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त्रिविष्टप (triviSTapa)

 
शब्दसागरः
English
त्रिविष्टप
n.
(-पं)
1. Heaven or paradise.
2. The three worlds, or heaven,
earth, and hell: see त्रिपिष्टप
Capeller Eng
English
त्रिविष्टप
n.
= त्रिपिष्टप.
Yates
English
त्रि-विष्टप (पं) 1.
n.
Heaven or paradise.
Spoken Sanskrit
English
त्रिविष्टप triviSTapa
n.
Wilson
English
त्रिविष्टप
n.
(-पं)
1 Heaven or paradise.
2 The three worlds, or heaven, earth, and hell: see त्रिपिष्टप.
Monier Williams Cologne
English
त्रि—विष्टप
n.
=
-पिष्ट्°,
GopBr.
Yājñ.
MBh.
&c.
N.
of a Liṅga,
LiṅgaP.
i, 1, 4
for °ष्टब्ध,
SaṃnyUp.
iv, 1
Apte Hindi
Hindi
त्रिविष्टपम्
नपुं*
त्रि-विष्टपम् -
"इन्द्रलोक, स्वर्ग"
Shabdartha Kaustubha
Kannada
त्रिविष्टप
पदविभागः - > नपुंसकलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಸ್ವರ್ಗಲೋಕ /ದೇವಲೋಕ
व्युत्पत्तिः - > तृतीयं विष्टपम्
प्रयोगाः - > "असौ कुमारस्तमजोऽनुजतस्त्रिविष्टपस्येव पतिं जयन्तः"
उल्लेखाः - > रघु० ६-७८
त्रिविष्टप
पदविभागः - > नपुंसकलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಸ್ವರ್ಗ ಮರ್ತ್ಯ ಪಾತಾಳ ಲೋಕಗಳು
निष्पत्तिः - > पात्राद्यन्तत्वात् स्त्रीत्वम्
व्युत्पत्तिः - > त्रयाणां विष्टपानां समाहारः
L R Vaidya
English
tri-vizwapa {% n. %} heaven, त्रिविष्टपस्येव पतिं जयंतः R.vi.78.
Bopp
Latin
त्रिविष्टप n. (e त्रि et विष्टप i. q. पिष्टप) i. q. त्रिपिष्टप.
RAGH. 6. 78.
Schmidt Nachtrage zum Sanskrit Worterbuch
German
त्रिविष्टप n. °die drei Welten, S II, 241, 4.
अभिधानचिन्तामणिः
Sanskrit
--source--
स्वर्गस्त्रिविष्टपं द्योदिवौ भुविस्तविषताविषौ नाकः
गौस्त्रिदिवमूर्ध्वलोकः सुरालयस्तत्सदस्त्वमराः ८७
देवाः सुपर्वसुरनिर्जरदेवतर्भुबर्हिर्मुखानिमिषदैवतनाकिलेखाः
वृन्दारकाः सुमनसस्त्रिदशा अमर्त्याः स्वाहास्वधाक्रतुसुधाभुज आदितेयाः ८८
गीर्वाणा मरुतोऽस्वप्ना विबुधा दानवारयः
-wordlist-
स्वर्ग (पुं), त्रिविष्टप (पुं), द्यो (स्त्री), दिव् (स्त्री), भुवि (स्त्री), तविष (पुं), ताविष (पुं), नाक (पुं), गो (स्त्री), त्रिदिव (क्ली), ऊर्ध्वलोक (पुं), सुरालय (पुं), अमर (पुं), देव (पुं), सुपर्वन् (पुं), सुर (पुं), निर्जर (पुं), देवता (पुं), ऋभु (पुं), बर्हिर्मुख (पुं), अनिमिष (पुं), दैवत (पुं), नाकिन् (पुं), लेख (पुं), वृन्दारक (पुं), सुमनस् (पुं), त्रिदश (पुं), अमर्त्य (पुं), स्वाहाभुज् (पुं), स्वधाभुज् (पुं), क्रतुभुज् (पुं), आदितेय (पुं), गीर्वाण (पुं), मरुत् (पुं), अस्वप्न (पुं), विबुध (पुं), दानवारि (पुं)
अभिधानरत्नमाला
Sanskrit
स्वर्
स्वर्, स्वर्ग, सुरसद्मन्, त्रिदशावास, त्रिविष्टप, त्रिदिव, द्यो, गो, अमर्त्यभुवन, नाक, ऊर्ध्वलोक
स्वः स्वर्गः सुरसद्म त्रिदशावासस्त्रिविष्टपं त्रिदिवम्
द्यौर्गौरमर्त्यभुवनं नाकः स्यादूर्ध्वलोकश्च
verse 1.1.1.3
page 0001
Mahabharata
English
Trivishṭapa^1 (= Tripishṭapa, q.v.): III, †939 (ºm iva Śakraḥ, sc. viveśa), 9951 (Gaṅgā comes from T.), 10594 (Uśīnara ascended to T.), 10818
V, 1603 (Svargaṃ)
VI, 3549
IX, 275, 276, 2720 (ºm iva paraṃ), 3028
XII, †2594, 3922, †10956, 12122
XIII, 4220, 4541
XIV, 916
XVIII, 1 (Svargaṃ), 3 (do.), 4 (do.).
Trivishṭapa^2 = Sūrya (the Sun): III, 156.--Do.^3 = Śiva (1000 names^2).
पुराणम्
English
त्रिविष्टप / TRIVIṢṬAPA. A sacred place inside kurukṣetra. If one bathes in the holy tank there and worships śiva one would go to heaven. (Chapter 83, Vana Parva).
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
त्रिविष्टपं,
क्ली,
(तृतीयं विष्टपं भुवनम् ।) त्रिपि-ष्टपम् स्वर्गः इत्यमरटीकायां स्वामी
(यथा, रामायणे १०८ ।“विहर त्वमयोध्यायां यथा शक्रस्त्रिविष्टपे
”)त्रिभुवनञ्च
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
त्रिपि(वि)ष्टप
न०
मर्त्यपातालापेक्षया तृतीयं पि(वि)ष्टपंभुवनम् वृत्तौ त्रिशब्दस्य त्रिभागवत् पूरणार्थता स्वर्गेअमरः “तत् त्रिपिष्टपसङ्काशमिन्द्रप्रस्थं व्यरोचत” भा०आ० २०६ अ० आकाशे शब्दर०
त्रिविष्टप
न०
विशन्त्यस्मिन् सुकृतिनः विश--कपन् तुट्-षत्वञ्च “विटपविष्टपविशिपोलपाः” उणा० उज्ज्वल-दत्तेन विष्टपेत्यत्र पिष्टषेति पठितस अन्थे तत्र दन्त्यो-ष्ठ्यादितया पेठुः “यत्र ब्रघ्नस्य विष्टपमित्यादि-प्रयोगात् “विष्टपं भुवनं जगत्” अमरग्रन्थे विष्ट-पेति पाठस्य क्षीरस्वामिप्रभृतिसम्पतत्वाच्च तृतोयंविष्टपम् वृत्तौ त्रिभागवत् संख्याशब्दस्य पूरणार्थत्वम् ।१ स्वर्गे अमरटीकायां स्वामी “त्रिविष्टपस्येव पतिंजयन्तः” रघुः “स्वर्गं त्रिविष्टपं प्राप्य धर्मराजो युधि-ष्ठिरः” भा० स्व० अ० समा० द्वि० त्रिभुवने
न०
Capeller
German
त्रिविष्टप
n.
= त्रिपिष्टप.
Burnouf
French
त्रिविष्टप त्रिविष्टप
n.
, cf. त्रिपिष्टप।