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परिविद्ध (parividdha)

 
Apte
English
परिविद्धः [parividdhḥ], An epithet of Kubera.
Apte 1890
English
परिविद्धः An epithet of Kubera.
Monier Williams Cologne
English
परि-विद्ध a See परि-व्यध्.
परि-विद्ध b
m.
N.
of Kubera,
L.
(cf. परा-व्°).
Monier Williams 1872
English
परिविद्ध परि-विद्ध, अस्, m. (perhaps fr.
परि-व्यध्), an epithet of Kuvera
[cf. पर-
विद्ध।]
Apte Hindi
Hindi
परिविद्धः
पुं*
- परि + व्यध् + क्त
कुबेर का विशेषण
L R Vaidya
English
parividDa {% m. %} An epithet of Kubera.
अभिधानचिन्तामणिपरिशिष्टम्
Sanskrit
--source--
धनदे निधनाक्षः स्यान्महासत्त्वः प्रमोदितः ३८
रत्नगर्भ उत्तराशाधिपतिः सत्यसंगरः
धनकेलिः सुप्रसन्नः परिविद्धोऽलका पुनः ३९
वसुप्रभा वसुसारा शंकरे नन्दिवर्धनः
बहुरूपः सुप्रसादो मिहिराणोऽपराजितः ४०
कङ्कटीको गुह्यगुरुर्भगनेत्रान्तकः खरुः
परिणाहो दशबाहुः सुभगोऽण्वेकलोचनः ४१
गोपालो वरवृद्धोऽहिपर्यङ्कः पांसुचन्दनः
कूटकृन्मन्दरमणिर्नवशक्तिर्महाम्बकः ४२
कोणवादी शैलधन्वा विशालाक्षोऽक्षतस्वनः
उन्मत्तवेषः शवरः सिताङ्गो धर्मवाहनः ४३
महाकान्तो वह्निनेत्रः स्त्रीदेहार्धो नृवेष्टनः
महानादो नराधारो भूरिरेको दशोत्तमः ४४
यौटी यौटीङ्गोऽर्धकूटः समिरो धूम्रयोगिनौ
उलन्दो जयतः कालो जटाधरदशाव्ययौ ४५
संध्यानाटी रेरिहाणः शङ्कुश्च कपिलाञ्जनः
जगद्द्रोणिरर्धकालो दिशांप्रियतमोऽतलः ४६
जगत्स्रष्टा कटाटङ्वः कटप्रूहीरहृत्कराः
-wordlist-
निधनाक्ष (पुं), महासत्त्व (पुं), प्रमोदित (पुं), रत्नगर्भ (पुं), उत्तराशाधिपति (पुं), सत्यसङ्गर (पुं), धनकेलि (पुं), सुप्रसन्न (पुं), परिविद्ध (पुं), वसुप्रभा (स्त्री), वसुसारा (स्त्री), नन्दिवर्धन (पुं), बहुरूप (पुं), सुप्रसाद (पुं), मिहिराण (पुं), अपराजित (पुं), कङ्कटीक (पुं), गुह्यगुरु (पुं), भगनेत्रान्तक (पुं), खरु (पुं), परिणाह (पुं), दशबाहु (पुं), सुभग (पुं), अनेकलोचन (पुं), गोपाल (पुं), वरवृद्ध (पुं), अहिपर्यङ्क (पुं), पांसुचन्दन (पुं), कूटकृत् (पुं), मन्दरमणि (पुं), नवशक्ति (पुं), महाम्बुक (पुं), कोणवादिन् (पुं), शैलधन्वन् (पुं), विशालाक्ष (पुं), क्षतस्वन (पुं), उन्मत्तवेष (पुं), शबर (पुं), शिताङ्ग (पुं), धर्मवाहन (पुं), महाकान्त (पुं), वह्निनेत्र (पुं), स्त्रीदेहार्द्ध (पुं), नृवेष्टन (पुं), महानाद (पुं), नराधार (पुं), भूरि (पुं), एकादशोत्तम (पुं), जोटिन् (पुं), जोटीङ्ग (पुं), अर्धकूट (पुं), समिर (पुं), धूम्र (पुं), योगिन् (पुं), उलन्द (पुं), यजत (पुं), काल (पुं), जटाधर (पुं), दशाव्यय (पुं), सन्ध्यानाटिन् (पुं), रेरिहाण (पुं), शङ्कु (पुं), कपिलाञ्जन (पुं), जगद्रोणि (पुं), अर्धकल (पुं), दिशांप्रियतम (पुं), अतल (पुं), जगत्स्रष्टा (पुं), कटाटङ्क (पुं), कटप्रू (पुं), हीरहृत् (पुं), कर (पुं)
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
परिविद्ध
त्रि०
परि + ल्यध--क्त परितो विद्धे कुवेरे
पु०
हेमच०