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छल (chala)

 
शब्दसागरः
English
छल
n.
(-लं)
1. Wickedness.
2. Fraud, circumvention, trick, stratagem.
3. Design, device.
E.
छल to cut, अलच् affix, and the radical final
rejected.
Capeller Eng
English
छल
n.
(m. ) fraud, deceit, pretence, delusion, appearance,
fiction. °— &
instr.
with fraud, deceitfully
छलतस् under the
disguise of (—°).
Yates
English
छल (लं) 1.
n.
Wickedness, deception.
Spoken Sanskrit
English
छल - chala -
m.
n.
- fraud
छल - chala -
n.
- deceit
छल - chala -
n.
- fallacy
छल - chala -
n.
- delusion
छल - chala -
n.
- deceitful disputation
छल - chala -
n.
- trick
छल - chala -
n.
- pretence
छल - chala -
n.
- perverting the sense of words
छल - chala -
n.
- feint
छल - chala -
n.
- guise
छल - chala -
n.
- wickedness
छल - chala -
n.
- fiction
छल - chala -
n.
- sham
छल - chala -
n.
- wile
छल - chala -
n.
- semblance
छल chala
n.
guise
लिङ्ग liGga
n.
guise
कथाच्छल kathAcchala
n.
device or artifice or guise of fables
कथाछल kathAchala
n.
device or artifice or guise of fables
Wilson
English
छल
n.
(-लं)
1 Wickedness.
2 Fraud, circumvention, trick, stratagem.
3 Design, device.
E.
छो to cut, कलच् affix, and the radical final rejected.
Apte
English
छलः [chalḥ] लम् [lam], लम् [छल्-अच्]
Fraud, trick, deceit, deception
विद्महे शठ पलायनच्छलानि
R.*
19.31
छलमत्र गृह्यते
Mk.*
9.18
Y.*
1.61
Ms.*
8.49, 187
Amaru.*
16
Śi.*
13.11.
Roguery, knavery.
A plea, pretext, guise, semblance (oft en used in this sense to denote an उत्प्रेक्षा)
असुरक्षाहि बहुच्छलाः श्रियः
Ki.*
2.39
परिखावलयच्छलेन या परेषां ग्रहणस्य गोचरा
N.*
2.95
प्रत्यर्प्य पूजामुपदाच्छलेन
R.*
7.3
6.54
16.28
Bk.*
1.1
Amaru.*
15
Māl.
9.1.
Intention.
Wickedness.
A family.
Design, device.
Fiction, circumvention.
Deceitful disputation, perverting the sense of words
विधर्मः परधर्मश्च आभास उपमा छलः अधर्मशाखाः पञ्चेमा धर्मज्ञो$धर्मवत् त्यजेत्
Bhāg.*
7.15.12.
Difficult subject
ब्रह्म हि प्रचुरच्छलम्
Mb.
* 12.328.6.
Apte 1890
English
छलः,
लं [छल्-अच्] 1 Fraud, trick, deceit, deception
विद्महे शठ पलायनच्छलानि R. 19. 31
छलमत्र गृह्यते Mk. 9. 18
Y. 1. 61
Ms. 8. 49, 187
Amaru. 16
Śi. 13. 11.
2 Roguery, knavery.
3 A plea, pretext, guise, semblance (often used in this sense to denote an उत्प्रेक्षा)
असुरक्षाहि बहुच्छलाः श्रियः Ki. 2. 39
परिखावलयच्छलेन या परेषां ग्रहणस्य गोचरा N. 2. 95
प्रत्यर्प्य पूजामुपदाच्छलेन R. 7. 30, 6. 54, 16. 28
Bk. 1. 1
Amaru. 15
Māl. 9. 1.
4 Intention.
5 Wickedness.
6 A family.
7 Design, device.
8 Fiction, circumvention.
Monier Williams Cologne
English
छल
n.
(√ स्खल्) (exceptionally
m.
,
BhP.
vii, 15, 12
g. अर्धर्चादि) fraud, deceit, sham, guise, pretence, delusion, semblance, fiction, feint, trick, fallacy (often ifc. , e.g. उपदा-छलेन, ‘under pretence of gifts of honour’ i.e. with feigned gifts,
Ragh.
vii, 27
रजश्-छलेन, ‘under the semblance of dust’, xvi, 28
See कन्यका-, धर्म-, वाक्-),
Mn.
viii, 49 and (अ-च्छ्°,
neg.
