| YouTube Channel

महाकाली (mahAkAlI)

 
Monier Williams Cologne
English
महा—काली
f.
N.
of Durgā in her terrific form,
MBh.
Buddh.
of one of D°'s attendants,
W.
(with Jainas) of one of the 16 Vidyā-devīs,
Hemac.
of a goddess who executed the commands of the 5th Arhat of the present Avasarpiṇī, ib.
Apte Hindi
Hindi
महाकाली
स्त्री*
महा-काली -
दुर्गा देवी का डरावना रुप
Shabdartha Kaustubha
Kannada
महाकाली
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಪಾರ್ವತಿ /ದುರ್ಗಾದೇವಿ
L R Vaidya
English
mahA-kAlI {% f. %} an epithet of Durgā in her terrific form.
Wordnet
Sanskrit
Synonyms:
दुर्गा, उमा, कात्यायनी, गौरी, ब्रह्माणी, काली, हैमवती, ईश्वरा, शिवा, भवानी, रुद्राणी, सर्वाणी, सर्वमङ्गला, अपर्णा, पार्वती, मृडानी, लीलावती, चणडिका, अम्बिका, शारदा, चण्डी, चण्डा, चण्डनायिका, गिरिजा, मङ्गला, नारायणी, महामाया, वैष्णवी, महेश्वरी, कोट्टवी, षष्ठी, माधवी, नगनन्दिनी, जयन्ती, भार्गवी, रम्भा, सिंहरथा, सती, भ्रामरी, दक्षकन्या, महिषमर्दिनी, हेरम्बजननी, सावित्री, कृष्णपिङ्गला, वृषाकपायी, लम्बा, हिमशैलजा, कार्त्तिकेयप्रसूः, आद्या, नित्या, विद्या, शुभह्करी, सात्त्विकी, राजसी, तामसी, भीमा, नन्दनन्दिनी, महामायी, शूलधरा, सुनन्दा, शुम्यभघातिनी, ह्री, पर्वतराजतनया, हिमालयसुता, महेश्वरवनिता, सत्या, भगवती, ईशाना, सनातनी, महाकाली, शिवानी, हरवल्लभा, उग्रचण्डा, चामुण्डा, विधात्री, आनन्दा, महामात्रा, महामुद्रा, माकरी, भौमी, कल्याणी, कृष्णा, मानदात्री, मदालसा, मानिनी, चार्वङ्गी, वाणी, ईशा, वलेशी, भ्रमरी, भूष्या, फाल्गुनी, यती, ब्रह्ममयी, भाविनी, देवी, अचिन्ता, त्रिनेत्रा, त्रिशूला, चर्चिका, तीव्रा, नन्दिनी, नन्दा, धरित्रिणी, मातृका, चिदानन्दस्वरूपिणी, मनस्विनी, महादेवी, निद्रारूपा, भवानिका, तारा, नीलसरस्वती, कालिका, उग्रतारा, कामेश्वरी, सुन्दरी, भैरवी, राजराजेश्वरी, भुवनेशी, त्वरिता, महालक्ष्मी, राजीवलोचनी, धनदा, वागीश्वरी, त्रिपुरा, ज्वाल्मुखी, वगलामुखी, सिद्धविद्या, अन्नपूर्णा, विशालाक्षी, सुभगा, सगुणा, निर्गुणा, धवला, गीतिः, गीतवाद्यप्रिया, अट्टालवासिनी, अट्टहासिनी, घोरा, प्रेमा, वटेश्वरी, कीर्तिदा, बुद्धिदा, अवीरा, पण्डितालयवासिनी, मण्डिता, संवत्सरा, कृष्णरूपा, बलिप्रिया, तुमुला, कामिनी, कामरूपा, पुण्यदा, विष्णुचक्रधरा, पञ्चमा, वृन्दावनस्वरूपिणी, अयोध्यारुपिणी, मायावती, जीमूतवसना, जगन्नाथस्वरूपिणी, कृत्तिवसना, त्रियामा, जमलार्जुनी, यामिनी, यशोदा, यादवी, जगती, कृष्णजाया, सत्यभामा, सुभद