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जया (jayA)

 
Apte
English
जया [jayā],
f.
The name of a magical lore (oft en mentioned with विजया) taught by Viśvāmitra to Rāma, विद्यामथैनं विजयां जयां
Bk.*
2.21.
Monier Williams Cologne
English
जया a (आ),
f.
Sesbania aegyptiaca,
L.
Premna spinosa or longifolia,
L.
Terminalia Chebula,
L.
नील-दूर्वा,
L.
for जपा,
Kathās.
lxvii, 32
N.
of a narcotic substance,
W.
the 3rd or 8th or 13th day of either half-month,
Sūryapr.
cf.
Hcat.
i, 3, 360 and
Nirṇayas.
i, 391/392
one of the 7 flag-sticks of Indra's banner,
VarBṛS.
xliii, 40
N.
of the सौरा धर्माः,
BhavP.
i
of Durgā,
MBh.
iv, vi
Hariv.
Kathās.
liii, 170
of a daughter of Dakṣa (wife of Śiva,
MatsyaP.
xiii, 32
tutelary deity of the Ārtabhāgas,
BrahmaP.
ii, 18, 19),
R.
i, 23, 14
of a Yoginī,
Hcat.
ii, 1, 694 (v.l. लया)
of a Śakti, i, 5, 200
of a handmaid of Durgā (wife of Puṣpa-danta,
Kathās.
i, 52
vii, 107
of Hariś-candra,
ŚivaP.
)
(= तारा)
N.
of a,
Buddh.
deity,
L.
of the mother of the 12th Arhat of the present Avasarpiṇī,
L.
जया b
f.
of °य, q.v.
Apte Hindi
Hindi
जया
स्त्री*
- -
दुर्गा
जया
स्त्री*
- -
दुर्गा का सेवक
जया
स्त्री*
- -
एक प्रकार का झण्ड़ा
Shabdartha Kaustubha
Kannada
जया
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ತಕ್ಕಿಲೆ ಗಿಡ
जया
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಒಂದು ಜಾತಿಯ ನೆಲ್ಲಿ ಗಿಡ
जया
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ದುರ್ಗಾದೇವಿ
प्रयोगाः - > "जयः कल्याणवचनः आकारो दातृवाचकः जयं ददाति सा नित्यं सा जया परिकीर्तिता ॥" "जया त्वं विजया चैव सङ्ग्रामे जयप्रदा ममापि विजयं देहि वरदा त्वं साम्प्रतम् ॥"
उल्लेखाः - > ब्रह्मवै०, भा० विरा० ८-१७
जया
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಪಕ್ಷದ ಮತ್ತು ೧೩ನೆಯ ತಿಥಿಗಳು
प्रयोगाः - > "नन्दा भद्रा जया रिक्ता पूर्णा प्रतिपत्क्रमात्"
जया
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಗರಿಕೆ ಹುಲ್ಲು
L R Vaidya
English
jayA {% f. %} 1. Name of an attendant of the goddess Durgā
2. a kind of flag.
Aufrecht Catalogus Catalogorum
English
जया or जयाख्यसंहिता from the Nāradapañcarātra. Peters.
6, 492. Quoted by Utpala in Spandapradīpikā.
Edgerton Buddhist Hybrid
English
Jayā, n. of one of the four Kumārī, q.v., or Bhaginī: Mmk 〔537.7〕
〔539.7〕, et alibi
prob. the same a yakṣiṇī, Mmk 〔573.14〕
〔574.4〕.
Indian Epigraphical Glossary
English
jayā (IA 23), hemp.
(EI 12), name of a tithi.
