| YouTube Channel

पोथकः-थिका (pothakaH-thikA)

 
कृदन्तरूपमाला
Sanskrit
1 {@“पुथ हिंसायाम्”@} 2 ‘पुथ्येत् पुन्थति हिंसार्थे, भाषार्थे पोथयेदिति।।’ 3 इति देवः।
पोथकः-थिका, पोथकः-थिका, पुपुथिषकः-पुपोथिषकः-षिका, पोपुथकः-थिका
इत्यादीनि सर्वाण्यपि रूपाणि दैवादिककुथ्यतिवत् 4 ज्ञेयानि।
पोथ्यम् 5।
प्रासङ्गिक्यः
01
=>
(१०१८)
02
=>
(४-दिवादिः-१११९। सक। सेट्। पर।)
03
=>
(श्लो। १००)
04
=>
(२१८)
05
=>
[[B। ‘तं प्लुष्यद्दृष्टिनृत्यद्रुषमपि गतत्रासमुत्कुथ्यदङ्गम् पोथ्यं प्रोचे स्वरेण स्वजनविगुधितं क्षिप्यता पुष्पमाध्वीम्।।’ धा। का। २। ५६।]]
1 {@“पुथ भाषार्थः”@} 2 आस्वदीयः।
3 ‘पुथ्येत् पुन्थति हिंसार्थे, भाषार्थे पोथयेदिति।।’ 4 इति देवः।
पोथकः-थिका, पुपोथयिषकः-षिका
पोथयिता-त्री, पुपोथयिषिता-त्री
इत्यादीनि सर्वाण्यपि रूपाणि चौरादिकचोदयतिवत् 5 बोध्यानि।
प्रासङ्गिक्यः
01
=>
(१०१९)
02
=>
(१०-चुरादिः-१७७६। सक। सेट्। उभ।)
03
=>
[पृष्ठम्०८७०+ २६]
04
=>
(श्लो। १००)
05
=>
(५४२)