालाक्षी,
स्त्री,
(विशाले अक्षिणी यस्याः ।)वरस्त्री इति विश्वः
(यथा, महाभारते ।१ ७७ १३ ।“यत्रोषितं विशालाक्षि त्वया चन्द्रनिभानने ।तत्राहमुषितो भद्रेकुक्षौ काव्यस्य भामिनि
”)नागदन्ती इति राजनिर्घण्टः
पार्व्वती ।यथा, आदियामले ।ईश्वर उवाच ।“ध्रुवमाद्यं समुद्धृत्य मायाबीजं समुद्धरेत् ।विशालाक्षीपदं ङेऽन्तं हृदन्तं मन्त्रमुद्धरेत्
अष्टाक्षरी महाविद्या अष्टसिद्धिप्रदा शिवे ।प्रसङ्गात् कथिता विद्या त्रैलोक्यदुर्ल्लभा प्रिये
ऋषिरस्या महेशानि सदाशिवो महाप्रभुः ।पंक्तिश्च छन्दः कथितं विशालाक्षी देवता
शक्तिः प्रणवमित्युक्तं लज्जाबीजञ्च बीजकम् ।धर्म्मार्थकाममोक्षेषु विनियोगः प्रकीर्त्तितः
अङ्गन्यासकरन्यासौ यथावदभिधीयते ।षड्दीर्घभाजा बीजेन प्रणवाद्येन कल्पयेत्
मूलेन व्यापकं न्यस्य ध्यायेद्देवीं परां शिवाम् ।ध्यायेद्देवीं विशालाक्षीं तप्तजाम्बूनदप्रभाम्
द्बिभुजामम्बिकां चण्डीं खड्गखर्परधारिणीम् ।नानालङ्कारसुभगां रक्ताम्बरधरां शुभाम्
सदा षोडशवर्षीयां प्रसन्नास्यां त्रिलोचनाम् ।मुण्डमालावतीं रम्यां पीनोन्नतपयोधराम्
शिवोपरि महादेवीं जटामुकुटमण्डिताम् ।शत्रुक्षयकरीं देवीं साधकाभीष्टदायिकाम्
सर्व्वसौभाग्यजननीं महासम्पत्प्रदां स्मरेत् ।एवं ध्यात्वा महादेवीमुपचारैः प्रपूजयेत्
पुरश्चरणकाले तु वर्णलक्षं जपेत् सुधीः ।यन्त्रमध्ये समावाह्य प्रतिष्ठां कारयेत्ततः
त्रिकोणञ्चाष्टपत्रञ्च ततो वृत्तं समालिखेत् ।चतुरस्रं चतुर्द्बारमेवं मण्डलमालिखेत्
तत्रावाह्य यजेद्देवीं सर्व्वसौभाग्यसुन्दरीम् ।विशालाक्षीं विशालास्यां यथाविधि प्रपूजयेत्
त्रिकोणान्तर्महादेवीं संपूज्य मातरः क्रमात् ।पङ्कजाक्षी विरूपाक्षी रक्ताक्षी चण्डलोचना
एकनेत्रा द्विनेत्रा कोटराक्षी त्रिलोचना ।एताः पूज्या महेशानि पत्राग्रेष्वष्टयोगिनीः
पश्चिमादिक्रमेणैव अष्टसिद्धिस्वरूपिणीः ।चतुरस्रे महादेवि लोकपालान् समर्च्चयेत्
तद्बहिश्चैव वज्राद्यान् पूजयेद्भाग्यहेतवे ।ततो यथाशक्ति जप्त्वा पूर्व्ववच्च समाचरेत्
”इति तन्त्रसारः
*
चतुःषष्टियोगिन्यन्तर्गतयोगिनीविशेषः इतिदुर्गार्च्चापद्धतिः