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ध्वनि (dhvani)

 
शब्दसागरः
English
ध्वनि
m.
(-निः)
1. Sound.
2. Figurative or poetical style.
3. The sound
of a drum.
E.
ध्वन् to sound, इन्
aff.
Capeller Eng
English
ध्वनि॑
m.
sound, noise, roar, thunder
hint, figure of
speech.
Yates
English
ध्वनि (निः) 2.
m.
Sound
high style.
Spoken Sanskrit
English
ध्वनि - dhvani -
m.
- echo
ध्वनि - dhvani -
m.
- tone
ध्वनि - dhvani -
m.
- tune
ध्वनि - dhvani -
m.
- hint
ध्वनि - dhvani -
m.
- poetical style
ध्वनि - dhvani -
m.
- voice
ध्वनि - dhvani -
m.
- allusion
ध्वनि - dhvani -
m.
- sound
ध्वनि - dhvani -
m.
- word
ध्वनि - dhvani -
m.
- sound of a drum
ध्वनि - dhvani -
m.
- implied meaning
ध्वनि - dhvani -
m.
- empty sound without reality
ध्वनि - dhvani -
m.
- thunder
ध्वनि - dhvani -
m.
- noise
श्वास-ध्वनि - zvAsa-dhvani -
m.
- breath sound
ध्वनि - dhvani -
m.
- tone
मषि - maSi -
f.
- toner [ computer ]
मसिचूर्ण - masicUrNa -
n.
- toner [ computer ]
मसिधानी - masidhAnI -
f.
- tonercartridge [ computer ]
मसिकोश - masikoza -
m.
- tonercartridge [ computer ]
पिण्ड - piNDa -
m.
- tone
विरिब्ध - viribdha -
m.
- tone
शब्द - zabda -
m.
- tone
तान - tAna -
m.
- tone
स्वार - svAra -
m.
- tone
स्थान - sthAna -
n.
- tone
मन्द्र - mandra -
m.
- low tone
गम्भीरध्वनि - gambhIradhvani -
m.
- low tone
उदात्त - udAtta -
m.
- high tone
उपशाम्यति { उप- शम् } - upazAmyati { upa- zam } - verb 4 - tone down
उदात्त - udAtta -
m.
- sharp tone
न्यास - nyAsa -
m.
- final tone
प्रथम - prathama -
m.
- first tone
अस्वरम् - asvaram -
ind.
- in low tone
काकस्वर - kAkasvara -
m.
- shrill tone
ध्वनि dhvani
m.
echo
प्रतिध्वनि pratidhvani
m.
echo
प्रतिशब्द pratizabda
m.
echo
प्रतिश्रुत् pratizrut
f.
echo
प्रतिश्रुत्का pratizrutkA
f.
echo
अनुनाद anunAda
m.
echo
प्रतिनाद pratinAda
m.
echo
प्रतिरव pratirava
m.
echo
प्रतिस्वन pratisvana
m.
echo
प्रतिस्वर pratisvara
m.
echo
प्रतिव्यूह prativyUha
m.
echo
प्रत्याह्वय pratyAhvaya
m.
echo
अनुगर्जित anugarjita
n.
echo
अनुरसित anurasita
n.
echo
ग्रहण grahaNa
n.
echo
प्रतिरसित pratirasita
n.
echo
प्रतिवचन prativacana
n.
echo
प्रतिवचस् prativacas
n.
echo
स्त्यान styAna
n.
echo
ध्वनति { ध्वन् } dhvanati { dhvan } verb echo
प्रतिरसति { प्रतिरस् } pratirasati { pratiras } verb echo
विलसति { विलस् } vilasati { vilas } verb echo
अनुनादिन् anunAdin
adj.
echoing
बद्धप्रतिश्रुत् baddhapratizrut
adj.
echoing
प्रतिश्रुत pratizruta
adj.
echoing
अनुरणन anuraNana
n.
echoing
सानुस्वरित sAnusvarita
adj.
re-echoing
प्रतिशब्दवत् pratizabdavat
adj.
re-echoing
अनुगर्जित anugarjita
adj.
echoing after
प्रत्याह्वय pratyAhvaya
m.
echo , resonance
प्रतिनादित pratinAdita
adj.
echoing or echoed
प्रातिश्रुत्क prAtizrutka
adj.
existing in the echo
बद्धप्रतिश्रुत् baddhapratizrut
adj.
resonant with echoes
विलसत्मेघशब्द vilasatmeghazabda
m.
echoing sound of clouds
Wilson
English
ध्वनि
m.