Wordnet
Sanskrit
Synonyms:
अरणी, श्रीपर्णम्, अग्निमन्थः, कणिका, गणिकारिका, जया, अरणिः, तेजोमन्थः, हविर्मन्थः, ज्योतिष्कः, पावकः, वह्निमन्थः, मथनः, अग्निमथनः, तर्कारी, वैजयन्तिका, अरणीकेतुः, श्रीपर्णी, कर्णिका, नादेयी, विजया, अनन्ता, नदीजा
noun
हिमालयेषु वर्तमानः वृक्षविशेषः यस्य खाद्यं फलं भवति एवं तस्य बीजमपि उपयोगाय वर्तते।
"अरणी तु औषधवृक्षः भवति।"
Synonyms:
जया, जयन्ती, तर्कारी, नादेयी, वैजयन्तिका, बली, मोटा, हरिता, विजया, सूक्ष्ममूला, विक्रान्ता, अपराजिता
noun
एका ओषधी यस्याः पुष्पाणि सुन्दराणि भवन्ति।
"माली उपवनेषु वैजयन्तिकां स्थापयन्ति।"
Synonyms:
शिवा, हरितकी, अभया, अव्यथा, पथ्या, वयःस्था, पूतना, अमृता, हैमवती, चेतकी, श्रेयसी, सुधा, कायस्था, कन्या, रसायनफला, विजया, जया, चेतनकी, रोहिणी, प्रपथ्या, जीवप्रिया, जीवनिका, भिष्गवरा, भिषक्प्रिया, जीवन्ति, प्राणदा, जीव्या, देवी, दिव्या
noun
हरितकीवृक्षस्य फलं यद् हरितपीतवर्णीयम् अस्ति।
"शुष्ककासे शिवा अतीव उपयुक्ता अस्ति।"
Synonyms:
विजया, त्रैलोक्यविजया, भङ्गा, इन्द्राशनः, इन्द्रासनम्, जया, गञ्जा, वीरपत्रा, चपला, अजया, आनन्दा, हर्षिणी, मादिनी, संविदा
noun
वृक्षविशेषः, मादकद्रव्ययुक्तः वृक्षः आयुर्वेदे अस्य वातकफापहत्वादयः गुणाः प्रोक्ताः।
"अधुना शासनेन विजयायाः कृषिः प्रतिबन्धिता अस्ति।"
Synonyms:
पार्वती, अम्बा, उमा, गिरिजा, गौरी, भगवती, भवानी, मङ्गला, महागौरी, महादेवी, रुद्राणी, शिवा, शैलजा, हिमालयजा, अम्बिका, अचलकन्या, अचलजा, शैलसुता, हिमजा, शैलेयी, अपर्णा, शैलकुमारी, शैलकन्या, जगद्जननी, त्रिभुवनसुन्दरी, सुनन्दा, भवभामिनी, भववामा, जगदीश्वरी, भव्या, पञ्चमुखी, पर्वतजा, वृषाकपायी, शम्भुकान्ता, नन्दा, जया, नन्दिनी, शङ्करा, शताक्षी, नित्या, मृड़ानी, हेमसुता, अद्रितनया, हैमवती, आर्या, इला, वारुणी
noun
शिवस्य पत्नी।
"पार्वती गणेशस्य माता अस्ति।"
Synonyms:
विजया, त्रैलोक्यविजया, भङ्गा, इन्द्राशनः, इन्द्रासनम्, जया, गञ्जा, वीरपत्रा, चपला, अजया, आनन्दा, हर्षिणी, मादिनी, संविदा
noun
वृक्षविशेषः, मादकद्रव्ययुक्तः वृक्षः आयुर्वेदे अस्य वातकफापहत्वम् आदि गुणाः प्रोक्ताः।
"त्रैलोक्ये विजयप्रदेति विजया श्रीदेवराजप्रिया।"
Sanskrit Tibetan
Tibetan
rgyal byed ma
अपराजिता / जया
अभिधानचिन्तामणिः
Sanskrit
--source--
मरुदेवा विजया सेना सिद्धार्था मङ्गला
ततः सुसीमा पृथ्वी लक्ष्मणा रामा ततः परम् ३९
नन्दा विष्णुर्जया श्यामा सुयशाः सुव्रताचिरा
श्रीर्देवी प्रभावती पद्मा वप्रा शिवा तथा ४०
वामा त्रिशला क्रमतः पितरो मातरोऽर्हताम्
-wordlist-
अर्हन्मातृ (स्त्री), मरुदेवा (स्त्री), विजया (स्त्री), सेना (स्त्री), सिद्धार्था (स्त्री), मङ्गला (स्त्री), सुसीमा (स्त्री), पृथ्वी (स्त्री), लक्ष्मणा (स्त्री), रामा (स्त्री), नन्दा (स्त्री), विष्णु (स्त्री), जया (स्त्री), श्यामा (स्त्री), सुयशा (स्त्री), सुव्रता (स्त्री), अचिरा (स्त्री), श्री (स्त्री), देवी (स्त्री), प्रभावती (स्त्री), पद्मा (स्त्री), वप्रा (स्त्री), शिवा (स्त्री), वामा (स्त्री), त्रिशला (स्त्री)