), 187
MBh.
&c.
(ifc. f(आ). ,
Kathās.
lxii, 164)
deceitful disputation, perverting the sense of words,
Nyāyas.
i, 51 ff.
Sarvad.
wickedness,
W.
for स्थल,
MBh.
xiii, 7257
छल
m.
N.
of a son of Dala,
VP.
iv, 4, 47
Monier Williams 1872
English
छल छल, अस्, अम्, m. n. (probably fr. 1.
छद्), fraud, deceit, deception, sham, guise, dis-
guise, pretence, pretext, delusion, illusion, semblance,
counterfeit appearance, fiction, feint, circumvention,
trick, stratagem
fallacy (e. g. वाक्-छलैः, with
fallacious words)
wickedness
design, device
in-
tention
(अस्), m., N. of a son of Dala and descendant
of Kuśa
छलात्, through deceit or fraud, deceitfully
छलेन, deceitfully, illusively, under the disguise or
pretext or pretence of
उपदा-छलेन, under pre-
tence of gifts of honour, i. e. with feigned gifts
रजश्-छलेन, under the semblance of dust
[cf.
Lat. scelus.]
—छल-कारक, अस्, आ, अम्, or छल-
कारिन्, ई, इणी, इ, practising fraud or deceit, fraudulent.
—छल-ता, f. fraud, deception, deceit.
Macdonell
English
छल chal-a,
m.
(rare),
n.
fraud, artifice, 🞄artful management, deception
pretence, illusion, 🞄guise
in. , ab. under the guise of (—°)
🞄-ana,
n.
deceiving: ā,
f.
id..
Benfey
English
छल छल (cf. vb. स्खल्),
1. Fraud,
Rām. 4, 57, 10.
2. Artful management,
Man. 8, 49.
3. Pretext, Śiś. 9, 48.
4. Intention, Mārk. P. 25, 10.
Apte Hindi
Hindi
छलः
पुं*
- छल्-अच्
"जालसाजी, चालाकी, धोखा, दगाबाजी"
छलः
पुं*
- -
"बदमाशी, धूर्तता"
छलः
पुं*
- -
"दलील, बहाना, ब्याज, बाह्यरूप"
छलः
पुं*
- -
इरादा
छलः
पुं*
- -
दुष्टता
छलः
पुं*
- -
हेत्वाभास
छलः
पुं*
- -
"योजना, उपाय, तरकीब"
छलम्
नपुं*
- छल्-अच्
"जालसाजी, चालाकी, धोखा, दगाबाजी"
छलम्
नपुं*
- -
"बदमाशी, धूर्तता"
छलम्
नपुं*
- -
"दलील, बहाना, ब्याज, बाह्यरूप"
छलम्
नपुं*
- -
इरादा
छलम्
नपुं*
- -
दुष्टता
छलम्
नपुं*
- -
हेत्वाभास
छलम्
नपुं*
- -
"योजना, उपाय, तरकीब"
छलः
पुं*
- छल्+अच्
एक प्रकार का झगड़ा जिसमें असंगत तर्को का प्रयोग किया जाय
Shabdartha Kaustubha
Kannada
छल
पदविभागः - > नपुंसकलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ವ್ಯಾಜ /ನೆಪ
निष्पत्तिः - > छो (छेदने)- "कलः" (उ० १-१०६)
प्रयोगाः - > "यस्य क्षरत्सैन्यगजच्छलेन यात्रासु यातीव पुरो महेन्द्रः"
उल्लेखाः - > रघु० ६-५४
छल
पदविभागः - > नपुंसकलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಮರೆ ಮಾಚುವುದು /ನಿಜಾಂಶವನ್ನು ಮುಚ್ಚಿಡುವುದು