्रिका, लक्ष्मणा, दिगम्बरी, पृथुका, तीक्ष्णा, आचारा, अक्रूरा, जाह्नवी, गण्डकी, ध्येया, जृम्भणी, मोहिनी, विकारा, अक्षरवासिनी, अंशका, पत्रिका, पवित्रिका, तुलसी, अतुला, जानकी, वन्द्या, कामना, नारसिंही, गिरीशा, साध्वी, कल्याणी, कमला, कान्ता, शान्ता, कुला, वेदमाता, कर्मदा, सन्ध्या, त्रिपुरसुन्दरी, रासेशी, दक्षयज्ञविनाशिनी, अनन्ता, धर्मेश्वरी, चक्रेश्वरी, खञ्जना, विदग्धा, कुञ्जिका, चित्रा, सुलेखा, चतुर्भुजा, राका, प्रज्ञा, ऋद्भिदा, तापिनी, तपा, सुमन्त्रा, दूती, अशनी, कराला, कालकी, कुष्माण्डी, कैटभा, कैटभी, क्षत्रिया, क्षमा, क्षेमा, चण्डालिका, जयन्ती, भेरुण्डा
noun
सा देवी यया नैके दैत्याः हताः तथा या आदिशक्तिः अस्ति इति मन्यते।
"नवरात्रोत्सवे स्थाने स्थाने दुर्गायाः प्रतिष्ठापना क्रियते।"
अभिधानचिन्तामणिः
Sanskrit
--source--
चक्रेश्वर्यजितबला दुरितारिश्च कालिका
महाकाली श्यामा शान्ता भृकुटिश्च सुतारका ४४
अशोका मानवी चण्डा विदिता चाङ्कुशा तथा
कंदर्पा निर्वाणी बला धारिणी धरणप्रिया ४५
नरदत्ताथ गान्धार्यम्बिका पद्मावती तथा
सिद्धायिका चेति जैन्यः क्रमाच्छासनदेवताः ४६
-wordlist-
शासनदेवता (स्त्री), चक्रेश्वरी (स्त्री), अजितबला (स्त्री), दुरितारि (स्त्री), कालिका (स्त्री), महाकाली (स्त्री), श्यामा (स्त्री), शान्ता (स्त्री), भृकुटि (स्त्री), सुतारका (स्त्री), अशोका (स्त्री), मानवी (स्त्री), चण्डा (स्त्री), विदिता (स्त्री), अङ्कुशा (स्त्री), कन्दर्पा (स्त्री), निर्वाणी (स्त्री), बला (स्त्री), धारिणी (स्त्री), धरणप्रिया (स्त्री), नरदत्ता (स्त्री), गान्धारी (स्त्री), अम्बिका (स्त्री), पद्मावती (स्त्री), सिद्धायिका (स्त्री)
--source--
रोहिणी प्रज्ञप्तिर्वज्रशृङ्खला कुलिशाङ्कुशा
चक्रेश्वरी नरदत्ता काल्यथासौ महापरा २३९
गौरी गान्धारी सर्वास्त्रमहाज्वाला मानवी
वैरोट्याछुप्ता मानसी महामानसिकेति ताः २४०
-wordlist-
विद्यादेवी (स्त्री), रोहिणी (स्त्री), प्रज्ञप्ति (स्त्री), वज्रशृङ्खला (स्त्री), कुलिशाङ्कुशा (स्त्री), चक्रेश्वरी (स्त्री), नरदत्ता (स्त्री), काली (स्त्री), महाकाली (स्त्री), गौरी (स्त्री), गान्धारी (स्त्री), सर्वास्त्रमहाज्वाला (स्त्री), मानवी (स्त्री), वैराट्या (स्त्री), अच्छुप्ता (स्त्री), मानसी (स्त्री), महामानसिका (स्त्री)
अभिधानचिन्तामणिपरिशिष्टम्
Sanskrit
--source--
गौतमी कौशिकी कृष्णा तामसी बाभ्रवी जया ४७
कालरात्रिर्महामाया भ्रामरी यादवी वरा
बर्हिध्वजा शूलधरा परमब्रह्मचारिणी ४८
अमोघा विन्ध्यनिलया षष्ठी कान्तारवासिनी
जाङ्गुली बदरीवासा वरदा कृष्णपिङ्गला ४९
p{0003}