--source--
तस्याः सिंहो मनस्तालः सख्यौ तु विजया जया २०५
-wordlist-
अम्बिकासिंह (पुं), मनस्ताल (पुं), अम्बिकासखी (स्त्री), विजया (स्त्री), जया (स्त्री)
अभिधानचिन्तामणिपरिशिष्टम्
Sanskrit
--source--
गौतमी कौशिकी कृष्णा तामसी बाभ्रवी जया ४७
कालरात्रिर्महामाया भ्रामरी यादवी वरा
बर्हिध्वजा शूलधरा परमब्रह्मचारिणी ४८
अमोघा विन्ध्यनिलया षष्ठी कान्तारवासिनी
जाङ्गुली बदरीवासा वरदा कृष्णपिङ्गला ४९
p{0003}
दृषद्वतीन्द्रभगिनी प्रगल्भा रेवती तथा
महाविद्या सिनीवाली रक्तदन्त्येकपाटला ५०
एकपर्णा बहुभुजा नन्दपुत्री महाजया
भद्रकाली महाकाली योगिनी गणनायिका ५१
हासा भीमा प्रकूष्माण्डी गदिनी वारुणी हिमा
अनन्ता विजया क्षेमा मानस्तोका कुहावती ५२
चारणा पितृगणा स्कन्दमाता घनाञ्जनी
गान्धर्वी कर्वरी गार्गी सावित्री ब्रह्मचारिणी ५३
कोटिश्रीर्सन्दरावासा केशी मलयवासिनी
कालायनी विशालाक्षी किराती गोकुलोद्भवा ५४
एकानसी नारायणी शैला शाकंभरीश्वरी
प्रकीर्णकेशी कुण्डा नीलवस्त्रोग्रचारिणी ५५
अष्टादशभुजा पौत्री शिवदूती यमस्वसा
सुनन्दा विकचा लम्बा जयन्ती नकुलाकुला ५६
विलङ्का नन्दिनी नन्दा नन्दयन्ती निरञ्जना
कालंजरी शतमुखी विकराली करालिका ५७
विरजाः पुरला जीरी बहुपुत्री कुलेश्वरी
कैटभी कालदमनी दर्दुरा कुलदेवता ५८
रौद्री कुन्द्रा महारौद्री कालंगमा महानिशा
बलदेवस्वसा पुत्री हीरी क्षेमंकरी प्रभा ५९
मारी हैमवती चापि गोला शिखरवासिनी
-wordlist-
गौतमी (स्त्री), कौशिकी (स्त्री), कृष्णा (स्त्री), तामसी (स्त्री), बाभ्रवी (स्त्री), जया (स्त्री), कालरात्रि (स्त्री), महामाया (स्त्री), भ्रामरी (स्त्री), यादवी (स्त्री), वरा (स्त्री), बर्हिध्वजा (स्त्री), शूलधरा (स्त्री), परमब्रह्मचारिणी (स्त्री), अमोघा (स्त्री), विन्ध्यनिलया (स्त्री), षष्ठी (स्त्री), कान्तारवासिनी (स्त्री), जाङ्गुली (स्त्री), बदरीवासा (स्त्री), वरदा (स्त्री), कृष्णपिङ्गला (स्त्री), दृषद्वती (स्त्री), इन्द्रभगिनी (स्त्री), प्रगल्भा (स्त्री), रेवती (स्त्री), महाविद्या (स्त्री), सिनीवाली (स्त्री), रक्तदन्ती (स्त्री), एकपाटला (स्त्री), एकपर्णा (स्त्री), बजुभुजा (स्त्री), नन्दपुत्री (स्त्री), महाजया (स्त्री), भद्रकाली (स्त्री), महाकाली (स्त्री), योगिनी (स्त्री), गणनायिका (स्त्री), हासा (स्त्री), भीमा (स्त्री), प्रकूष्माण्डी (स्त्री), गदिनी (स्त्री), वारुणी (स्त्री), हिमा (स्त्री), अनन्ता (स्त्री), विजया (स्त्री), क्षेमा (स्त्री), मानस्तोका (स्त्री), कुहावती (स्त्री), चारणा (स्त्री), पितृगणा (स्त्री), स्कन्दमाता (स्त्री), घनाञ्जनी (स्त्री), गान्धर्वी (स्त्री), कर्बुरा (स्त्री), गार्गी (स्त्री), सावित्री (स्त्री), ब्रह्मचारिणी (स्त्री), कोटिश्री (स्त्री), मन्दरावासा (स्त्री), केशी (स्त्री), मलयवासिनी (स्त्री), कालायनी (स्त्री), विशालाक्षी (स्त्री), किराती (स्त्री), गोकुलोद्भवा (स्त्री), एकानसी (स्त्री), नारायणी (स्त्री), शैला (स्त्री), शाकम्भरी (स्त्री), ईश्वरी (स्त्री), प्रकीर्णकेशी (स्त्री), कुण्डा (स्त्री), नीलवस्त्रा (स्त्री), उग्रचारिणी (स्त्री), अष्टादशभुजा (स्त्री), पौत्री (स्त्री), शिवदूती (स्त्री), यमस्वसा (स्त्री), सुनन्दा (स्त्री), विकचा (स्त्री), लम्बा (स्त्री), जयन्ती (स्त्री), नकुला (स्त्री), कुला (स्त्री), विलङ्का (स्त्री), नन्दिनी (स्त्री), नन्दा (स्त्री), नन्दयन्ती (स्त्री), निरञ्जना (स्त्री), कालञ्जरी (स्त्री), शतमुखी (स्त्री), विकराला (स्त्री), करालिका (स्त्री), विरजस् (स्त्री), पुरला (स्त्री), जारी (स्त्री), बहुपुत्री (स्त्री), कुलेश्वरी (स्त्री), कैटभी (स्त्री), कालदमनी (स्त्री), दर्दुरा (स्त्री), कुलदेवता (स्त्री), रौद्री (स्त्री), कुन्द्रा (स्त्री), महारौद्री (स्त्री), कालङ्गमा (स्त्री), महानिशा (स्त्री), बलदेवस्वसृ (स्त्री), पुत्री (स्त्री), हीरी (स्त्री), क्षेमङ्करी (स्त्री), प्रभा (स्त्री), मारी (स्त्री), हैमवती (स्त्री), गोला (स्त्री), शिखरवासिनी (स्त्री)
Mahabharata
English
Jayā = Durgā (Umā): IV, 194
VI, 798.
पुराणम्
English
जया / JAYĀ. I. A daughter of the hermit gautama. gautama had two daughters by his wife ahalyā named jayantī and Aparājitā besides jayā. While dakṣa was performing a yāga, (sacrifice) this jayā informed pārvatī of it. pārvatī fell down when she heard that dakṣa had not invited śiva to the sacrifice. śiva got angry at Dakṣa's negligence and from his wrath the Bhūtagaṇas such as vīrabhadra and others (attendants of śiva) arose. (vāmana purāṇa, Chapter 4).
जया / JAYĀ. II. Wife of puṣpadanta, a gaṇa (attendant of śiva). See under puṣpadanta.
जया / JAYĀ. III. Another name of pārvatī. (M.B. virāṭa Parva, Chapter 6, Stanza 16).
जया / JAYĀ IV. A daughter of dakṣa. Two daughters named jayā and suprabhā were born to dakṣa. To suprabhā and jayā fifty sons each were born. These hundred sons wore various kinds of arrows and such other weapons. (vālmīki rāmāyaṇa, Bālakāṇḍa, sarga 21).
जया / JAYĀ V. A maid of pārvatī. It is seen in skanda purāṇa that this jayā was the daughter of prajāpati kṛśāśva.
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
जया,
स्त्री,
(जीयतेऽनया जि + “एरच् ।”इति करणे अच् ततष्टाप् ।) दुर्गा (यथा, महाभारते २२ २२ ।“कात्यायनि महाभागे करालि विजये जये !
”)अस्या व्युत्पत्तिर्यथा, --“जयः कल्याणवचनो ह्याकारो दातृवाचकः ।जयं ददाति सा नित्यं सा जया परिकीर्त्तिता
इति ब्रह्मवैवर्त्ते श्रीकृष्णजन्मखण्डम्
जयन्तीवृक्षः यथा, वैद्यकरत्नमालायाम् ।“वैजयन्ती तर्कारी जयन्ती विजया जया
”तिथिबिशेषः सा तु तृतीयाष्टमीत्रयोदश्यः ।(यथा, ज्योतिषे ।“नन्दा भद्रा जपा रिक्ता पूर्णा प्रतिपदः क्रमात्
”द्वादशीविशेषः यथा, ब्रह्मवैवर्त्ते ।“जया विजया चैव जयन्ती पापनाशिनी ।द्वादश्योऽष्टौ महापुण्याः सर्व्वपापहराद्बिज !