(-निः)
1 Sound.
2 Figurative or poetical style.
3 The sound of a drum.
E.
ध्वन to sound,
aff.
Apte
English
ध्वनिः [dhvaniḥ], [ध्वन्-इन्]
Sound, echo, noise in general
मृदङ्गधीरध्वनिमन्वगच्छत्
R.*
16.13
2.72
4.72
U.*
6.17. शब्दो ध्वनिश्च वर्णश्च मृदङ्गादिभवो ध्वनिः Bhāṣa.
P.
स्फोटस्य ग्रहणे हेतुः प्राकृतो ध्वनिरिष्यते Vāk.
P.
Tune, note, tone
Śi.*
6.48.
The sound of a musical instrument
Apte 1890
English
ध्वनिः [ध्वन्-इन्] 1 Sound, echo, noise in general
मृदंगधीरध्वनिमन्वगच्छत् R. 16. 13
2. 72
4. 72
U. 6. 17.
2 Tune, note, tone
Śi. 6. 48.
3 The sound of a musical instrument
R. 9. 71.
4 The roar or thunder of a cloud.
5 A mere empty sound.
6
word.
7 Hint, implied meaning.
8 (In Rhet.) The first and best of the three main divisions of काव्य or poetry, in which the implied or suggested sense of a passage is more striking than the expressed sense
or where the expressed sense is made subordinate to the suggested sense
इदमुत्तममतिशयिनि व्यंगे वाच्याद्ध्वनिर्बुधैः कथितः K. P. 1 (R. G. gives {5} kinds of ध्वनिः see under ध्वनि).
Comp.
ग्रहः {1} the ear. {2} hearing. {3} a fife, pipe.
विकारः a change of voice caused by fear, grief &c.
see काकु.
Monier Williams Cologne
English
ध्वनि॑
m.
sound, echo, noise, voice, tone, tune, thunder,
AV.
&c.
&c.
the sound of a drum,
W.
empty sound without reality,
MW.
a word,
L.
allusion, hint, implied meaning, poetical style,
Sāh.
N.
of wk.
N.
of one of the Viśve Devās,
VP.
of a son of the Vasu Āpa, ib.
Monier Williams 1872
English
ध्वनि, इस्, m. sound, echo, noise
tone, tune
thunder
the sound of a drum
an inarticulate sound,
a mere empty sound without reality
a word
allu-
sion, hint, figurative allusion, implied meaning,
poetical style
N. of a work.
—ध्वनि-कार, अस्,
or ध्वनि-कृत्, त्, m. the author of the work called
Dhvani.
—ध्वनि-ग्रह, अस्, m. ‘apprehending
sounds, the ear
hearing.
—ध्वनि-त्व, अम्, n.
figurative allusion, poetical style.
—ध्वनि-नाथ,
अस्, m., N. of a man.
—ध्वनि-नाला, f., N. of
several musical instruments, = काहला, a sort of
trumpet
the Vīṇā or lute
a pipe, fife.
—ध्वनि-
बोधक or ध्वनि-बोधन, अस् or अम्, m. or n. (?),
N. of the grass Rohisha.
—ध्वनि-विकार, अस्, m.
a change of voice (caused by fright or grief, &c.).
—ध्वन्य्-अर्थ, अस्, m. the meaning or truth
implied.
Macdonell
English
ध्वनि dhvan-í,
m.
sound
cry
noise
thunder
🞄figurative style
allusion, indication
-ita, 🞄pp.
n.
sound
noise thunder.
Benfey
English
ध्वनि ध्वन् + इ,
m.
1. Sound, Man.
4, 123.
2. Figurative style, Sāh. D. 5,
9.
--
Comp.
सिंह-,
m.
1. the roar of a
lion. 2. war-cry.
