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माषपर्णी (mASaparNI)

 
Yates
English
माष-पर्णी (र्णी) 3.
f.
A leguminous
shrub (Glycine debilis).
Wilson
English
माषपर्णी
f.
(-र्णी) A kind of leguminous shrub, (Glycine debilis.)
E.
माष the kidney bean, and पर्ण a leaf,
aff.
ङीष् resembling it
in the leaf.
Monier Williams Cologne
English
माष—पत्त्रिका and माष—पर्णी,
f.
Glycine Debilis,
Var.
Suśr.
Shabdartha Kaustubha
Kannada
माषपर्णी
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಕಡು ಉದ್ದಿನ ಗಿಡ
व्युत्पत्तिः - > माषस्येव पर्णान्यस्य
Wordnet
Sanskrit
Synonyms:
माषपर्णी, हयपुच्छी, काम्बोजी, महासहा, सिंहपुच्छी, ऋषिप्रोक्ता, कृष्णवृन्ता, पाण्डुलोमशपर्णिनी, आर्द्रमाषा, मांसमाषा, मङ्गल्या, हयपुच्छिका, हंसमाषा, अश्वपुच्छा, पाण्डुरा, माषपर्णिका, कल्याणी, वज्रमूली, शालिपर्णी, विसारिणी, आत्मोद्भवा, बहुफला, स्वयम्भूः सुलभा, घना, सिंहविन्ना, विशाचिका
noun
वनमाषः।
"माषपर्ण्याः उपयोगः भेषजरूपेण भवति।"
अमरकोशः
Sanskrit
Word: माषपर्णी
Root: माषपर्णी
Gender: स्त्री
Number: all
Meaning(s):
kind of leguminous plant shrub used in traditional medicine [Glycine Debilis - Bot.]
Shloka(s):
2|4|138|2 हयपुच्छी तु काम्बोजी माषपर्णी महासहा॥ (वनौषधिवर्गः)
Synonym(s):
2|4|138|2 हयपुच्छी (हयपुच्छी) (स्त्री)
2|4|138|2 काम्बोजी (काम्बोजी) (स्त्री) kind of leguminous plant shrub used in traditional medicine [Glycine Debilis - Bot.]
2|4|138|2 माषपर्णी (माषपर्णी) (स्त्री) kind of leguminous plant shrub used in traditional medicine [Glycine Debilis - Bot.]
2|4|138|2 महासहा (महासहा) (स्त्री)
Related word(s):
परा_अपरासंबन्धः लता
जातिः लता
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
माषपर्णी,
स्त्री,
(माषस्य पर्णमिव पर्णं यस्याः ।ततो ङीष् ।) वनमाषः माषाणी इतिभाषा तत्पर्य्यायः हयपुच्छी काम्बोजी ३महासहा इत्यमरः १३८
सिंह-पुच्छी ऋषिप्रोक्ता कृष्णवृन्ता पाण्डु-लोमशपर्णिनी इति रत्नमाला
आर्द्र-माषा मांसमाषा १० मङ्गल्या ११ हय-पुच्छिका १२ हंसमाषा १३ अश्वपुच्छा १४पाण्डुरा १५ माषपर्णिका १६ कल्याणी १७वज्रमूली १८ शालिपर्णी १९ विसारिणी २०आत्मोद्भवा २१ बहुफला २२ स्वयम्भूः २३सुलभा २४ घना २५ सिंहविन्ना २६ विशा-चिका २७ अस्या गुणाः तिक्तरसत्वम् ।वृष्यत्वम् दाहज्वरापहत्वम् शुक्रवृद्धिकारि-त्वम् बल्यत्वम् शीतलत्वम् पुष्टिवर्द्धनत्वञ्च ।इति राजनिर्घण्टः
अपि भावप्रकाशे ।“माषपर्णी सूर्य्यपर्णी काम्बोजी हयपुच्छिका ।पाण्डुलोमशपर्णी कृष्णवृन्ता महासहा
माषपर्णी हिमा तिक्ता रूक्षा शुक्रबलाशकृत् ।मधुरा ग्राहिणी शोषा वातपित्तज्वरास्रजित्
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
माषपर्णी स्त्री माषस्येव पर्णान्यस्याः ङीप् वनमाषे अमरः