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त्रिपर्णी (triparNI)

 
Spoken Sanskrit
English
त्रिपर्णी triparNI
f.
medicinal plant known for psychedelic effects [ Desmodium Gangeticum - Bot. ]
त्रिपर्णी triparNI
f.
Ceylon bowstring-hemp [ Sanseviera zeylanica - Bot ]
त्रिपर्णी triparNI
f.
wild cotton tree
Monier Williams Cologne
English
त्रि—पर्णी (ई),
f.
Desmodium gangeticum,
Bhpr.
vii, 2, 16
the wild cotton tree, v, 3, 31
=
°णा,
Npr.
Sanseviera zeylanica,
L.
N.
of a bulb,
L.
Shabdartha Kaustubha
Kannada
त्रिपर्णी
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಕಾಡಿಹತ್ತಿ ಗಿಡ
त्रिपर्णी
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ನರಿಹೊನ್ನೆ ಗಿಡ
त्रिपर्णी
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಮೂರು ಎಲೆಗಳು
व्युत्पत्तिः - > त्रयाणां पर्णानां समाहारः
Wordnet
Sanskrit
Synonyms:
पृश्निपर्णिका, पृश्निपर्णी, पृथक्पर्णी, चित्रपर्णी, अङ्घ्रिवल्लिका, क्रोष्टुविन्ना, सिंहपुच्छी, कलशिः, धावनिः, गुहा, पृष्णिपर्णी, लाङ्गली, क्रोष्टुपुच्छिका, पूर्णपर्णी, कलशी, क्रोष्टुकमेखला, दीर्घा, शृगालवृन्ता, त्रिपर्णी, सिंहपुच्छिका, सिंहपुष्पी, दीर्घपत्रा, अतिगुहा, घृष्ठिला, चित्रपर्णिका, महागुहा, शृगालविन्ना, धमनी, धामनी, मेखला, लाङ्गूलिका, लाङ्गूली, लाङ्गूलिकी, पृष्टिपर्णी, पृष्टपर्णी, दीर्घपर्णी, अङ्घ्रिपर्णी, धावनी, खरगन्धा, खरगन्धनिभा, गोरक्षतण्डुला, चतुष्फला, झषा, धावनी, नागबला, महागन्धा, महापत्त्रा, महाशाखा, महोदया, विश्वदेवा, विश्वेदेवा, ह्रस्वगवेधुका, घण्टा, घोण्टाफल, गोरक्षतण्डुल, गाङ्गेरुकी, गोलोमिका, द्युतिला, ब्रह्मपर्णी, रसालिहा, शीर्णनाला, सुमूला, खगशत्रुः, श्वपुच्छम्
noun
औषधोपयोगी लताविशेषः।
"पृश्निपर्णिकायाः श्वेतवर्णयुक्तं वर्तुलाकाररूपं पुष्पं भवति।"
Synonyms:
शालपर्णी, शालपर्णः, त्रिपर्णी, त्रिपर्णिका, सरिवना, शालिपर्णी, धवनिः, शालपत्रा, तृणगन्धा, पीतिनी, पीतनी, रुद्रजटा, सौम्या, शालानी, दीर्घमूला, निश्चला, वातघ्नी, ध्रुवा, ग्रन्थपर्णी, कुकुरः, पीलुमूलः, पीवरी, शालिका, शुभपत्रिका, नीलपुष्पः, पर्णी, अस्तमती, पालिन्दी, पालिन्धी
noun
एकः क्षुपः
"शालपर्णी भेषज्यरूपेण उपयुज्यते"
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
त्रिपर्णी,
स्त्री,
(त्रीणि त्रीणि पर्णानि यस्याः ।गौरादित्वात् ङीष् ।) शालपर्णी इति भाव-प्रकाशः
(अस्या गुणा यथा, --“यातुकः शालकल्याणी त्रिपर्णी पीलुपर्णिका ।शाकङ्गुरु रूक्षञ्च प्रायो विष्टभ्य जीर्य्यति ।मधुरं शीतवीर्य्यञ्च पुरीषस्य भेदनम्
”इति चरके सूत्रस्थाने २७ अध्याये
)वनकार्पासी पृश्निपर्णीभेदः इति रत्नमाला
Burnouf
French
त्रिपर्णी त्रिपर्णी
f.
coton sauvage.