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नारायणी (nArAyaNI)

 
Monier Williams Cologne
English
नारायणी a (ई),
f.
, see
s.v.
नारायणी b
f.
(of °ण, q.v.) patr. of Indra-senā (the wife of Mudgala),
MBh.
Hariv.
N.
of Durgā,
Hariv.
of Lakṣmī,
L.
of Gaṅgā and Gaṇḍakī,
L.
Apte Hindi
Hindi
नारायणी
स्त्री*
- -
धन की देवी लक्ष्मी का विशेषण
नारायणी
स्त्री*
- -
दुर्गा का विशेषण
Shabdartha Kaustubha
Kannada
नारायणी
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ನಾರಾಯಣನ ಶಕ್ತಿ
निष्पत्तिः - > "अण्" (४-३-१२०)
व्युत्पत्तिः - > नारायणस्येदम्
विस्तारः - > "यशसा तेजसा रूपैर्नारायणसमा गुणैः शक्तिर्नारायणस्येयं तेन नारायणी स्मृता ॥" - ब्रह्मवै०
नारायणी
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಲಕ್ಷ್ಮಿ
विस्तारः - > "नारायणार्धाङ्गभूता तेन तुल्या तेजसा तथा तस्य शरीरस्था तेन नारायणी स्मृता ॥"
नारायणी
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ದುರ್ಗಾದೇವಿ
नारायणी
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಶತಾವರೀ ಗಿಡ
विस्तारः - > "ऋष्यप्रोक्ताभीरुपत्रीनारायण्यः शतावरी" - अम०
L R Vaidya
English
nArAyaRI {% f. %} 1. An epithet of Lakshmī, the goddess of wealth
2. an epithet of the goddess Durgā.
Wordnet
Sanskrit
Synonyms:
नारायणी, नारायणीनदी
noun
एका नदी।
"नारायणी नेपालदेशे भारतदेशे स्रवति।"
Synonyms:
नारायणी
noun
एका ऋषीपत्नी।
"नारायण्याः वर्णनं पुराणेषु अस्ति।"
Synonyms:
शतावरी, शतमूली, बहुसुता, अभीरुः, इन्दीवरी, वरी, ऋष्यप्रोक्ता, भीरुपत्री, नारायणी, अहेरुः, रङ्गिणी, शटी, द्वीपिशत्रुः, ऋष्यगता, शतपदी, पीवरी, धीवरी, वृष्या, दिव्या, दीपिका, दरकण्ठिका, सूक्ष्मपत्रा, सुपत्रा, बहुमूला, शताह्वया, खाटुरसा, शताह्वा, लघुपर्णिका, आत्मगुप्ता, जटा, मूला, शतवीर्या, महौषधी, मधुरा, शतमूला, केशिका, शतपत्रिका, विश्वस्था, वैणवी, पार्ष्णी, वासुदेवप्रियङ्करी, दुर्मन्या, तैलवल्ली, ऋष्यप्रोक्ता
noun
क्षुपकवत् वल्लीविशेषः।
"शतावर्याः मूलं बीजं औषधनिर्माणाय उपयुज्यते।"
Synonyms:
दुर्गा, उमा, कात्यायनी, गौरी, ब्रह्माणी, काली, हैमवती, ईश्वरा, शिवा, भवानी, रुद्राणी, सर्वाणी, सर्वमङ्गला, अपर्णा, पार्वती, मृडानी, लीलावती, चणडिका, अम्बिका, शारदा, चण्डी, चण्डा, चण्डनायिका, गिरिजा, मङ्गला, नारायणी, महामाया, वैष्णवी, महेश्वरी, कोट्टवी, षष्ठी, माधवी, नगनन्दिनी, जयन्ती, भार्गवी, रम्भा, सिंहरथा, सती, भ्रामरी, दक्षकन्या, महिषमर्दिनी, हेरम्बजननी, सावित्री, कृष्णपिङ्गला, वृषाकपायी, लम्बा, हिमशैलजा, कार्त्तिकेयप्रसूः, आद्या, नित्या, विद्या, शुभह्करी, सात्त्विकी, राजसी, तामसी, भीमा, नन्दनन्दिनी, महामायी, शूलधरा, सुनन्दा, शुम्यभघातिनी, ह्री, पर्वतराजतनया, हिमालयसुता, महेश्वरवनिता, सत्या, भगवती, ईशाना, सनातनी, महाकाली, शिवानी, हरवल्लभा, उग्रचण्डा, चामुण्डा, विधात्री, आनन्दा, महामात्रा, महामुद्रा, माकरी, भौमी, कल्याणी, कृष्णा, मानदात्री, मदालसा, मानिनी, चार्वङ्गी, वाणी, ईशा, वलेशी, भ्रमरी, भूष्या, फाल्गुनी, यती, ब्रह्ममयी, भाविनी, देवी, अचिन्ता, त्रिनेत्रा, त्रिशूला, चर्चिका, तीव्रा, नन्दिनी, नन्दा, धरित्रिणी, मातृका, चिदानन्दस्वरूपिणी, मनस्विनी, महादेवी, निद्रारूपा, भवानिका, तारा, नीलसरस्वती, कालिका, उग्रतारा, कामेश्वरी, सुन्दरी, भैरवी, राजराजेश्वरी, भुवनेशी, त्वरिता, महालक्ष्मी, राजीवलोचनी, धनदा, वागीश्वरी, त्रिपुरा, ज्वाल्मुखी, वगलामुखी, सिद्धविद्या, अन्नपूर्णा, विशालाक्षी, सुभगा, सगुणा, निर्गुणा, धवला, गीतिः, गीतवाद्यप्रिया, अट्टालवासिनी, अट्टहासिनी, घोरा, प्रेमा, वटेश्वरी, कीर्तिदा, बुद्धिदा, अवीरा, पण्डितालयवासिनी, मण्डिता, संवत्सरा, कृष्णरूपा, बलिप्रिया, तुमुला, कामिनी, कामरूपा, पुण्यदा, विष्णुचक्रधरा, पञ्चमा, वृन्दावनस्वरूपिणी, अयोध्यारुपिणी, मायावती, जीमूतवसना, जगन्नाथस्वरूपिणी, कृत्तिवसना, त्रियामा, जमलार्जुनी, यामिनी, यशोदा, यादवी, जगती, कृष्णजाया, सत्यभामा, सुभद्रिका, लक्ष्मणा, दिगम्बरी, पृथुका, तीक्ष्णा, आचारा, अक्रूरा, जाह्नवी, गण्डकी, ध्येया, जृम्भणी, मोहिनी, विकारा, अक्षरवासिनी, अंशका, पत्रिका, पवित्रिका, तुलसी, अतुला, जानकी, वन्द्या, कामना, नारसिंही, गिरीशा, साध्वी, कल्याणी, कमला, कान्ता, शान्ता, कुला, वेदमाता, कर्मदा, सन्ध्या, त्रिपुरसुन्दरी, रासेशी, दक्षयज्ञविनाशिनी, अनन्ता, धर्मेश्वरी, चक्रेश्वरी, खञ्जना, विदग्धा, कुञ्जिका, चित्रा, सुलेखा, चतुर्भुजा, राका, प्रज्ञा, ऋद्भिदा, तापिनी, तपा, सुमन्त्रा, दूती, अशनी, कराला, कालकी, कुष्माण्डी, कैटभा, कैटभी, क्षत्रिया, क्षमा, क्षेमा, चण्डालिका, जयन्ती, भेरुण्डा
noun
सा देवी यया नैके दैत्याः हताः तथा या आदिशक्तिः अस्ति इति मन्यते।
"नवरात्रोत्सवे स्थाने स्थाने दुर्गायाः प्रतिष्ठापना क्रियते।"
Synonyms:
लक्ष्मीः, रमा, कमला, नारायणी, पद्महस्ता, श्रीः, विष्णुप्रिया, मा, माया, हरिप्रिया, पद्मा, पद्मालया, भार्गवी, चञ्चला, इन्दिरा, अब्जवाहना, अब्जा, अब्धिजा, अम्बुजासना, अमला, ईश्वरी, देवश्री, पद्ममालिनी, पद्मगुणा, पिङ्गला, मङ्गला, श्रिया, श्रीप्रदा, सिन्धुजा, जगन्मयी, अमला, वरवर्णिनी, वृषाकपायी, सिन्धुकन्या, सिन्धुसुता, जलधिजा, क्षीरसागरसुता, दुग्धाब्धितनया, क्षीरसागरकन्यका, क्षीरोदतनया, लोकजननी, लोकमाता
noun
धनस्य अधिष्ठात्री देवता या विष्णुपत्नी अस्ति इति मन्यते।
"धनप्राप्त्यर्थे जनाः लक्ष्मीं पूजयन्ति।"
अभिधानचिन्तामणिपरिशिष्टम्
Sanskrit
--source--
गौतमी कौशिकी कृष्णा तामसी बाभ्रवी जया ४७
कालरात्रिर्महामाया भ्रामरी यादवी वरा
