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परिणाह (pariNAha)

 
शब्दसागरः
English
परिणाह
m.
(-हः) Width, breadth.
2. Circumference of a circle.
E.
परि extension, नह् to bind,
aff.
घञ् वा दीर्घः
Capeller Eng
English
परिणाह
m.
compass, circumference, extent, width.
Yates
English
परि-णाह (हः) 1.
m.
Width, breadth.
Spoken Sanskrit
English
परिणाह pariNAha
m.
circumference of a circle
परिणाह pariNAha
m.
circumference
परिणाह pariNAha
m.
periphery
परिणाह pariNAha
m.
extent
परिणाह pariNAha
m.
contour
परिणाह pariNAha
m.
width
परिणाह pariNAha
m.
breadth
परिणाह pariNAha
m.
compass
Wilson
English
परिणाह
m.
(-हः) Width, breadth.
2 Circumference of a circle.
E.
परि extension, नह to bind,
aff.
घञ्.
Apte 1890
English
परि(री)णाहः 1 Circumference, compass, expanse, extent, breadth, width
स्तनयुगपरिणाहाच्छादिना वल्कलेन Ś. 1. 19
स्तनपरिणाहविलासवैजयंती Māl. 3. 15 ‘large or expansive breasts’
ककुदे वृषस्य कृतबाहुमकृशपरिणाहशालिनि Ki. 12. 20
Mk. 3. 9
Ratn. 2. 13
Mv. 7. 24.
2 Periphery or circumference of a circle.
Monier Williams Cologne
English
परि-णाह
m.
compass, circumference, extent, width, breadth, circumference of a circle, periphery,
MBh.
Kāv.
Sūryas.
Suśr.
N.
of Śiva,
L.
(cf. परी-णाह)
Monier Williams 1872
English
परि-णाह, अस्, m. compass, circumference, extent,
width, breadth, circumference of a circle, periphery
(sometimes spelt परी-णाह, q. v.)
—परिणाह-
वत्, आन्, अती, अत्, having a wide compass or circum-
ference, round, large, big.
Benfey
English
परिणाह and परीणाह परी̆णाह,
i. e. परि-नह् + अ,
m.
1. Circumference,
MBh. 6, 276.
2. Width, Śāk. d. 18.
3. Breadth, Yājñ. 2, 167.
Apte Hindi
Hindi
परिणाहः
पुं*
- परि + नह् + घञ्
"परिधि, वृत्त, विस्तार, फैलाव, चौड़ाई, अर्ज"
परिणाहः
पुं*
- परि + नह् + घञ्
वृत्त की परिधि
Shabdartha Kaustubha
Kannada
परिणाह
पदविभागः - > पुल्लिङ्गः
कन्नडार्थः - > ವೈಶಾಲ್ಯ/ವಿಸ್ತಾರ/ಅಗಲ
निष्पत्तिः - > परि+णह (बन्धने) भावे "घञ्" (३-३-१९)
प्रयोगाः - > "अतिशयपरितापग्लापिताङ्ग्या यथास्याः स्तनयुगपरिणाहं मण्डलाभ्यां ब्रवीति"
उल्लेखाः - > रत्ना० २-१३
L R Vaidya
English
pari(rI)RAha {% m. %} Circumference, extent, breadth, width, स्तनयुगपरिणाहाच्छादिना वल्कलेन Sak.i., श्वसितपवनमनुपमपरिणाहम् मदनदहनमिव वहति सदाहम् Git.G.iv., Yaj.ii.167.
Bopp
Latin
परिणाह m. (r. नह् praef. परि s. अ) amplitudo, latitudo.
AM.
v. sq.
