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द्रुण (druNa)

 
शब्दसागरः
English
द्रुण r. 6th cl. (द्रुणति)
1. To hurt, to injure.
2. To go, to move, to ap-
proach.
3. To bind, to make crooked or curved. तुदा० कुटा० प० अक०
सेट्
द्रुण
m.
(-णः)
1. A scorpion.
2. A bee.
3. A rogue, a cheat.
f.
(-णा) A
bow-string.
n.
(-णं)
1. A bow.
2. A sword, a scimitar.
E.
द्रुण् to in-
jure, affix द्रुणति हिनस्ति कुटिलीभवति वा द्रुण-क
Yates
English
द्रुण (णः) 1.
m.
A scorpion
a bee
a rogue.
f.
A bow-string.
n.
A
curved sword, a scimitar.
Spoken Sanskrit
English
द्रुण - druNa -
m.
- defamer
द्रुण - druNa -
m.
- scorpion
द्रुण - druNa -
m.
- bee
द्रुण - druNa -
n.
- bow
द्रुण - druNa -
n.
- sword
Wilson
English
द्रुण r. 6th cl. (द्रुणति)
1 To hurt, to injure.
2 To go, to move, to approach.
3 To bind, to make crooked or curved.
द्रुण
m.
(-णः)
1 A scorpion.
2 A bee.
3 A rogue, a cheat.
f.
(-णा) A bow string.
n.
(-णं) A bow.
2 A sword, a scimitar.
E.
द्रुण to injure, affix क.
Apte
English
द्रुणः [druṇḥ], [द्रुण-क्त]
A scorpion.
A bee.
rogue.
णम् A bow.
A sword.
Comp.
-हः a sheath, scabbard.
Apte 1890
English
द्रुणः [द्रुण्-क्त] 1 A scorpion.
2 A bee.
3 A rogue.
णं 1 A bow.
2 A sword.
Comp.
हः a sheath, scabbard.
Monier Williams Cologne
English
द्रुण
m.
(only
L.
) a scorpion
a bee
a defamer
द्रुण
n.
bow
sword.
Monier Williams 1872
English
द्रुण, अस्, m. a scorpion
a bee
a rogue, cheat
(ई), f. a small or female tortoise
an oval vessel or
basin of wood &c. (shaped like a boat and used for
pouring or baling out water
cf. द्रोण and द्रोणी)
a bucket, a basket
a centipede
(आ), f. a bow-string
(अम्), n. a bow
a sword, scimitar
[cf. द्रु-णह।]
Apte Hindi
Hindi
द्रुणः
पुं*
- द्रुण् +
बिच्छू
द्रुणः
पुं*
- द्रुण् +
मधुमक्खी
द्रुणः
पुं*
- द्रुण् +
बदमाश
द्रुणम्
नपुं*
- -
धनुष
द्रुणम्
नपुं*
- -
तलवार
Shabdartha Kaustubha
Kannada
द्रुण
पदविभागः - > पुल्लिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಭೃಂಗ /ಭ್ರಮರ /ದುಂಬಿ
निष्पत्तिः - > द्रुण (हिंसागतिकौटिल्येषु)- "कः" (३-१-१३५)
व्युत्पत्तिः - > द्रुणति
द्रुण
पदविभागः - > पुल्लिङ्गः
कन्नडार्थः - > ವೃಶ್ಚಿಕ /ಚೇಳು
द्रुण
पदविभागः - > नपुंसकलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಖಡ್ಗ/ಕತ್ತಿ
द्रुण
पदविभागः - > नपुंसकलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಧನುಸ್ಸು
विस्तारः - > "द्रुणं चापे खड्गे द्रुणो वृश्चिकभृङ्गयोः" - विश्व०
द्रुण
पदविभागः - > विशेष्यनिघ्नम्
कन्नडार्थः - > ಪಿಶುನ /ದುರ್ಜನ
L R Vaidya
English
druRa {% (I) m. %} 1. A scorpion
2. a bee
3. a rogue.
druRa {% (II) n. %} 1. A bow
2. a sword.