Hindi
Hindi
ध्वनि
Apte Hindi
Hindi
ध्वनिः
पुं*
- ध्वन् +
"शब्द, प्रतिध्वनि, कोलाहल या शोर"
ध्वनिः
पुं*
- ध्वन् +
"लय, ताल, स्वर"
ध्वनिः
पुं*
- ध्वन् +
वाद्ययंत्र की ध्वनि
ध्वनिः
पुं*
- ध्वन् +
बादल की गरज या गड़गड़ाहट
ध्वनिः
पुं*
- ध्वन् +
केवल रिक्तध्वनि
ध्वनिः
पुं*
- ध्वन् +
शब्द
ध्वनिः
पुं*
- ध्वन् +
"काव्य के तीन मुख्य भेदों में से सर्वोत्तम काव्य जिसमें कि संदर्भ का ध्वन्यर्थ, अभिहित अर्थ की अपेक्षा अधिक चमत्कारक हो, या जहाँ मुख्यार्थ, ध्वन्यर्थ के अधीन हो।"
Shabdartha Kaustubha
Kannada
ध्वनि
पदविभागः - > पुल्लिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಶಬ್ದ /ದ್ವನಿ /ಸದ್ದು
निष्पत्तिः - > ध्वन (शब्दे) - "इः" (उ० ४-१३९)
प्रयोगाः - > "मुदमस्य माङ्गलिकतूर्यकृतां ध्वनयः प्रतेनुरनुप्रमपाम्"
उल्लेखाः - > किरा० ६-४
ध्वनि
पदविभागः - > पुल्लिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಮೃದಂಗ ಮೊದಲಾದ ವಾದ್ಯಗಳ ಶಬ್ದ
प्रयोगाः - > "उषसि गजयूथकर्णतालैः पटुपटहध्वनिभिर्विनीतनिद्रः"
उल्लेखाः - > रघु० ९-७१
विस्तारः - > "शब्दो ध्वनिश्च वर्णश्च मृदङ्गादिभवध्वनिः कण्ठसंयोगजन्मानो वर्णास्ते कादयो मताः" - भाषाप०
ध्वनि
पदविभागः - > पुल्लिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಶಬ್ದಾರ್ಥಗಳಸಮುದಾಯ
व्युत्पत्तिः - > ध्वनति व्यञ्जनया रसादीन् प्रत्याययति
ध्वनि
पदविभागः - > पुल्लिङ्गः
कन्नडार्थः - > ವ್ಯಂಜನೆ /ಅನುರಣನ /ವ್ಯಂಜನಾವೃತ್ತಿ
व्युत्पत्तिः - > ध्वन्यतेऽनया
ध्वनि
पदविभागः - > पुल्लिङ्गः
कन्नडार्थः - > ವ್ಯಂಜನೆಯಿಂದ ಉಂಟಾಗುವ ರಸಾದಿಗಳ ಪ್ರತೀತಿ
निष्पत्तिः - > ध्वन - भावे "इः"
ध्वनि
पदविभागः - > पुल्लिङ्गः
कन्नडार्थः - > ರಸಾದಿಗಳು
व्युत्पत्तिः - > ध्वन्यतेऽसौ
ध्वनि
पदविभागः - > पुल्लिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಉತ್ತಮ ಕಾವ್ಯ
व्युत्पत्तिः - > ध्वन्यते व्यज्यतेऽस्मात् इति ध्वनिः
प्रयोगाः - > "काव्यं ध्वनिर्गुणीभूतव्यङ्ग्यं चेति द्विधा मतम् वाच्यातिशायिनि व्यङ्ग्ये ध्वनिस्तत्काव्यमुत्तमम् ॥"
उल्लेखाः - > सा० द० ४-१
L R Vaidya
English
Dvani {% m. %} 1. Sound, echo, noise, R.ii.72, iv.72
2. tone, tune
3. the sound of a musical instrument, R.ix.71
4. the thunder of a cloud
5. a word
6. allusion, hint
7. the first and best of the three divisions of poetry in which the direct or expressed sense of the passage is subordinate to that implied or suggested (in rhetoric) (इदमुत्तममतिशयिनि व्यंग्ये वाच्याद्ध्वनिर्बुधैः कथितः K.Pr.1).
Bopp
Latin
ध्वनि m. (r. ध्वन् s. इ) sonus. RAGH. 4. 56.
Anekartha-Dvani-Manjari
Sanskrit
कण्ठ
पु
कण्ठ, ध्वनि, गल
कण्ठो ध्वनिर्गलः कण्ठः प्रहिः कूपः प्रहिः सरः
verse 3.1.1.17
page 0014
Lanman
English
dhvaní, m. sound. [√2dhvan.]
