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त्रिपुरान्तक (tripurAntaka)

 
शब्दसागरः
English
त्रिपुरान्तक
m.
(-कः) A name of SIVA.
E.
त्रिपुर, and अन्तक ender, destroyer:
see त्रिपुरदहन
Capeller Eng
English
त्रि°पुरान्तक॑
m.
= त्रिपुरघातिन्.
Yates
English
त्रिपुरा_न्तक (कः) 1.
m.
A name of
Shiva.
Wilson
English
त्रिपुरान्तक
m.
(-कः) A name of ŚIVA.
E.
त्रिपुर, and अन्तक ender, destroyer: see त्रिपुरदहन.
Monier Williams Cologne
English
त्रि—पुरान्तक॑
m.
=
°र-घ्न,
MBh.
ii
Hariv.
1579
ŚatarUp.
(interpol.),
Kathās.
ciii
Macdonell
English
त्रिपुरान्तक tripura‿antaka,
a.
destroying 🞄Tripura (Rāmaʼs bow)
m.
ep. of Śiva
-ārāti, 🞄m. Śiva
-ari,
m.
id..
Apte Hindi
Hindi
त्रिपुरान्तकः
पुं*
त्रि-पुर-अन्तकः -
शिव के विशेषण
Shabdartha Kaustubha
Kannada
त्रिपुरान्तक
पदविभागः - > पुल्लिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಪರಶಿವ /ಪರಮೇಶ್ವರ
निष्पत्तिः - > अन्त + णिच् - "अण्वुल्" (३-१-१३३)
व्युत्पत्तिः - > त्रिपुरस्यान्तं करोति
L R Vaidya
English
tri-pura˚aMtaka {% m. %} an epithet of Śiva, R.xvii.14.
Aufrecht Catalogus Catalogorum
English
त्रिपुरान्तक son of Bhaṭṭapāda (?):
Yācaprabandha. Mack. 98.
Sanskrit Tibetan
Tibetan
grong gsum mthar byed
त्रिपुरान्तक
अभिधानरत्नमाला
Sanskrit
ईशान
ईशान, शशिशेखर, पशुपति, शूली, शिव, शङ्कर, शर्व, शम्भु, उमापति, गिरिश, श्रीकण्ठ, उग्र, हर, सर्वज्ञ, त्रिपुरान्तक, त्रिनयन, रुद्र, कपर्दिन्, भव, भूतेश, परमेश्वर, अन्धकरिपु, दक्षाध्वरध्वंसकृत्, स्थाणु, स्रष्टृ, धूर्जटि, वामदेव, कामध्वंसिन्, व्योमकेश, कपालिन्, नीलग्रीव, वह्निरेतस्, पिनाकिन्, भीम, भर्ग, कृत्तिवासस्, वृषाङ्क, अहिर्बुध्न, विरूपाक्ष, शिपिविष्ट, गणाधिप, गङ्गाधर, महादेव, मृड, नीललोहित
ईशानः शशिशेखरः पशुपतिः शूली शिवः शङ्करः,
शर्वः शम्भुरुमापतिश्च गिरिशः श्रीकण्ठ उग्रो हरः
सर्वज्ञस्त्रिपुरान्तकस्त्रिनयनो रुद्रः कपर्दी भवो,
भूतेशः परमेश्वरोऽन्धकरिपुर्दक्षाध्वरध्वंसकृत् ११
स्थाणुः स्रष्टा धूर्जटिर्वामदेवः,
कामध्वंसी व्योमकेशः कपाली
नीलग्रीवो वह्निरेताः पिनाकी,
भीमो भर्गः कृत्तिवासा वृषाङ्कः १२
अहिर्बुध्नो विरूपाक्षः शिपिविष्टो गणाधिपः
गङ्गाधरो महादेवो मृडः स्यान्नीललोहितः १३
verse 1.1.1.11
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शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
त्रिपुरान्तकः,
पुं,
(त्रिपुरस्य अन्तकः ।) शिवः ।इत्यमरः ३५
(यथा, काशीखण्डे१०० अध्याये ।“लाङ्गलीशमथालोक्य ततस्तु त्रिपुरान्तकम्
”तथाच महालिङ्गेश्वरतन्त्रे शिवशतनामस्तोत्रे ।“आशुतोषो मित्रमध्ये शत्रूणां त्रिपुरान्तकः
”)
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
त्रिपुरान्तक
पु०
त्रिपुरस्यान्तं करोति अन्त--णिच् ण्वुल् ।शिवे अमरः