दृषद्वतीन्द्रभगिनी प्रगल्भा रेवती तथा
महाविद्या सिनीवाली रक्तदन्त्येकपाटला ५०
एकपर्णा बहुभुजा नन्दपुत्री महाजया
भद्रकाली महाकाली योगिनी गणनायिका ५१
हासा भीमा प्रकूष्माण्डी गदिनी वारुणी हिमा
अनन्ता विजया क्षेमा मानस्तोका कुहावती ५२
चारणा पितृगणा स्कन्दमाता घनाञ्जनी
गान्धर्वी कर्वरी गार्गी सावित्री ब्रह्मचारिणी ५३
कोटिश्रीर्सन्दरावासा केशी मलयवासिनी
कालायनी विशालाक्षी किराती गोकुलोद्भवा ५४
एकानसी नारायणी शैला शाकंभरीश्वरी
प्रकीर्णकेशी कुण्डा नीलवस्त्रोग्रचारिणी ५५
अष्टादशभुजा पौत्री शिवदूती यमस्वसा
सुनन्दा विकचा लम्बा जयन्ती नकुलाकुला ५६
विलङ्का नन्दिनी नन्दा नन्दयन्ती निरञ्जना
कालंजरी शतमुखी विकराली करालिका ५७
विरजाः पुरला जीरी बहुपुत्री कुलेश्वरी
कैटभी कालदमनी दर्दुरा कुलदेवता ५८
रौद्री कुन्द्रा महारौद्री कालंगमा महानिशा
बलदेवस्वसा पुत्री हीरी क्षेमंकरी प्रभा ५९
मारी हैमवती चापि गोला शिखरवासिनी
-wordlist-
गौतमी (स्त्री), कौशिकी (स्त्री), कृष्णा (स्त्री), तामसी (स्त्री), बाभ्रवी (स्त्री), जया (स्त्री), कालरात्रि (स्त्री), महामाया (स्त्री), भ्रामरी (स्त्री), यादवी (स्त्री), वरा (स्त्री), बर्हिध्वजा (स्त्री), शूलधरा (स्त्री), परमब्रह्मचारिणी (स्त्री), अमोघा (स्त्री), विन्ध्यनिलया (स्त्री), षष्ठी (स्त्री), कान्तारवासिनी (स्त्री), जाङ्गुली (स्त्री), बदरीवासा (स्त्री), वरदा (स्त्री), कृष्णपिङ्गला (स्त्री), दृषद्वती (स्त्री), इन्द्रभगिनी (स्त्री), प्रगल्भा (स्त्री), रेवती (स्त्री), महाविद्या (स्त्री), सिनीवाली (स्त्री), रक्तदन्ती (स्त्री), एकपाटला (स्त्री), एकपर्णा (स्त्री), बजुभुजा (स्त्री), नन्दपुत्री (स्त्री), महाजया (स्त्री), भद्रकाली (स्त्री), महाकाली (स्त्री), योगिनी (स्त्री), गणनायिका (स्त्री), हासा (स्त्री), भीमा (स्त्री), प्रकूष्माण्डी (स्त्री), गदिनी (स्त्री), वारुणी (स्त्री), हिमा (स्त्री), अनन्ता (स्त्री), विजया (स्त्री), क्षेमा (स्त्री), मानस्तोका (स्त्री), कुहावती (स्त्री), चारणा (स्त्री), पितृगणा (स्त्री), स्कन्दमाता (स्त्री), घनाञ्जनी (स्त्री), गान्धर्वी (स्त्री), कर्बुरा (स्त्री), गार्गी (स्त्री), सावित्री (स्त्री), ब्रह्मचारिणी (स्त्री), कोटिश्री (स्त्री), मन्दरावासा (स्त्री), केशी (स्त्री), मलयवासिनी (स्त्री), कालायनी (स्त्री), विशालाक्षी (स्त्री), किराती (स्त्री), गोकुलोद्भवा (स्त्री), एकानसी (स्त्री), नारायणी (स्त्री), शैला (स्त्री), शाकम्भरी (स्त्री), ईश्वरी (स्त्री), प्रकीर्णकेशी (स्त्री), कुण्डा (स्त्री), नीलवस्त्रा (स्त्री), उग्रचारिणी (स्त्री), अष्टादशभुजा (स्त्री), पौत्री (स्त्री), शिवदूती (स्त्री), यमस्वसा (स्त्री), सुनन्दा (स्त्री), विकचा (स्त्री), लम्बा (स्त्री), जयन्ती (स्त्री), नकुला (स्त्री), कुला (स्त्री), विलङ्का (स्त्री), नन्दिनी (स्त्री), नन्दा (स्त्री), नन्दयन्ती (स्त्री), निरञ्जना (स्त्री), कालञ्जरी (स्त्री), शतमुखी (स्त्री), विकराला (स्त्री), करालिका (स्त्री), विरजस् (स्त्री), पुरला (स्त्री), जारी (स्त्री), बहुपुत्री (स्त्री), कुलेश्वरी (स्त्री), कैटभी (स्त्री), कालदमनी (स्त्री), दर्दुरा (स्त्री), कुलदेवता (स्त्री), रौद्री (स्त्री), कुन्द्रा (स्त्री), महारौद्री (स्त्री), कालङ्गमा (स्त्री), महानिशा (स्त्री), बलदेवस्वसृ (स्त्री), पुत्री (स्त्री), हीरी (स्त्री), क्षेमङ्करी (स्त्री), प्रभा (स्त्री), मारी (स्त्री), हैमवती (स्त्री), गोला (स्त्री), शिखरवासिनी (स्त्री)
Mahabharata
English
Mahākālī = Umā: IV, 195
VI, 797
XII, 10304.
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
महाकाली,
स्त्री,
(महाकाल + पत्न्यर्थे ङीष् ।)महाकालस्य पत्नी सा तु पञ्चवक्त्वाष्टभुज-कालीविशेषः इति तन्त्रम्
(इयमेव पराशक्ते-स्तामसी शक्तिः यथा, देवीभागवते २० ।“तस्यास्तु सात्त्विकी शक्ती राजसी तामसीतथा ।महालक्ष्मीः सरस्वती महाकालीति ताःस्त्रियः
”)अथ महाकालीमन्त्रः ।“ओँ फ्रें फ्रें क्रों क्रों पशून् गृहाण ह्रूं फट्स्वाहा श्मशानभैरवीमन्त्रेण यावत् क्रूर-कर्म्मणि प्रयोगः कर्त्तव्यः अथ महाकाली-मन्त्रप्रयोगः तत्र न्यासशुद्ध्यादिकं कर्त्त-व्यम् तथा ।न्यासशुद्ध्यादिकं किञ्चिन्नात्र कार्य्या विचारणा ।कृष्णतोयैश्च संपूर्णे कृष्णकुम्भेऽथ कालिकाम्
पञ्चवक्त्रां महारौद्रीं प्रतिवक्त्रत्रिलोचनाम् ।शक्तिशूलधनुर्वाणखड्गखेटवराभयान्
दक्षादक्षभुजैर्देवीं बिभ्राणां भूरिभूषणाम् ।ध्यात्वैवं साधकः साध्यं साधयेन्मनसेप्सितम्
ब्राह्मी माहेश्वरी चैव कौमारी वैष्णवी तथा ।वाराही तथा चैन्द्री चामुण्डा चण्डिका-ष्टमी ।पूर्व्वादीशानपर्य्यन्तं कुम्भस्थाने स्थिता इमाः
तत्र क्रमः देवीं ध्यात्वा यथाविध्युपचारेणसंपूज्य ब्राह्म्याद्यष्टशक्तीः पूर्व्वादिक्रमेण पूज-येत् तथा ।नामोच्चारणसंरब्धं वह्नौ प्रज्वलितेऽम्बरे ।जुहुयाद्वैरिणां शुद्धौ देवीमन्त्रं जपंस्तथा
समिधः पिचुमर्द्दस्य तथा विभीतकाष्ठिकाः ।गृहधूमश्मशानास्थिविभीताङ्गारहोमतः
सप्ताहाद्वैरिणं हन्ति कालिकामन्त्रयोगतः ।उच्चाटनं चापराह्रे सन्ध्यायां मारणं तथा
दक्षिणस्यां दिशि स्थित्वा ग्रामादेर्दक्षिणा-मुखः
”इति तन्त्रसारः
जिनानां चतुर्विंशतिशासनदेवतान्तर्गतदेवी-विशेषः इति हेमचन्द्रः
*