Abhyankara Grammar
English
ध्वनि (1) sound
cf. ध्वनिं कुर्वन्नेवमुच्यते- शब्दं कुरु शब्दं मा कार्षीः M. Bh. I. 1. Ahnika 1
cf. also Vak. Pad. I. 77
cf. also स्फोटः शब्दः, ध्वनिः शब्दगुण:, M.Bh. on I. 1.70 Vart. 5. ध्वनि or sound is said to be the indicator (सूचक्र or व्यञ्जक) of स्फोट the eternal sound.
Schmidt Nachtrage zum Sanskrit Worterbuch
German
ध्वनि m. ° = शब्दब्रह्म, Śrīk. XVII, 22.
Sanskrit Tibetan
Tibetan
sgra
१) ° कार २) गीत ३) ग्रहन ४) घोष ५) टंकार ६) ध्वनि ७) नाद ८) निर्घोष (?) ९) निर्णाद १०) प्रणाद ११) प्रतिध्वनि १२) रुत १३) वचन १४) वर्ण १५) शब्द १६) स्फोट १७) स्वन १८) स्वर १९)
sgra grag pa
१) केकायित २) ध्वनि
अभिधानचिन्तामणिः
Sanskrit
--source--
शब्दो निनादो निर्घोषः स्वानो ध्वानः स्वरो ध्वनिः
निह्रादो निनदो ह्रादो निस्वानो निस्वनः स्वनः १३९९
रवो नादः स्वनिर्घोषः संव्याङ्भ्यो राव आरवः
क्वणनं निक्वणः क्वाणो निक्वाणश्च क्वणो रणः १४००
-wordlist-
शब्द (पुं), निनाद (पुं), निर्घोष (पुं), स्वान (पुं), ध्वान (पुं), स्वर (पुं), ध्वनि (पुं), निह्राद (पुं), निनद (पुं), ह्राद (पुं), निस्वान (पुं), निःस्वन (पुं), स्वन (पुं), रव (पुं), नाद (पुं), स्वनि (पुं), घोष (पुं), संराव (पुं), विराव (पुं), आराव (पुं), आरव (पुं), क्वणन (क्ली), निक्वण (पुं), क्वाण (पुं), निक्वाण (पुं), क्वण (पुं), रण (पुं)
एकाक्षरनाममाला
Sanskrit
ट, पृथिवी, ध्वनि, वायु, करङ्क
टः पृथिव्यां ध्वनौ वायौ करके टं पुनर्भुवि
चकोरेऽब्दे तथा ठस्तु घेण्टे शून्ये बृहद्वनौ २०
verse 1.1.1.20
page 0120
ठ, चन्द्रस्य मण्डल, रुद्र, वृषाङ्क, ध्वनि, बन्दिवृन्द
चन्द्रस्य मण्डले रुद्रेऽथो वृषाङ्के ध्वनावपि
बन्दिवृन्दे तथा डः स्यात् यामिनीपतिमण्डले २१
verse 1.1.1.21
page 0120
ढा, निर्गुण, ध्वनि
ढो ढक्कायां समाख्यातस्तथा ढा निर्गुणे ध्वनौ
verse 1.1.1.22
page 0120
पुराणम्
English
ध्वनि / DHVANI. The son of āpa who is one of the eight Vasus. āpa had four sons called vaitaṇḍa, śrama, śānta and dhvani. (viṣṇu purāṇa, Āṁśa 1, Chapter 15).