Sanskrit Tibetan
Tibetan
kho lag
१) परिणाह २) मण्डल
chu zheng 'gab pa
परिणाह / परिमण्डल
अभिधानचिन्तामणिः
Sanskrit
--source--
दैर्घ्यमायाम आनाह आरोहस्तु समुच्छ्रयः
उत्सेध उदयोच्छ्रायौ परिणाहो विशालता १४३१
-wordlist-
दैर्घ्य (क्ली), आयाम (पुं), आनाह (पुं), आरोह (पुं), समुच्छ्रय (पुं), उत्सेध (पुं), उदय (पुं), उच्छ्राय (पुं), परिणाह (पुं), विशालता (स्त्री)
अभिधानचिन्तामणिपरिशिष्टम्
Sanskrit
--source--
धनदे निधनाक्षः स्यान्महासत्त्वः प्रमोदितः ३८
रत्नगर्भ उत्तराशाधिपतिः सत्यसंगरः
धनकेलिः सुप्रसन्नः परिविद्धोऽलका पुनः ३९
वसुप्रभा वसुसारा शंकरे नन्दिवर्धनः
बहुरूपः सुप्रसादो मिहिराणोऽपराजितः ४०
कङ्कटीको गुह्यगुरुर्भगनेत्रान्तकः खरुः
परिणाहो दशबाहुः सुभगोऽण्वेकलोचनः ४१
गोपालो वरवृद्धोऽहिपर्यङ्कः पांसुचन्दनः
कूटकृन्मन्दरमणिर्नवशक्तिर्महाम्बकः ४२
कोणवादी शैलधन्वा विशालाक्षोऽक्षतस्वनः
उन्मत्तवेषः शवरः सिताङ्गो धर्मवाहनः ४३
महाकान्तो वह्निनेत्रः स्त्रीदेहार्धो नृवेष्टनः
महानादो नराधारो भूरिरेको दशोत्तमः ४४
यौटी यौटीङ्गोऽर्धकूटः समिरो धूम्रयोगिनौ
उलन्दो जयतः कालो जटाधरदशाव्ययौ ४५
संध्यानाटी रेरिहाणः शङ्कुश्च कपिलाञ्जनः
जगद्द्रोणिरर्धकालो दिशांप्रियतमोऽतलः ४६
जगत्स्रष्टा कटाटङ्वः कटप्रूहीरहृत्कराः
-wordlist-
निधनाक्ष (पुं), महासत्त्व (पुं), प्रमोदित (पुं), रत्नगर्भ (पुं), उत्तराशाधिपति (पुं), सत्यसङ्गर (पुं), धनकेलि (पुं), सुप्रसन्न (पुं), परिविद्ध (पुं), वसुप्रभा (स्त्री), वसुसारा (स्त्री), नन्दिवर्धन (पुं), बहुरूप (पुं), सुप्रसाद (पुं), मिहिराण (पुं), अपराजित (पुं), कङ्कटीक (पुं), गुह्यगुरु (पुं), भगनेत्रान्तक (पुं), खरु (पुं), परिणाह (पुं), दशबाहु (पुं), सुभग (पुं), अनेकलोचन (पुं), गोपाल (पुं), वरवृद्ध (पुं), अहिपर्यङ्क (पुं), पांसुचन्दन (पुं), कूटकृत् (पुं), मन्दरमणि (पुं), नवशक्ति (पुं), महाम्बुक (पुं), कोणवादिन् (पुं), शैलधन्वन् (पुं), विशालाक्ष (पुं), क्षतस्वन (पुं), उन्मत्तवेष (पुं), शबर (पुं), शिताङ्ग (पुं), धर्मवाहन (पुं), महाकान्त (पुं), वह्निनेत्र (पुं), स्त्रीदेहार्द्ध (पुं), नृवेष्टन (पुं), महानाद (पुं), नराधार (पुं), भूरि (पुं), एकादशोत्तम (पुं), जोटिन् (पुं), जोटीङ्ग (पुं), अर्धकूट (पुं), समिर (पुं), धूम्र (पुं), योगिन् (पुं), उलन्द (पुं), यजत (पुं), काल (पुं), जटाधर (पुं), दशाव्यय (पुं), सन्ध्यानाटिन् (पुं), रेरिहाण (पुं), शङ्कु (पुं), कपिलाञ्जन (पुं), जगद्रोणि (पुं), अर्धकल (पुं), दिशांप्रियतम (पुं), अतल (पुं), जगत्स्रष्टा (पुं), कटाटङ्क (पुं), कटप्रू (पुं), हीरहृत् (पुं), कर (पुं)
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
परिणाहः,
पुं,
(परिणह्यतेऽनेन इति परि +नह + घञ् ।) विस्तारः तत्पर्य्यायः विशा-लता इत्यमरः ११४
ओसारइति चौडा इति भाषा
(यथा, महा-भारते २२ ।“अरत्नीनां सहस्रञ्च शतानि दश पञ्च ।परिणाहस्तु वृक्षस्य फलानां रसभेदिनाम्
”)
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
परि(री)णाह
पु०
परि + नह--घञ् वा दीर्घः विस्तारे(ओसार) “धनुः शतं परीणाहो ग्रामात् क्षेत्रान्तरंभवेत्” याज्ञ०
Capeller
German
परिणाह
m.
Umfang, Weite.
°वन्त् umfänglich,
groß, stark.
Burnouf
French
परिणाह परिणाह
m.
(नह्) largeur, développement en
large
amplitude.
परिणाहवत् a. large
ample.
Stchoupak
French
परि-णाह-
m.
tour, largeur, périphérie
-वन्त्- a. large,
étendu
-इन्- id.
ifc. ayant la circonférence de.