| YouTube Channel

जालकिनी (jAlakinI)

 
शब्दसागरः
English
जालकिनी
f.
(-नी) A sheep, an ewe.
E.
जालक woollen cloth, इनि and
ङीष affs.
Yates
English
जालकिनी (नी) 3.
f.
A sheep, an ewe.
Wilson
English
जालकिनी
f.
(-नी) A sheep, an ewe.
E.
जालक woollen cloth, इनि and ङीष् affis.
Apte
English
जालकिनी [jālakinī], A ewe.
Apte 1890
English
जालकिनी A ewe.
Monier Williams Cologne
English
जालकिनी
f.
an ewe,
L.
Monier Williams 1872
English
जालकिनी जालकिनी, f. a sheep, an ewe.
Apte Hindi
Hindi
जालकिनी
स्त्री*
- जालकिन् + ङीप्
भेड़
Shabdartha Kaustubha
Kannada
जालकिनी
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಹೆಣ್ಣು ಕುರಿ
निष्पत्तिः - > स्त्रियां "ङीप्" (४-१-५)
विस्तारः - > "मेषी स्याज्जालकिन्यविः"- त्रिकाण्ड०
L R Vaidya
English
jAlakinI {% f. %} An ewe.
अभिधानचिन्तामणिः
Sanskrit
--source--
युवाजो वर्करोऽवौ तु मेषोर्णायुहुडोरणाः
उरभ्रो मेण्ढको वृष्णिरेडको रोमशो हुडुः १२७६
संफालः शृङ्गिणो भेडो मेषी तु कुररी रुजा
जालकिन्यविला वेण्यथेडिक्कः शिशुवाहकः १२७७
पृष्ठशृङ्गो वनाजः स्यादविदुग्धे त्ववेः परम्
सोढं दूसं मरीसं कुक्कुरो वक्रवालधिः १२७८
अस्थिभुग्भषणः सारमेयः कौलेयकः शुनः
शुनिः श्वानो गृहमृगः कुर्कुरो रात्रिजागरः १२७९
रसनालिड्रतपराः कीलशायिव्रणान्दुकाः
शालावृको मृगदंशः श्वालर्कस्तु रोगितः १२८०
-wordlist-
वर्कर (पुं), अवि (पुं), मेष (पुंक्ली), ऊर्णायु (पुं), हुड (पुं), उरण (पुं), उरभ्र (पुं), मेण्ढक (पुं), वृष्णि (पुं), एडक (पुं), रोमश (पुं), हुडु (पुं), सम्फाल (पुं), शृङ्गिण (पुं), भेड (पुं), मेषी (स्त्री), कुररी (स्त्री), रुजा (स्त्री), जालकिनी (स्त्री), अविला (स्त्री), वेणी (स्त्री), ईडिक्क (पुं), शिशुवाहक (पुं), पृष्ठशृङ्ग (पुं), वनाज (पुं), अविदुग्ध (क्ली), अविसोढ (क्ली), अविदूस (क्ली), अविमरीस (क्ली), कुक्कुर (पुं), वक्रवालधि (पुं), अस्थिभुज् (पुं), भषण (पुं), सारमेय (पुं), कौलेयक (पुं), शुन (पुं), शुनि (पुं), श्वान (पुं), गृहमृग (पुं), कुर्कुर (पुं), रात्रिजागर (पुं), रसनालिह् (पुं), रतकील (पुं), रतशायिन् (पुं), रतव्रण (पुं), रतान्दुक (पुं), शालावृक (पुं), मृगदंश (पुं), श्वन् (पुं), अलर्क (पुं)
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
जालकिनी,
स्त्री,
(जालकं लोमसमूहस्तदस्त्यस्याइति “अत इनिठनौ ।” ११५ इति इनि-स्ततो ङीप् ।) मेषी इति हेमचन्द्रः ४३
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
जालकिनी जालनिव का यति कै--क जालकं देहलोम-तदस्त्यस्याः इनि ङीप् मेष्यां त्रिका० मेघे
पु०