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
ध्वनिः,
पुं,
(ध्वननमिति ध्वन + “खनिकष्यञ्ज्य-सीति ।” उणां १३९ इति इः ।) शब्दः ।इत्यमरः २२
मृदङ्गादिशब्दः ।यथा, --“शब्दो ध्वनिञ्च वर्णश्च मृदङ्गादिभवध्वनिः ।कण्ठसंयोगजन्मानो वर्णास्ते कादयो मताः
”इति भाषापरिच्छेदः
(धन्यतेऽस्मिन्निति ध्वन + अधिकरणे इः ।)उत्तमकाव्यम् यथा, --“इदमुत्तममतिशयिनि व्यङ्ग्ये वाच्याद्ध्वनिर्बुधैःकथितः
”इति काव्यप्रकाशः
(यथाच साहित्यदर्पणे -- ।“वाच्यातिशयिनि व्यङ्ग्ये ध्वनिस्तत् काव्यमुत्तमम् ।वाच्यादधिकचमत्कारिणि व्यङ्ग्यार्थे धन्यतेऽस्मि-न्निति व्युत्पत्त्या ध्वनिर्नामोत्तमं काव्यम्
भेदौ ध्वनेरपि द्वावुदीरितौ लक्षणाभिधामूलौ ।अविवक्षितवाच्योऽन्यो विवक्षितान्यपरवाच्यश्च
तत्राविवक्षितवाच्यो नाम लक्षणामूलो ध्वनिः ।लक्षणामूलत्वादेवात्र वाच्यमविवक्षितं वाधित-स्वरूपम् विवक्षितान्यपरवाच्यस्त्वभिधामूलः ।अतएवात्र वाच्यं विवक्षितम् अन्यपरं व्यङ्ग्य-निष्ठम् अत्र हि वाच्योऽर्थः स्वरूपं प्रकाशयन्नवव्यङ्ग्यार्थस्य प्रकाशकः यथा प्रदीपो घटस्य ।अभिधामूलस्य बहुविषयतया पश्चान्निर्द्देशः
”अस्य बहवो भेदाः सन्ति ते तु तत्रैव चतुर्थ-परिच्छेदे विस्तरशो द्रष्टव्याः
)
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
ध्वनि
पु०
ध्यन--इन् मृदङ्गादिशब्दे “शब्दो ध्वनिश्चवर्णश्च मृदङ्गादिभबो ध्वनिः कण्ठसंयोगजन्मानोवर्णाद्याः कादयो मताः” माषा० शब्दविशेषस्य ध्वन्या-त्मकता शब्दार्थरत्नेऽस्माभिर्व्यवस्थापिता यथा “स चशब्दः द्विविधः बुद्धिहेतुरबुद्धिहेतुश्च तत्राबुद्धिहेतु-र्म्मेथादिशब्दः बुद्धिहेतुश्च द्विविधः स्वाभाविकः काल्प-निकश्च उभयत्रापि ध्वनेवरुपकारकत्वात् ध्वन्यात्मकता ।तत्र स्वाभाविको वर्णविशेषानभिव्यञ्जको हसितरुदिता-दिरूपः प्राणिमात्रसाधारणः काल्पनिकोऽपि त्रिविधःवाद्यादिशब्दः गीतिरूपः वर्णात्मकश्च तत्र भेरीशब्दा-दिरूपोवाद्यरूपः माधवादिरागाभिव्यञ्जकनिषादादि-स्वररूपो गीतिरूपः ध्वनिविशेषसहकृतकण्ठताल्वाद्यभि-घातजन्यश्च वर्णात्मकः “ध्वनिर्नाम यो दूरादाकर्णवतोवर्णविशेषमनधिगच्छतः कर्णपथमवतरति प्रत्यासीदतश्चतारत्वादिविशेषमवगमयतीति” शारीरकभाष्योक्तेस्तारत्वा-दिधीहेतुर्ध्वनिरित्यवसेयम् जिह्वाया ईषदन्तरपातेवर्णानामनुत्पत्तेर्ध्वन्युपलम्भात् हसितरुदितादौ वर्णोत्-पत्तिमन्तरेणैव तत्प्रतीतेश्च सर्वशब्दजनकता ध्वनेरव-सीयते ।”