”)हरीतकी दुगासखी इति मेदिनी ये, २४
(यथा, काशीखण्डे ४७ ४६ ।“यथा जया विजया यथा चैव जयन्तिका
”देवी भगवती तु वराहशैले पीठस्थाने जया-मूर्त्त्याविराजते यथा, देवीभागवते ३० ५२ ।“वराहशैले तु जया कमला कमलालये
”)विजया (यथा, रसप्रदीपे अजीर्णचिकित्सायाम् ।“क्षारत्रयं सूतगन्धौ पञ्चकोलमिदं शुभम् ।सर्व्वैस्तुल्या जया भृष्टा तदर्द्धा शिग्रुजा जटा
”)शान्तावृक्षः नीलदूर्व्वा अग्निमन्थवृक्षः ।इति राजनिर्घण्टः
(यथा, भावप्रकाशस्यपूर्व्वखण्डे प्रथमे भागे ।“अग्निमन्थो जयः स्याच्छ्रीपर्णी पणिकारिका ।जया जयन्ती तर्कारी नादेयी वैजयन्तिका
”)पताकाविशेषः इति युक्तिकल्पतरुः
(ज्वरघ्नौषधविशेषः यथा, --“विषं त्रिकटु कं मुस्तं हरिद्रा निम्बपत्रकम् ।विडङ्गमष्टमं चूर्णं छागमूत्रैः समं समम् ।चणकाभा वटी कार्य्या स्याज्जया योगवाहिका
जयन्ती वा जया वाथ क्षीरैः पित्तज्वरापहा ।मुद्रामलकयूषेण पथ्यं देयं घृतं विना
जयन्ता वा जया जथ विषमज्वरनुद्घृतैः ।सर्व्वज्वरं मधुव्योषैर्गवां मूत्रेण शीतकम्
चन्दनस्य कषायेण रक्तपित्तज्वरापहा ।जयन्ती वा जया वाथ माक्षिकेण कासजित्
जयन्ती वा जया वाथ गोमूत्रण युतां पिबेत् ।हन्त्याशु काकर्ण कुष्ठं सुलेपेन तद्द्रुतम्
द्बिनिष्कं केतकीमूलं पिष्ट्वा तोयेन पाचयेत् ।जयन्ती वा जया वाथ मेहं हन्ति सुराह्वयम्
जयन्ती वा जया वाथ मधुना सर्व्वमेहनुत् ।जयन्ती वा जया वाथ गुडैः कोष्णजलैः पिबेत्
त्रिदोषोत्थं हरेद्गुल्मं रसो वा नन्दभैर्वः ।जयन्ती वा जया वाथ शुण्ठ्या सर्व्वभगन्दरम् ।जयन्ती वा जया वाथ तक्रेण ग्रहणीप्रणुत् ।जयन्ती वा जया वाथ शृङ्गीद्रावैर्निशान्ध्यनुत्
जयन्ती वा जया वाथ घृष्ट्वा स्तन्येन चाञ्जनम् ।श्रावणं सर्व्वदोषोत्थं मांसवृद्धिञ्च नाशयेत्
”इति जयाजयन्ती वटी
इति वैद्यकरसन्द्रसारसंग्रहे ज्वराधिकारे
*
)
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
जया स्त्री जि--अच् जयन्तीवृक्षे अमरः रोगजयात् तस्या-स्तथात्वम् दुर्गासहचरीभेदे जयन्तिकाशब्दे दृश्यम् ।“नन्दा भद्रा जया रिक्ता पूर्णा प्रतिपत्क्रमात्”ज्यो० उक्ते उभयपक्षीयतृतीयाष्टमीत्रयोदशीरूपे तिथि-भेदे हरीतक्यां मेदि० विजयायां (भाङ्ग) नील-दूर्वायाम् अग्निमन्थवृक्षे राजनि० पताकाभेदे युक्तिकल्पतरुः “जयः कल्याणवचन आकारोदातृवाचकः जयं ददाति सा नित्यं सा जया परि-कीर्त्तिता” ब्रह्मवै० उक्तनिरुक्तियुक्तायां दुर्गायाम् “जयात्वं विजया चैव संग्रामे जयप्रदा ममापि विजयंदेहि वरदा त्वञ्च साम्प्रतम्” भा० वि० अ० दुर्गास्तुतिः ।सा गौर्य्यादिषु षोडशसु मातृषु अन्यतमा यथाहगृह्यपरिशिष्टम् “गौरी पद्मा शची मेधा सावित्रीविजया जया देवसेना स्वधा स्वाहा मातरो लोक-मातरः शान्तिः पुष्टिर्धृतिस्तुष्टिरात्मदेवतया सह ।आदौ विनायकः पूज्यो ह्यन्ते कुलदेवता”