छल
पदविभागः - > नपुंसकलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಶಾಠ್ಯ /ಮೂರ್ಖತನ
छल
पदविभागः - > नपुंसकलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಕಪಟ /ಮೋಸ /ವಂಚನೆ
प्रयोगाः - > "शिरसि स्म जिघ्रति सुरारिबन्धने छलवामनं विनयवामनं तदा"
उल्लेखाः - > माघ० १३-१२
छल
पदविभागः - > नपुंसकलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ನ್ಯಾಯಮತದಲ್ಲಿ ವಾದಿಯು ಹೇಳಿದ ಶಬ್ದಕ್ಕೆ ಬೇರೆ ಅಥವನ್ನು ಕಲ್ಪಿಸಿ ಪ್ರತಿವಾದಿಯು ಹೇಳುವ ದೂಷಣ
प्रयोगाः - > "विघातोऽर्थविकल्पोपपत्त्या छलम्"
छल
पदविभागः - > नपुंसकलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ದಶರೂಪಕಗಳಲ್ಲೊಂದಾದ ವೀಥಿಯ ಒಂದು ಅಂಗ
प्रयोगाः - > "अस्यास्त्रयोदशाङ्गानि निर्दिशन्ति मनीषिणः उद्धात्यकावलगिते प्रपञ्चस्त्रिगतं छलम् ॥"
उल्लेखाः - > सा० द० ६-२५५
छल
पदविभागः - > नपुंसकलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಯುದ್ಧ ಮರ್ಯಾದೆಯನ್ನೂ ಮೀರಿ ನಡೆಯುವುದು
विस्तारः - > "प्रसभं तु बलात्कारो हठोऽथ स्खलितं छलम्" - अम०
L R Vaidya
English
Cala {% m.n. %} 1. Fraud, trick, deception, delusion, छलमत्र गृह्यते Mrich.ix., Am.S.16, M.viii.49, Yaj.i.61
2. plea, pretext, semblance, guise, प्रत्यर्प्य पूजामुपदाछलेन R.vii.30, Bt.i.1, Am.S.15
(in this sense the word is often used to indicate an उत्प्रेक्षा, R.vi.54, xvi.28)
3. roguery, knavery
4. wickedness
5. a fallacy
6. design, device.
Bopp
Latin
छल n. (ut mihi videtur, a छद् tegere, abscondere, mutato
द् in ल्, suff. अ) alienae formae assumptio, dissimula-
tio
dolum, fraus. HIT. 4. 2. RAGH. 6. 54. 16. 28. HIT.
4. 2. RAGH. 7. 27.
v. छद्मन्, छद्मिन्. (Cf. lat. scelus.)
Indian Epigraphical Glossary
English
chala (IE 8-8), meaning uncertain
probably, a pretext.
(EI 30), probably, a plea, or persecution, prosecution.
Lanman
English
chala, m. n. (perhaps cover, i. e.) guise,
disguise
pretence, deceit. [perhaps fr.
√1chad.]
Sanskrit Tibetan
Tibetan
skyon
१) अङ्गण २) अपक्षण ३) अपराध ४) अवलेप ५) आदीनव ६) आपत्ति ७) आम ८) आमय ९) आविल १०) ऊन ११) कलङ्क १२) कलि १३) छल १४) दुष्ट १५) दोष १६) पर्याप्ति १७) फल्गु १८) श्वित्र १९) हानि
अभिधानचिन्तामणिः
Sanskrit
--source--
कपटं कैतवं दम्भः कूटं छद्मोपधिश्छलम्
व्यपदेशो मिषं लक्षं निभं व्याजोऽथ कुक्कुटिः ३७८
कुहना दम्भचर्या वञ्चनं तु प्रतारणम्
व्यलीकमतिसन्धानं साधौ सभ्यार्यसज्जनाः ३७९
-wordlist-