तद्भेदस्वरूपादिकं तत्रैव स्थानान्तरेऽस्याभिर्निर्णीतं यथा“तस्य स्फोटस्याभिव्यक्तौ प्राकृतस्य ध्वनेः कारणत्वंचिरचिरतरस्थितौ तु प्राकृतध्वनिजातवैकृतध्वनेरितिबिवेकः तथा वाक्यपदीये “स्फोटस्य ग्रहणे हेतुःप्राकृतो ध्वनिरिष्यते” इति “स्थितिभेदे निमित्तत्वंवैकृतः प्रतिपद्यते” इति स्थितिभेदे चिरचिरतरका-लस्थितौ ध्वनिस्तु पूर्वलक्षितः तस्य स्फोटस्य नित्यतया ध्वनिगतह्रस्वदीर्घादिकालस्य तत्रोपचारः प्रति-पादितञ्च तथैव वाक्यपदीये “स्फोटस्याभिन्नकालस्यध्वनिकालानुपातिनः स्वभावतस्तु नित्यत्वात् ह्रस्वदीर्घ-प्लुतादिषु प्राकृतस्य ध्वनेः कालः शब्दस्येत्युपचर्य्यते” ।शब्दस्य स्फोटस्य नित्यतया अभिन्नकालस्य ह्रस्वदीर्घा-दिषु प्राकृतध्वनेः कालः तारत्वादिधीहेतुरुपचर्य्यतेइति तदर्थः एवञ्च विलम्बितोच्चारणस्थले तचद्व-र्णानां तद्वोथजनितसंस्काराणां वा बहुक्षणपर्य्यन्तस्थायित्वकल्पनामपेक्ष्य एकस्यैव शब्दस्यामिव्यक्त्यनन्तरंजायमानेन वैकृतेन ध्वनिना बहुकालस्थितिकल्पने ला-धवमित्यपि द्रष्टव्यम् भेरीशब्दादौ ध्वन्यभिव्यक्त्य-नन्तरं जायमानप्राकृतध्वनेर्बहुकालस्थायित्वदर्शनेन अ-त्रापि तथाकल्पनौचित्यात् अतएव महाभाष्ये “एवंतर्हि स्फोटः शब्दोध्वनिः शब्दगुणैत्यादिना” ऽभिव्यक्त्यु-पकारकत्वेन ध्वनेः स्फोटरूपशब्दगुणत्वमभिहितमभि-हितञ्च ध्वनेर्ह्रस्वदीर्थत्वेनापि भानम् यथा “ध्वनिःस्फोटश्च शब्दानां ध्वनिस्तु खलु लक्ष्यते ह्रस्वोमहांश्चकेषाञ्चित् स्वयं नैव स्वभावत” इति स्वभावतस्तद्रूपेणस्फोटोलक्ष्यतैत्यर्थः ध्वनिविकारे वायुसंयोगवि-शेषस्य हेतुत्वं तस्य बहुकालस्थायित्वे विलम्बितत्वम्अल्पकालस्थायित्वे द्रुतत्वमिति विवेकः ।३ उत्तमकाव्ये “इदमुत्तममतिशयिनि व्यङ्ग्ये वाच्याद्ध्वनिर्बुधैः कथितः” काव्यप्रका०“इदं काव्यं बुधैर्वैयाकरणैः प्रथानभूतस्फोटरूपव्यङ्ग्य-व्यञ्जकस्य शब्दस्य ध्वनिरिति व्यवहारः कृतः तत-स्तन्मतानुसारिभिरन्यैरपि न्यम्भावितवाच्यव्यङ्ग्यव्यञ्जन-क्षमस्य शब्दार्थयुगलस्य” वृत्तिः “इदमिति वाच्यादति-शयिनि वाच्यादधिकास्वाद्ये व्यङ्ग्ये सति इदं काव्यमुत्तमं तदेव बुधैर्ध्वनिः कथित इत्यर्थः ननु ध्वनिपरिमाषा क्वापि केनापि कृता तत्कथमलङ्कारशास्त्रे सा कृतेति आकाङ्क्षायां वैयाकरणरूपबुधसंवादंदर्शयन् व्याचष्टे बुधैः वैयाकरणैरिति एवञ्च सेयंकारिकास्थबुधपदव्याख्येत्यबधेयम् अत्रायमर्थः अनेक-वर्णात्मकस्य कलसादिपदस्य प्रत्यक्षं सम्भवति आशु-विनाशिनां क्रमिकाणां वर्णानां मेलकाभावेन तन्मे-लात्मनः पदस्य ग्रहीतुमशक्यत्वात् प्रत्येक-वर्णानुभवजन्यसंस्कारैः सकलवर्णात्मनः पदस्य समूहा-लम्बनस्मृतिरेव नैयामिकमतसिद्धास्त्विति वाच्यं वर्णप-दयोरेकदेशैकदेशिभावेन भिन्नत्वात् वर्णविषयसंस्कारैःपदस्मरणजननस्याशक्यत्वादित्यभिप्रायवद्भिर्वैयाकरणैःपूर्वपूर्ववर्णानुभवजनितसंस्कारसहितेनानुभूयमानचरमव-र्णेन श्रोत्रे व्यञ्जनाख्योघ्यापारोजन्यते