धातुपाठः (Krishnacharya)
Sanskrit
धातुः:
द्रुण्
मूलधातुः:
द्रुण
धात्वर्थः:
हिंसा-गति-कौटिल्येषु
गणः:
तुदादिः
कर्मकत्वं:
सकर्मकः
इट्त्वं:
सेट्
उपग्रहः:
परस्मैपदी
रूपम्:
द्रुणति
धातुप्रदीपः
Sanskrit
द्रुणँ द्रुण हिंसा, गति, कौटिल्येषु
- द्रुणति दुद्रोण द्रोणः द्रोणी द्रुणः द्रुणी कुद्रोणी द्विद्रोणम् 56
अभिधानचिन्तामणिः
Sanskrit
--source--
धनुश्चापोऽस्त्रमिष्वासः कोदण्डं धन्व कार्मुकम्
द्रुणासौ लस्तकोऽस्यान्तरग्रं त्वर्तिरटन्यपि ७७५
-wordlist-
धनुस् (पुंक्ली), धनु (पुंक्ली), चाप (पुंक्ली), अस्त्र (क्ली), इष्वास (पुं), कोदण्ड (पुंक्ली), धन्वन् (क्ली), कार्मुक (क्ली), द्रुण (क्ली), आस (पुंक्ली), लस्तक (पुं), अर्ति (स्त्री), अटनी (स्त्री)
--source--
वृश्चिको द्रुण आल्यालिरलं तत्पुच्छकण्टकः १२११
-wordlist-
वृश्चिक (पुंस्त्री), द्रुण (पुं), आलिन् (पुं), आलि (पुं), अल (क्ली), वृश्चिकपुच्छकण्टक (पुं)
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
द्रुण, जैह्म्ये गतौ वधे इति कविकल्पद्रुमः
(तुदां-परं-सकं-सेट् ।) दन्त्यवर्गतृतीयादिः ।श, द्रुणति दुद्रोणिषति जैह्म्यं कुटिलीकर-णम् इति दुर्गादासः
द्रुणं,
क्ली,
(द्रुणति हिनस्तीति द्रुण + “इगु-पधेति ।” १३५ इति कः ।) धनुः ।खड्गः इति हेमचन्द्रः
२७७
द्रुणः,
पुं,
(द्रुणति हिनस्तीति द्रुण + कः ।)वृश्चिकः भृङ्गः इति हेमचन्द्रः २७७
त्रि, पिशुनः इति शब्दमाला
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
द्रुण कुटिलीभवने तु०
पर०
अक० सेट् कुटादि द्रुणतिअद्रुणीत् दुद्रोण गतौ कुटिलीचरणे हिंसा-याञ्च
सक०
पा०
द्रुण
न०
द्रुणति हिनस्ति कुटिलीभवति वा द्रुण--क ।धनुषि खड्गे हेमच० वृश्चिके भृङ्गे पुंस्त्री०स्त्रियां जातित्वात् ङीष् पिशुने
त्रि०
शब्दमाला
क्षीरतरङ्गिणी
Sanskrit
द्रुणँ द्रुण हिंसा, गति, कौटिल्येषु
- द्रुणति के (द्र0 31135) द्रुणः घञ् (द्र0 3318)-द्रोणः, द्रोणी 57
धातुवृत्तिः
Sanskrit
द्रुणँ द्रुण (अर्थः) हिंसा, गति, कौटिल्येषु
(द्रणति द्रुणः) खर्जुरः इगुपधात् कः ( द्रुणी ) कच्छपी गौरादित्वान् ङीष् ( द्रोणः ) पचाद्यच् ( द्रोणी ) पूर्ववन् डीष् द्रोणस्य गोत्रमपत्यं ( द्रौणिः द्रौणायनः ) "द्रोणपर्वतजीवन्तादन्यतरस्याम्'' इति फगिञौ द्रोणं पचतीति ( द्रौणी, द्रौणकी ) "तत्पचतीति द्रोणादण् च'' इत्यण्ठञौ द्विद्रोणेन धान्यं क्रीणाति "प्रकृत्यादिभ्य उपसंख्यानम्'' इति तृतीया अत्रापि द्वितीया प्राप्नोतीति कैयटे द्वयोर्द्रोणयोः समाहारो ( द्विद्रोणम् ) पात्रादित्वात् स्त्रीत्वाभावः 56
कृदन्तरूपमाला
Sanskrit
1 {@“द्रुण हिंसागतिकौटिल्येषु”@} 2 3 द्रोणकः-णिका, द्रोणकः-णिका, दुद्रुणिषकः-दुद्रोणिषकः-षिका, दोद्रुणकः- णिका
इत्यादीनि सर्वाण्यपि रूपाणि भौवादिकघोणतिवत् 4 ज्ञेयानि।
अस्य धातोः परस्मैपदित्वात् तुदादित्वाच्च शतरि द्रुणन्-ती इति रूपमिति विशेषः।
द्रुणः = खर्जूरः।
इगुपधलक्षणः कप्रत्ययः।
गौरादिषु 5 पाठात् ङीषि द्रुणी = कच्छपी।
पचादिषु पाठात् कर्तर्यच्प्रत्यये द्रोणः।
6 विद्रोणनम्।
‘परिमाणाख्यायां सर्वेभ्यः’ 7 इति घञि द्रोणः = परिमाणविशेषः।
प्रासङ्गिक्यः
01
=>
(८८४)
02
=>
(६-तुदादिः-१३३७। सक। सेट्। पर।)
03
=>
[पृष्ठम्०७८२+ २४]
04
=>
(४६६)
05
=>
(४-१-४१)
06
=>
[[आ। ‘विद्रोणनेष्वघुणिता मदघूर्णदक्षा युद्धे सुरानपि खरोत्कुरिताः खुरन्तः।।’ धा। का। २। ७६।]]
07
=>
(३-३-२०)