कपट (क्ली), कैतव (क्ली), दम्भ (पुं), कूट (पुंक्ली), छद्मन् (क्ली), उपधि (स्त्री), छल (क्ली), व्यपदेश (पुं), मिष (क्ली), लक्ष (क्ली), निभ (क्ली), व्याज (पुं), कुक्कुटि (स्त्री), कुहना (स्त्री), दम्भचर्या (स्त्री), वञ्चन (क्ली), प्रतारण (क्ली), व्यलीक (क्ली), अतिसन्धान (क्ली), साधु (पुं), सभ्य (पुं), आर्य (पुं), सज्जन (पुं)
--source--
बलात्कारस्तु प्रसभं हठोऽथ स्खलितं छलम् ८०४
-wordlist-
बलात्कार (पुं), प्रसभ (क्ली), हठ (पुं), स्खलित (क्ली), छल (क्ली)
अभिधानरत्नमाला
Sanskrit
कैतव
कैतव, कपट, कूट, व्याज, छद्मन्, उपधि, छल, मिष, निभ, व्यपदेश
कैतवं कपटं कूटं व्याजच्छद्मोपधिच्छलम्
मिषं निभं निर्दिष्टं व्यपदेशश्च सूरिभिः ७०९
verse 4.1.1.709
page 0082
नाममाला
Sanskrit
व्यपदेश, निभ, व्याज, व्यतिकर, छल, छद्मन्
व्यपदेशो निभं व्याजः पदं व्यतिकरश्छलम्
छद्म वृत्तान्तमुत्प्रेक्षा शब्दमन्यं निर्णयेत् १३८
verse 0.1.1.138
page 0069
कलह, परिवाद, छल
मर्म कोषं कलहं परिवादं छलं नयेत्
verse 0.1.1.188
page 0089
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
छलं,
क्ली,
(छो + वृषादित्वात् कलच् यद्वा, छल +अच् ।) स्खलितम् शाठ्यम् इति मेदिनी ।ले, १७
(यथा, मनुः ४९ ।“धर्म्मेण व्यवहारेण च्छलेनाचरितेन ।प्रयुक्तं साधयेदर्थं पञ्चमेन बलेन
”व्याजः यथा, मार्कण्डेये २५ १० ।“सा वै मदालसा पुत्त्रं बालमुत्तानशायिनम् ।उल्लापनच्छलेनाह रुदमानमविस्वरम्
”तात्पर्य्यान्तरेण प्रयुक्तस्य शब्दस्यार्थान्तरेणकथनम् यथा, अक्षपादसूत्रे ५० ।“वचनविधातोऽर्थविकल्पोपपत्त्या च्छलम्
”“अर्थस्य वाद्यभिमतस्य यो विकल्पो विरुद्धःकल्पः अर्थान्तरकल्पनेति यावत् तदुपपत्त्यायुक्तिविशेषेण यो वचनस्य बाद्युक्तस्य विघातोदूषणं तच्छलमित्यर्थः वक्तृतात्पर्य्याविषयार्थ-कल्पनेन दूषणाभिधानमिति फलितम् तात्-पर्य्याविषयत्वं विशेष्ये विशेषणे संसर्गे वा यथा, नेपालादागतोऽयं नवकम्बलवत्त्वादित्यत्र नव-संख्यापरत्वकल्पनयाऽसिद्ध्यभिधानम् प्रमेयंधर्म्मत्वादित्यत्र पुण्यत्वार्थकल्पनया भागासिद्ध्य-भिधानम् वह्निमान् धूमादित्यत्र धूमावयवेव्यभिचाराभिधानम् तत्त्रिविधम् वाक्छलंसामान्यच्छलमुपचारच्छलञ्च
“छलं नामपरिशठमर्थाभासमपार्थकं वाग्वस्तुमात्रमेव ।तद्द्विविधं वाक्छलं सामान्यच्छलञ्च तत्र वाक्-छलं नाम यथा कश्चिद्ब्रूयात् नवतन्त्रोऽयंभिषगितिभिषग् ब्रूयात् नाहं नवतन्त्र एकतन्त्रो-ऽहमिति परो ब्रूयात् नाहं ब्रवीमि नवतन्त्राणि तवेति अथतु नवाभ्यस्तं ते तन्त्रमितिभिषग् ब्रूयात् मया नवाभ्यस्तं तन्त्रं अनेक-शताभ्यस्तं मया तन्त्रमिति एतद्वाक्छलम् ।सामान्यच्छलं नाम यथा, व्याधिप्रशमनायौषध-मित्युक्ते परो ब्रूयात् सत् सत्प्रशमनायेति भवा-नाह सत्रोगः सदौषधं यदिच सत्प्रशमनायभवति सत्कासः सत्क्षयः सत्सामान्यात् कासस्तेक्षयप्रशमनाय भविष्यतीति एतत्सामान्य-छलम्