तेनैव व्यापा-रेण नष्टवर्णघटितमपि पदं स्फीटपरिभाषितं श्रोत्रेणसाक्षात् क्रियते इत्युच्यते तदाह बुधैः वैयाकरणै-रिति अर्थप्रत्यायकत्वादेकदेशित्वाच्च पदं वर्णापेक्षयाप्रधानभूतं स्फोटसंज्ञकञ्च तद्रूपव्यङ्ग्यव्यञ्जकस्य शब्दस्यचान्त्यवर्णात्मन इत्यर्थः अतस्तन्मतेऽपि चरमवर्णात्मनिशब्दे तेषां ध्वनिव्यवहारः आलङ्कारिकाणामपिकाव्यात्मनि शब्दे ध्वनिव्यवहार इति शब्दे व्यवहार-साम्यान्मतानुसरणम्” महेश्वरः ।ध्वनिभेदाश्च काव्यशब्दे २० २४ २५ पृ० दृश्याः ।शब्दभेदध्वन्याद्युत्पत्तिप्रकारादिकं सारदाति० उक्तं यथा“सा प्रसूते कुण्डलिनी शब्दब्रह्ममयी विभुः शक्तिंततो ध्वनिस्तस्मान्नादस्तस्मान्निरोधिका ततोऽर्द्धेन्दुस्ततोविन्दुस्तस्मादासीत् परा ततः पश्यन्ती मध्यमा वाचांवैखरी ज्ञानजन्मभूः” सा कुण्डलिनी शक्तिं प्रसूते ।ततः शक्तेर्ध्वनिरासीत् ततस्तस्माद्ध्वनेर्नाद इत्यादि ज्ञे-यम् सत्वप्रविष्टा चित् शक्तिशब्दवाच्या परमाकाशावस्थासैव सत्वप्रविष्टा रजोऽनुविद्धा सती ध्वनिशब्दवाच्याअक्षरावस्था, सैव तमोऽनुविद्धा नादशब्दवाच्या अव्यक्ता-वस्था सैव तमःप्राचुर्य्यात् निरोधिकाशब्दवाच्या सैवसत्वप्राचुर्य्यात् अर्द्धेन्दुशब्दवाच्या तदुभयसंयोगाद्विन्दु-शब्दवाच्यः सएव विन्दुः स्थानान्तरगतः पराख्यो भवति ।तत्र परा मूलाधारे, पश्यन्ती स्वाधिष्ठाने, मध्यमाहृदये, वैखरी मुखे तदुक्तं “सूक्ष्मा कुण्डलिनीमध्ये ज्योतिर्मात्रस्वरूपिणी स्वयंप्रकाशा पश्यन्तीसुषुम्णामाश्रिता भवेत् अश्रोत्रविषया तस्मादुद्गच्छ-त्यूर्द्ध्वगामिनी ततः संकल्पमात्रात् स्याद्देवि! तत्रोर्द्ध्व-गामिनी सैव हृत्पङ्कजं प्राप्य मध्यमा नादरूपिणी ।सैवोरःकण्ठतालुस्था शिरोध्राणरदादिगा जिह्वा-मूलोष्ठनिष्णाता सैव वर्णपरिग्रहा शब्दप्रपञ्चजननीश्रोत्रग्राह्या तु वैखरी” पदार्था० राघवभट्टः ।“ध्वनिभृता निभृताक्षरमुज्जगे” माघः
Capeller
German
ध्वनि॑
m.
Laut, Ton, Hall, Donner, Wort,
Andeutung.
Burnouf
French
ध्वनि ध्वनि
m.
son
murmure.
Style figuré et sonore, tg.
ध्वनिग्रह
m.
(ग्रह्) oreille.
ध्वनिनाला
f.
fifre
sorte de trompette.
Vīnā ou
luth.
ध्वनिरूप a. sonore.
ध्वनिविकार
m.
altération du son de la voix.
Stchoupak
French
ध्वनि-
m.
son, ton, résonance, bruit, voix, grondement (du tonnerre),
écho, mélodie
(rhét.) sens suggéré (considéré comme une sorte d'écho
du sens exprimé)
°कारिका-
f.
pl.
ouvrage de rhétorique en 120 stances par un auteur
anonyme.
ध्वन्य्-आलोक-
m.
commentaire du précédent, par Ānandavardhana,
exposant la théorie du Dhvani.