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चुट (cuTa)

 
शब्दसागरः
English
चुट r. 1st cl. (चोटति) and 10th cl. (चोटयति-ते) To wane, to become small,
low or shallow. r. 6th and 10th cls. (चुटति चोटयति-ते) To cut, to
pierce or divide
(इ) चुटि r. 1st cl. (चुटति) To become low or shallow.
r. 1st and 10th cls. (चुण्टति चुण्टयति-ते) To cut, &c.
also चुट्ट and चुड.
Wilson
English
चुट r. 1st cl. (चोटति) and 10th cl. (चोटयति) To wane, to
become small, low or shallow. r. 6th and 10th cls. (चुटति चोटति) To cut,
to pierce or divide
(इ, ) चुटि r. 1st cl. (चुंटति) To become low or
shallow. r. 1st and 10th cls. (चुण्टति चुण्टयति) To cut, &c.
also
चुट्ट and चुड.
धातुपाठः (Krishnacharya)
Sanskrit
धातुः:
चुट्
मूलधातुः:
चुट
धात्वर्थः:
छेदने
गणः:
तुदादिः
कर्मकत्वं:
सकर्मकः
इट्त्वं:
सेट्
उपग्रहः:
परस्मैपदी
रूपम्:
चुटति
अनुबन्धादिविशेषः:
कुटादिः
धातुः:
चुट्
मूलधातुः:
चुट
धात्वर्थः:
छेदने
गणः:
चुरादिः
कर्मकत्वं:
सकर्मकः
इट्त्वं:
सेट्
उपग्रहः:
उभयपदी
रूपम्:
चोटयति-ते
धातुप्रदीपः
Sanskrit
चुटँ चुट
मानकरूपान्तरम् - छुटँ
छुट च्छेदने
- चुटति चुटिता छुटति छुटिता 96, 97
चुटँ चुट च्छेदने
- चोटयति 80
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
चुट, तुच्छने इति कविकल्पद्रुमः (भ्वां-परं-अकं-सेट् ।) पञ्चमस्वरी तुच्छनमल्पीभावः ।चोटति नदी ग्रीष्मे इति दुर्गादासः
चुट, तुच्छने इति कविकल्पद्रुमः
(भ्वां-परं-अकं-सेट् ।) पञ्चमस्वरी तुच्छनमल्पीभावः ।इ, चुण्ट्यते नद्या ग्रीष्मे इति दुर्गादास्रः
चुट, छेदे इति कविकल्पद्रुमः
(चुरां-परं-सकं-सेट् ।) पञ्चमस्वरी क, चुण्ट-यति धान्यं लोकः इति दुर्गादासः
चुट, शि छेदे इति कविकल्पद्रुमः (चुरां-तुदांच-परं-सकं-सेट् ।) क, चोटयति शि, चुटति अचुटीत् इति दुर्गादासः
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
चुट अल्पीभावे
भ्वा०
पर०
अक० सेट् चोटति अचोटीत्चुचोट
चुट अल्पीभावे
भ्वा०
पर०
अक० सेट् इदित् चुण्टति अचुण्टीत् चुचुण्ट
चुट छेदने चुरा०
उभ०
सक०
सेट् इदित् चुण्टयति--तेअचुचुण्टत्
चुट छेदने वा
चु०
उभ०
पक्षे तुदा० कुटा०
पर०
सक०
मेट् चोटयति--ते अचूचुटत्--त पक्षे चुटति अचुटीत्चुचोट
क्षीरतरङ्गिणी
Sanskrit
चुटँ चुट
मानकरूपान्तरम् - छुटँ
छुट छेदने
- चुटति उच्चोटनम् छुटति छोटिका 97, 98
चुटँ चुट छेदने
- चोटयति तुदादौ (682) चुटति चुटि इति नन्दी-चुण्टयति चुडि इति दुर्गः 118
धातुवृत्तिः
Sanskrit
चुटँ चुट
मानकरूपान्तरम् - छुटँ
छुट (अर्थः) छेदने
(चुटति छुटति ) इत्यादि चोटतीति शपि 95-96
चुटँ चुट (अर्थः) छेदने
( चोटयति ) चुटतीति शे गतम् 78
कृदन्तरूपमाला
Sanskrit
1 {@“चुट छेदने”@} 2 चोटकः-टिका, चोटकः-टिका, चुचुटिषकः-षिका, चोचुटकः-टिका
इत्यादीनि सर्वाण्यपि रूपाणि तौदादिककौटिल्यार्थककुटतिवत् 3 बोध्यानि।
प्रासङ्गिक्यः
01
=>
(५३५)
02
=>
(६-तुदादिः-१३७७। सक। सेट्। पर। कुटादिः।)
03
=>
(२०४)
1 {@“चुट छेदने”@} 2 चोटकः-टिका, चुचोटयिषकः-षिका
इत्यादीनि सर्वाण्यपि रूपाणि चौरादिककुटधातुवत् 3 बोध्यानि।
अस्य धातोरुभयपदीत्वेन, शतरि चोटयन्-न्ती, चुचोटयिषन्-न्ती-ती, चुचोटयिषिष्यन्-न्ती-ती
इति रूपाण्य- घिकानीति विशेषः।
4 विचोटी, णिनिप्रत्ययः।
प्रासङ्गिक्यः
01
=>
(५३६)
02
=>
(१०-चुरादिः-१६१३। सक। सेट्। उभ।)
03
=>
(२०५)
04
=>
[[आ। ‘सम्पालयेद् विमतलूष्यपशुल्बभूमा क्ष्मामेष राम इव शूर्पणखाविचोटी।।’ धा। का। ३। २२।]]