इति चरके विमानस्थाने अष्टमेअध्याये
)
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
छल
न०
छल--अच् स्वरूपाच्छादने व्याजे यथार्थगूहने४ कटयुद्धादिना तन्मर्य्यादायाश्चलने शाठ्ये कापट्येंन्यायमतसिद्धे कार्य्यान्तरेण प्रयुक्तस्य वाद्युक्तशब्दस्यार्थान्तरकल्पनया प्रतिवादिना दत्ते दूषणभेदे तल्लक्षणभेदा-दिकं गौ० सृ० वृत्तौ दर्शितम् यथा “विघातोऽर्थ-विकल्पोपपत्त्या छलम् तत् त्रिविधं वाक्छलं सा०मान्यच्छलमुपचारच्छलञ्चेति अविशेषाभिहितेऽर्थेवक्तुरभप्रायादर्थान्तरकल्पना वाक्छलम् सम्भ-वतोऽर्थस्यातिसामान्ययोगादसम्मतार्थकल्पना सामान्यच्छलम् धर्मविकल्पनिर्देशोऽर्थसम्भावप्रतिषेधउपचारच्छलम् वाकछलमेवोपचारच्छलं तदवि-शेषात् तदर्थान्तरभावात् अपिशे-षे वा किञ्चित्साधर्म्यादेकच्छलप्रसङ्गः गौ० सू०“क्रमप्राप्तं छलं लक्षयति अर्थस्य वाद्यभिमतस्य योविकल्पो विरुद्धः कल्पो अर्थान्तरकल्पनेति यावत् तदुप-पत्त्या युक्तिविशेषेण यो वचनस्य वाद्युक्तस्य विघातोदूषणं तच्छलमित्यर्थः वक्तृतात्पर्य्याविषयार्थकल्पनेनदूषणाभिधानमिति फलितं तात्पर्य्याविषयत्वं विशेष्येविशेषणे संसर्गे वा यथा नेपालादागतोऽयं नवकम्बलव-त्त्वादित्यत्र नवसङ्ख्यापरत्वकल्पनयाऽसिद्ध्यभिधानं, प्रमेयंधर्मत्वादित्यत्र पुण्यार्थकल्पनया भागासिद्ध्यभिधानम्वह्निमान् धूमादित्यत्र धूमावयवे व्यभिचाराभिधानम् वृ०लक्षितं छलं विभजते तत्र वाक्छलं लक्षयति ।यत्र शक्यार्थद्वये सम्भवति एकार्थनिर्णायकविशेषाभावा-दनभिप्रेतशक्यार्थकल्पनेन दूषणाभिधानं तद्वाक्छलं, लक्ष-णन्तु शक्त्या एकार्थशाब्दबोधतात्पर्य्यकशब्दस्य शक्या-र्थान्तरंतात्पर्य्यकत्वकल्पनया दूषणाभिधानं यथा नेपाला-दागतोऽयं नवकम्बलवत्त्वादित्युक्ते कुतोऽस्य नवसङ्ख्यकाःकम्बला इति एवं गौर्विषाणीत्युक्ते कुतोगजस्य शृङ्गंश्वेतोधावतीति श्वेतरूपवदभिपायेणोक्ते श्वेतो धाव-तीत्यभिधानमित्यादिकमुह्यम्
वृ० सामान्यछलंलक्षयति सामान्यविशिष्टसम्भवदर्थामिप्रायेणोक्तस्यअतिसामान्ययोगादसम्भवदर्थकत्वकल्पनया दूषणाभिधानंसामान्यच्छलम् यथा ब्राह्यणोऽयं विद्याचरणसम्पन्नइत्युक्ते ब्राह्मणत्वेन विद्याचरणसम्पदं साधयतीतिकल्पयित्वा परो वदति कुतो ब्राह्मणत्वेन विद्याचरण-सम्पद्बाल्ये व्यभिचारात्
