| YouTube Channel

निनासिषकः-षिका (ninAsiSakaH-SikA)

 
कृदन्तरूपमाला
Sanskrit
1 {@“णासृ शब्दे”@} 2 ‘शब्दार्थे नासते नासेः, कौटिल्ये नसते नसेः।।’ 3 इति देवः।
नासकः-सिका, नासकः-सिका, निनासिषकः-षिका, नानासकः-सिका
4 नासा, 5 इत्यादीनि सर्वाण्यपि रूपाणि भौवादिककासतिवत् 6 ज्ञेयानि।
प्रासङ्गिक्यः
01
=>
(६७०)
02
=>
(१-भ्वादिः-६२५। अक। सेट्। आत्म।)
03
=>
(श्लो। १८४)
04
=>
[[१। ‘गुरोश्च हलः’ (३-३-१०३) इत्यकारप्रत्ययः स्त्रियाम्।]]
05
=>
[[B। ‘नासोत्थरासलसितान्नसितेन दाम्ना सूतो ययाम समराभ्यसितान् तुरङ्गान्।।’ धा। का। १। ७९।]]
06
=>
(१८८)