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विभाकर (vibhAkara)

 
शब्दसागरः
English
विभाकर
m.
(-रः)
1. The sun.
2. Fire.
E.
विभा light, and कर who makes.
Yates
English
विभा-कर (रः) 1.
m.
The sun
fire.
Wilson
English
विभाकर
m.
(-रः)
1 The sun.
2 Fire.
E.
विभा light, and कर who makes.
Monier Williams Cologne
English
2. वि-भा—कर
m.
‘light-maker’, the sun,
Sāh.
fire,
L.
that portion of the moon which is illumined by the sun,
Gaṇit.
a king, prince (and ‘the sun’),
Sāh.
Benfey
English
विभाकर विभा-कर,
m.
1. The sun,
Sāh. Darp. p. 312, 2.
2. Fire.
Apte Hindi
Hindi
विभाकरः
पुं*
विभा-करः -
सूर्य
विभाकरः
पुं*
विभा-करः -
मदार का पौधा
विभाकरः
पुं*
विभा-करः -
चन्द्रमा
L R Vaidya
English
viBA-kara {% m. %} 1. the sun
2. fire
3. the arka plant.
Aufrecht Catalogus Catalogorum
English
विभाकर and विभाकर शर्मन् poet. Skm.
अभिधानचिन्तामणिः
Sanskrit
--source--
आदित्यः सवितार्यमा खरसहस्रोष्णांशुरंशू रवि-
र्मार्तण्डस्तरणिर्गभस्तिररुणो भानुर्नभोऽहर्मणिः
सूर्योऽर्कः किरणो भगो ग्रहपुषः पूषा पतङ्गः खगो
मार्ताण्डो यमुनाकृतान्तजनकः प्रद्योतनस्तापनः ९५
p{0008}
ब्रध्नो हंसश्चित्रभानुर्विवस्वान्सूरस्त्वष्टा द्वादशात्मा हेलिः
मित्रो ध्वान्तारातिरब्जांशुहस्तश्चक्राब्जाहर्बान्धवः सप्तसप्तिः ९६
दिवादिनाहर्दिवसप्रभाविभाभासः करः स्यान्मिहिरो विरोचनः
ग्रहाब्जिनीगोद्युपतिर्विकर्तनो हरिः शुचीनौ गगनाद्ध्वजाध्वगौ ९७
हरिदश्वो जगत्कर्मसाक्षी भास्वान्विभावसुः
त्रयीतनुर्जगच्चक्षुस्तपनोऽरुणसारथिः ९८
-wordlist-
आदित्य (पुं), सवितृ (पुं), अर्यमन् (पुं), खरांशु (पुं), सहस्रांशु (पुं), उष्णांशु (पुं), अंशु (पुं), रवि (पुं), मार्तण्ड (पुं), तरणि (पुं), गभस्ति (पुं), अरुण (पुं), भानु (पुं), नभोमणि (पुं), अहर्मणि (पुं), सूर्य (पुं), अर्क (पुं), किरण (पुं), भग (पुं), ग्रहपुष (पुं), पूषन् (पुं), पतङ्ग (पुं), खग (पुं), मार्ताण्ड (पुं), यमुनाजनक (पुं), कृतान्तजनक (पुं), प्रद्योतन (पुं), तापन (पुं), ब्रध्न (पुं), हंस (पुं), चित्रभानु (पुं), विवस्वत् (पुं), सूर (पुं), त्वष्टृ (पुं), द्वादशात्मन् (पुं), हेलि (पुं), मित्र (पुं), ध्वान्ताराति (पुं), अब्जहस्त (पुं), अंशुहस्त (पुं), चक्रबान्धव (पुं), अब्जबान्धव (पुं), अहर्बान्धव (पुं), सप्तसप्ति (पुं), दिवाकर (पुं), दिनकर (पुं), अहस्कर (पुं), दिवसकर (पुं), प्रभाकर (पुं), विभाकर (पुं), भास्कर (पुं), मिहिर (पुं), विरोचन (पुं), ग्रहपति (पुं), अब्जिनीपति (पुं), गोपति (पुं), द्युपति (पुं), विकर्तन (पुं), हरि (पुं), शुचि (पुं), इन (पुं), गगनध्वज (पुं), गगनाध्वग (पुं), हरिदश्व (पुं), जगत्साक्षिन् (पुं), कर्मसाक्षिन् (पुं), भास्वत् (पुं), विभावसु (पुं), त्रयीतनु (पुं), जगच्चक्षुस् (पुं), तपन (पुं), अरुणसारथि (पुं)
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
विभाकरः,
पुं,
(वि + भा + कृ + “दिवाविभा-निशेति ।” २१ इति टः ।) सूर्य्यः ।(यथा, साहित्यदर्पणे १० अर्थश्लेशे ।“सहसा भूयसाविष्टो विभाति विभाकरः
”)अर्कवृक्षः चित्रकवृक्षः इत्यमरः अग्निः ।इति मेदिनी रे, २९७
(त्रि, प्रकाशशीलः
)
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
विभाकर
पु०
विभा प्रकाशं करोति कृ--अच् सूर्य्ये२ अर्कवृक्ष चित्रकवृक्षे अमरः अग्नौ मेदि०