वृ० उपचारच्छलं लक्ष-यति धर्मशब्दस्यार्थेन विकल्पो विविधः कल्पः शक्ति-लक्षणान्यतररूपस्तया शक्तिलक्षणयोरेकतरर्वृत्त्या प्रयुक्तेशब्दे तदपरवृत्त्या यः प्रतिषेधः उपचारच्छलं यथामञ्चाः क्रोशन्ति नीलो घट इत्यादौ मञ्चस्था एव क्रोशन्तिन तु मञ्चाः एवं घटस्य कथं नीलरूपाभेदः एवम् अहंनित्य इति शक्ता प्रयुक्ते अमुकस्मादुत्पन्नस्त्वं कथं नित्यइति प्रतिषेधोऽप्युपचारच्छलम् वाद्यभिप्रेतार्थस्यादूषणेनछलस्यासदुत्तरत्वम् श्लिष्टलाक्षणिकप्रयोगाद्वा-दिनएवापराधः स्यादिति वाच्यं तत्तदर्थबोधकतयाप्रसिद्धस्य शब्दस्य प्रयोग वादिनोऽनपराधात अन्यथापर्वतीवह्निमानित्युक्ते पर्वतोऽयं कथमवह्निमानित्यादि-दषणेनानुमानाद्युच्छेदः स्यात्
वृ० प्रसङ्गाच्छलंपरीक्षितुं पूर्वपक्षयति शब्दस्यार्थान्तरकल्पनाऽविशेषा-द्वाक्छलमेवोपचारच्छलं स्यादिति द्वित्वमेव तु त्रित्व-मिति शङ्कार्थः
वृ०
समाधत्ते उपचारच्छलस्यवाक्छलाभेदो न, तयोरर्थान्तरभावात् भिन्नत्वात् भिन्न-तया प्रमाणसिद्धत्वादिति फलितार्थः पूर्व्वोक्तभेदकधर्म्मेणभेदसम्भवेऽपि यत्किञ्चिद्धर्मेणाभेदे सामान्यधर्मेणाभेदस्यसर्व्वत्र सम्भवाद्विभागः कुत्रापि स्यादिति वृ० ।विपक्षे बाधकमभिप्रेत्याह यत्किञ्चिद्धर्मादविशेषे कि-ञ्चित्साधर्म्याच्छलत्वादिरूपाच्छलस्यैक्यं स्यान्न तु त्वद्-भिमतं द्वित्वमपीति भावः”
वृत्तिः“आक्षिप्तकेतुकुथसैन्यगजच्छलेन” माधः “धर्म्मेणव्यवहारेण छलेनाचरितेन प्रयुक्तं साधयेदर्थं पञ्च-मेन बलेन च” मनुः “भुवनहितच्छलेन यम्” भट्टिः“अध्यारुरोहेव रजश्छलेन” रघुः “छलंभूतेन व्यवहारान्नयेन्नृपः” याज्ञ० “भूतं तत्त्वार्थ-सम्बद्धं प्रमादाभिहितं छलम्” नारदोक्ते प्रमादा-भिहिते छलकारिणि
त्रि०
स्वार्थे तत्रार्थे“आवाभ्यां (मधुकैटभाभ्याम्) छाद्यते विश्वं रजसा तमसातथा रजस्तमोमयावावां यतीनां दुःखलक्षणौ छलकौधर्म्मशीलानां दुस्तरौ सर्वदेहिनाम्” हरिवं २०३ अ० ।१० नाटकप्रभेदव्यीथ्यङ्कभेदे
न०
“वीथ्यामेको भवेदङ्कः”इत्युपक्रमे “अस्यास्त्रयोदशाङ्गानि निर्दिशन्ति मनी-षिणः उद्थात्यकावलगितेत्यादिना विभज्य सा० द०लक्षितं यथा “प्रियाभैरप्रियैर्वाक्यैर्विलोभ्य छलनाछलम् “यथा वेण्यां भीमार्ज्जुनौ” “कर्त्ता द्यूत-च्छलानां जतुमयशरणोद्दीषनः सोऽभिमानीराजा दुःशासनादेर्गुरुरनुजशतस्याङ्गराजस्य मित्रम् ।कृष्णाकेशोत्तरीयव्यपनयनपटुः पाण्डवा यस्य दासाःक्वास्ते? दुर्य्योधनोऽसौ कथयतु रुषा द्रुष्टुमभ्या-गतौ स्वः”
छल नामधातुः छल + कृतौ--णिच्
सक०
सेट् छलयति“छलयति विक्रमणे अद्भुत वामनः” गीतगो० “द्यूतंछलयतामस्मि” गीता
Capeller
German
छल
n.
(.) Betrug, Hinterlist, Schein,
Vorpiegelung, Täuschung. °— u. Instr.
mit Hinterlist.
Burnouf
French
छल छल
n.
(छद्) déguisement
au fig.
tromperie, fraude
malice, scélératesse.
Lat. scelus.
छलयामि (dénom. ) tromper, frustrer.
Stchoupak
French
छल-
nt. (m. rare) tromperie, apparence trompeuse, ressemblance,
prétexte (ord. ifc.).