बर्हिध्वजा शूलधरा परमब्रह्मचारिणी ४८
अमोघा विन्ध्यनिलया षष्ठी कान्तारवासिनी
जाङ्गुली बदरीवासा वरदा कृष्णपिङ्गला ४९
p{0003}
दृषद्वतीन्द्रभगिनी प्रगल्भा रेवती तथा
महाविद्या सिनीवाली रक्तदन्त्येकपाटला ५०
एकपर्णा बहुभुजा नन्दपुत्री महाजया
भद्रकाली महाकाली योगिनी गणनायिका ५१
हासा भीमा प्रकूष्माण्डी गदिनी वारुणी हिमा
अनन्ता विजया क्षेमा मानस्तोका कुहावती ५२
चारणा पितृगणा स्कन्दमाता घनाञ्जनी
गान्धर्वी कर्वरी गार्गी सावित्री ब्रह्मचारिणी ५३
कोटिश्रीर्सन्दरावासा केशी मलयवासिनी
कालायनी विशालाक्षी किराती गोकुलोद्भवा ५४
एकानसी नारायणी शैला शाकंभरीश्वरी
प्रकीर्णकेशी कुण्डा नीलवस्त्रोग्रचारिणी ५५
अष्टादशभुजा पौत्री शिवदूती यमस्वसा
सुनन्दा विकचा लम्बा जयन्ती नकुलाकुला ५६
विलङ्का नन्दिनी नन्दा नन्दयन्ती निरञ्जना
कालंजरी शतमुखी विकराली करालिका ५७
विरजाः पुरला जीरी बहुपुत्री कुलेश्वरी
कैटभी कालदमनी दर्दुरा कुलदेवता ५८
रौद्री कुन्द्रा महारौद्री कालंगमा महानिशा
बलदेवस्वसा पुत्री हीरी क्षेमंकरी प्रभा ५९
मारी हैमवती चापि गोला शिखरवासिनी
-wordlist-
गौतमी (स्त्री), कौशिकी (स्त्री), कृष्णा (स्त्री), तामसी (स्त्री), बाभ्रवी (स्त्री), जया (स्त्री), कालरात्रि (स्त्री), महामाया (स्त्री), भ्रामरी (स्त्री), यादवी (स्त्री), वरा (स्त्री), बर्हिध्वजा (स्त्री), शूलधरा (स्त्री), परमब्रह्मचारिणी (स्त्री), अमोघा (स्त्री), विन्ध्यनिलया (स्त्री), षष्ठी (स्त्री), कान्तारवासिनी (स्त्री), जाङ्गुली (स्त्री), बदरीवासा (स्त्री), वरदा (स्त्री), कृष्णपिङ्गला (स्त्री), दृषद्वती (स्त्री), इन्द्रभगिनी (स्त्री), प्रगल्भा (स्त्री), रेवती (स्त्री), महाविद्या (स्त्री), सिनीवाली (स्त्री), रक्तदन्ती (स्त्री), एकपाटला (स्त्री), एकपर्णा (स्त्री), बजुभुजा (स्त्री), नन्दपुत्री (स्त्री), महाजया (स्त्री), भद्रकाली (स्त्री), महाकाली (स्त्री), योगिनी (स्त्री), गणनायिका (स्त्री), हासा (स्त्री), भीमा (स्त्री), प्रकूष्माण्डी (स्त्री), गदिनी (स्त्री), वारुणी (स्त्री), हिमा (स्त्री), अनन्ता (स्त्री), विजया (स्त्री), क्षेमा (स्त्री), मानस्तोका (स्त्री), कुहावती (स्त्री), चारणा (स्त्री), पितृगणा (स्त्री), स्कन्दमाता (स्त्री), घनाञ्जनी (स्त्री), गान्धर्वी (स्त्री), कर्बुरा (स्त्री), गार्गी (स्त्री), सावित्री (स्त्री), ब्रह्मचारिणी (स्त्री), कोटिश्री (स्त्री), मन्दरावासा (स्त्री), केशी (स्त्री), मलयवासिनी (स्त्री), कालायनी (स्त्री), विशालाक्षी (स्त्री), किराती (स्त्री), गोकुलोद्भवा (स्त्री), एकानसी (स्त्री), नारायणी (स्त्री), शैला (स्त्री), शाकम्भरी (स्त्री), ईश्वरी (स्त्री), प्रकीर्णकेशी (स्त्री), कुण्डा (स्त्री), नीलवस्त्रा (स्त्री), उग्रचारिणी (स्त्री), अष्टादशभुजा (स्त्री), पौत्री (स्त्री), शिवदूती (स्त्री), यमस्वसा (स्त्री), सुनन्दा (स्त्री), विकचा (स्त्री), लम्बा (स्त्री), जयन्ती (स्त्री), नकुला (स्त्री), कुला (स्त्री), विलङ्का (स्त्री), नन्दिनी (स्त्री), नन्दा (स्त्री), नन्दयन्ती (स्त्री), निरञ्जना (स्त्री), कालञ्जरी (स्त्री), शतमुखी (स्त्री), विकराला (स्त्री), करालिका (स्त्री), विरजस् (स्त्री), पुरला (स्त्री), जारी (स्त्री), बहुपुत्री (स्त्री), कुलेश्वरी (स्त्री), कैटभी (स्त्री), कालदमनी (स्त्री), दर्दुरा (स्त्री), कुलदेवता (स्त्री), रौद्री (स्त्री), कुन्द्रा (स्त्री), महारौद्री (स्त्री), कालङ्गमा (स्त्री), महानिशा (स्त्री), बलदेवस्वसृ (स्त्री), पुत्री (स्त्री), हीरी (स्त्री), क्षेमङ्करी (स्त्री), प्रभा (स्त्री), मारी (स्त्री), हैमवती (स्त्री), गोला (स्त्री), शिखरवासिनी (स्त्री)
Mahabharata
English
Nārāyaṇī (“the daughter of Nārāyaṇa”?) = Indrasenā^2: III, 10093 (Iº)
IV, 651 (Iº).
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
नारायणी,
स्त्री,
(नारायणस्येयमिति नारायण+ अण् + ङीप् ।) दुर्गा (यथा, मार्कण्डेये ।९१ ।“सर्व्वमङ्गलमङ्गल्ये शिवे सर्व्वार्थसाधिके ।शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि ! नमोऽस्तु ते
”इयं सुपार्श्वाख्यपीठस्थाने एतम्मूर्त्त्या विराजते ।यथा, देवीभागवते ३० ६६ ।“नारायणी सुपार्श्वे तु त्रिकूटे रुद्रसुन्दरी
”)लक्ष्मीः शतावरी इति हेमचन्द्रः
*
तस्या निरुक्तिर्यथा, --“यशसा तेजसा रूपैर्नारायणसमा गुणैः ।शक्तिर्नारायणस्येयं तेन नारायणी स्मृता
”इति ब्रह्मवैवर्त्ते प्रकृतिखण्डे ४५ अध्यायः
अपि ।“नारायणार्द्धाङ्गभूता तेन तुल्या तेजसा ।तदा तस्य शरीरस्था तेन नारायणी स्मृता
”इति तत्रैव श्रीकृष्णजन्मखण्डे २७ अध्यायः
*
गङ्गा यथा, तन्मन्त्रे ।“गङ्गायै विश्व मुख्यायै शिवामृतायै नारायण्यैनमः
”(यथा काशीखण्डे २९ ९७ ।“नभोऽङ्गनचरी नूतिर्नम्या नारायणी नुता
”)मुद्गलमुनिपत्नी इति पुराणम्
(स्वनाम-ख्याता श्रीकृष्णसम्बन्धिनी सेना इयं हिभारतयुद्धे दुर्य्योधनपक्षमाश्रितवती
)
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
नारायणी स्त्री नारायणस्येयम् अण् ङीप् नारायणस्य१ शक्तौ लक्ष्म्यां दुर्गायाञ्च तन्निरुक्तिः “यशसा तेजसारूपैर्नारायणसमा गुणैः शक्तिर्नारायणस्येयं तेन ना-रायणी स्मृता” ब्रह्मवै० प्र० ख० ४५ अ० “नारायणा-र्द्धाङ्गमूता तेन तुल्या तेजसा तथा तस्य शरीरस्थातेन नारायणी स्मृता” जन्मख० २७ अ० नारस्य जीव-संघस्य जलस्य वा अयनी स्थानभूता “जलायनानराधारा समुद्रशयनाऽपि वा नारायणी समाख्याता-नरनारीप्रवर्त्तिका वसत्यदृष्टा सर्वेषु भूतेष्वन्तर्हिता-यतः देव्या व्याप्तमिदं सर्वं जगत् स्थाबरजङ्गमम्”देवीपु० शतावर्य्यां हेमच० मुद्गलमुनिपत्न्यां ।“सर्वस्यार्त्तिहरे देवि! नारायणि! नमोऽस्तुते” देवीमा०