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वरूथिनी (varUthinI)

 
Spoken Sanskrit
English
वरूथिनी - varUthinI -
f.
- multitude
वरूथिनी - varUthinI -
f.
- army
वरूथिनी - varUthinI -
f.
- troop
Monier Williams Cologne
English
वरूथिनी a (इनी),
f.
, see next.
वरूथिनी b
f.
a multitude, troop, army,
MBh.
Kāv.
&c.
Apte Hindi
Hindi
वरूथिनी
स्त्री*
- -
सेना
L R Vaidya
English
varUTin {% (I) a. (f. नी) %} 1. Wearing an armour
2. furnished with a protecting plank, अवनिमेकरथेन वरूथिना जितवतः किल तस्य धनुर्भृतः R.ix.11
3. protecting, sheltering.
varUTinI {% f. %} An army, a host, अप्रतिबोधाय सुष्वाप गृध्रच्छाये वरूथिनी R.xii.50, Sis.xii.77.
Bopp
Latin
वरूथिनी f. (a praec. s. इन् in fem.)
1) exercitus. AM.
2) n. pr. Apsarasae. IN. 2. 29.
अभिधानचिन्तामणिः
Sanskrit
--source--
वाहिनी पृतना सेना बलं सैन्यमनीकिनी ७४५
कटकं ध्वजिनी तन्त्रं दण्डोऽनीकं पताकिनी
वरूथिना चमूश्चक्रं स्कन्धवारोऽस्य तु स्थितिः ७४६
शिबिरं रचना तु स्याद्व्यूहो दण्डादिको युधि
-wordlist-
वाहिनी (स्त्री), पृतना (स्त्री), सेना (स्त्री), बल (क्ली), सैन्य (क्ली), अनीकिनी (स्त्री), कटक (क्ली), ध्वजिनी (स्त्री), तन्त्र (क्ली), दण्ड (पुं), अनीक (क्ली), पताकिनी (स्त्री), वरूथिनी (स्त्री), चमू (स्त्री), चक्र (पुंक्ली), स्कन्धावार (पुं), शिबिर (क्ली), व्यूह (पुं)
अभिधानरत्नमाला
Sanskrit
पृतना
पृतना, सेना, ध्वजिनी, पताकिनी, वाहिनी, बल, सैन्य, चक्र, चमू, वरूथिनी, अनीकिनी, अनीक
पृतना सेना ध्वजिनी पताकिनी वाहिनी बलं सैन्यम्
चक्रं चमूर्वरूथिन्यनीकिनी स्यादनीकं ४५७
verse 2.1.1.457
page 0053
नाममाला
Sanskrit
अक्षौहिणी, बल, अनीक, वाहिनी, साधन, चमू, ध्वजिनी, पृतना, सेना, सैन्य, दण्ड, वरूथिनी
अक्षौहिणी बलानीकं वाहिनी साधनं चमूः
ध्वजिनी पृतना सेना सैन्यं दण्डो वरूथिनी ८६
verse 0.1.1.86
page 0044
Mahabharata
English
Varūthinī, an Apsaras. § 336 (Indralokābhigamanap.): III, 43, 1784 (in the world of Indra).
पुराणम्
English
वरूथिनी / VARŪTHINĪ. A celestial maid This celestial maid performed a dance in the palace of indra, in honour of the visit of arjuna. (M.B. Vana Parva, Chapter 43, Stanza 29).
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
वरूथिनी,
स्त्री,
(वरूथं तनुत्राणादिकमस्त्यस्याइति वरूथ + इनिः ङीप् ।) सेना इत्य-मरः ७८
(यथा, रघुः ११ ५८ ।“तस्य जातु मरुतः प्रतीपगाःवर्त्मसु ध्वजतरुप्रमाथिनः ।चिक्लिशुर्भृशतया वरूथिनी-मत्तटा इव नदीरयाः स्तलीम्
”)
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
वरूथिनी स्त्री वरूथोऽस्त्यस्याः इनि सेनायाम् अमरः