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गोला (golA)

 
Monier Williams Cologne
English
गोला
f.
a ball to play with,
L.
red arsenic,
L.
ink,
L.
a woman's female friend,
L.
N.
of Durgā,
L.
of a river (= गो-दा, or गो-दावरी),
L.
(cf. गल-गोलिन्.)
Apte Hindi
Hindi
गोला
स्त्री*
- -
काठ की गेंद
गोला
स्त्री*
- -
" गोल, पानी भरने का बड़ा घड़ा"
गोला
स्त्री*
- -
"लाल संखिया, मैनसिल"
गोला
स्त्री*
- -
"मसी, स्याही"
गोला
स्त्री*
- -
"सखी, सहेली"
गोला
स्त्री*
- -
दुर्गा देवी
गोला
स्त्री*
- -
गोदावरी नदी
Shabdartha Kaustubha
Kannada
गोला
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಗೋದಾವರೀ ನದಿ
निष्पत्तिः - > ला (आदाने) - "कः" (३-२-३)
व्युत्पत्तिः - > गां अतिपृथुलां पृथ्वीं लाति
गोला
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಸಖಿ /ಗೆಳತಿ
गोला
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ದುರ್ಗಾದೇವಿ
गोला
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಗುಡಾಣ /ಧಾನ್ಯಗಳನ್ನು ತುಂಬಿಡುವ ದೊಡ್ಡ ಮಣ್ಣಿನ ಪಾತ್ರೆ
गोला
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಮಕ್ಕಳ ಒಂದು ಆಟದ ಸಾಮಾನು /ಚೆಂಡು
गोला
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಮೆಣಶಿಲೆ
गोला
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಪತ್ರಾಂಜನ
गोला
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ರಾಷ್ಟ್ರ
विस्तारः - > "गोला गोदावरीसख्योः कुनटीदुर्गयोः स्त्रियाम् पत्राञ्जने मण्डले चालिञ्जरे बालखेलने" - मेदि०
L R Vaidya
English
golA {% f. %} 1. A wooden ball with which children play
2. large globular water-jar
3. red arsenic
4. ink
5. a woman’s female friend
6. a name of the river Godāvarī
7. an epithet of Durgā.
Indian Epigraphical Glossary
English
golā (IA 21), a district.
(EI 31), a granary.
Wordnet
Sanskrit
Synonyms:
मसिः, मसी, मषि, मषी, मसिका, मसीजलम्, मलिनाम्बु, पत्राञ्जनम्, कालिका, काली, वर्णिका, मेला, गोला
noun
लेखनद्रव्यम् तत् चित्रं द्रव्यं येन वस्त्रे कार्पासे वा लेखनं कर्तुं शक्यते।
"मम लेखन्यां रक्तवर्णीया मसिः अस्ति।"
अभिधानचिन्तामणिः
Sanskrit
--source--
गन्धाश्मा शुल्वपामाकुष्ठारिर्गन्धिकगन्धकौ १०५७
सौगन्धिकः शुकपुच्छो हरितालं तु पिञ्जरम्
विडालकं विस्रगन्धि खर्जूरं वंशपत्त्रकम् १०५८
आलपीतनतालानि गोदन्तं नटमण्डनम्
वङ्गारिर्लोमहृच्चाथ मनोगुप्ता मनःशिला १०५९
करवीरा नागमाता रोचनी रसनेत्रिका
नैपाली कुनटी गोला मनोह्वा नागजिह्विका १०६०
-wordlist-
गन्धाश्मन् (पुं), शुल्वारि (पुं), पामारि (पुं), कुष्ठारि (पुं), गन्धिक (पुं), गन्धक (पुं), सौगन्धिक (पुं), शुकपुच्छ (पुं), हरिताल (क्ली), पिञ्जर (क्ली), विडालक (क्ली), विस्रगन्धि (क्ली), खर्जूर (क्ली), वंशपत्रक (क्ली), आल (क्ली), पीतन (क्ली), ताल (क्ली), गोदन्त (क्ली), नटमण्डन (क्ली), वङ्गारि (पुं), लोमहृत् (क्ली), मनोगुप्ता (स्त्री), मनःशिला (स्त्री), करवीरा (स्त्री), नागमाता (स्त्री), रोचनी (स्त्री), रसनेत्रिका (स्त्री), नेपाली (स्त्री), कुनटी (स्त्री), गोला (स्त्री), मनोह्वा (स्त्री), नागजिह्विका (स्त्री)
अभिधानचिन्तामणिपरिशिष्टम्
Sanskrit
--source--
गौतमी कौशिकी कृष्णा तामसी बाभ्रवी जया ४७
कालरात्रिर्महामाया भ्रामरी यादवी वरा
बर्हिध्वजा शूलधरा परमब्रह्मचारिणी ४८
अमोघा विन्ध्यनिलया षष्ठी कान्तारवासिनी
जाङ्गुली बदरीवासा वरदा कृष्णपिङ्गला ४९
p{0003}
दृषद्वतीन्द्रभगिनी प्रगल्भा रेवती तथा
महाविद्या सिनीवाली रक्तदन्त्येकपाटला ५०
एकपर्णा बहुभुजा नन्दपुत्री महाजया
भद्रकाली महाकाली योगिनी गणनायिका ५१
हासा भीमा प्रकूष्माण्डी गदिनी वारुणी हिमा
अनन्ता विजया क्षेमा मानस्तोका कुहावती ५२
चारणा पितृगणा स्कन्दमाता घनाञ्जनी
गान्धर्वी कर्वरी गार्गी सावित्री ब्रह्मचारिणी ५३
कोटिश्रीर्सन्दरावासा केशी मलयवासिनी
कालायनी विशालाक्षी किराती गोकुलोद्भवा ५४
एकानसी नारायणी शैला शाकंभरीश्वरी
प्रकीर्णकेशी कुण्डा नीलवस्त्रोग्रचारिणी ५५
अष्टादशभुजा पौत्री शिवदूती यमस्वसा
सुनन्दा विकचा लम्बा जयन्ती नकुलाकुला ५६
विलङ्का नन्दिनी नन्दा नन्दयन्ती निरञ्जना
कालंजरी शतमुखी विकराली करालिका ५७
विरजाः पुरला जीरी बहुपुत्री कुलेश्वरी
कैटभी कालदमनी दर्दुरा कुलदेवता ५८
रौद्री कुन्द्रा महारौद्री कालंगमा महानिशा
बलदेवस्वसा पुत्री हीरी क्षेमंकरी प्रभा ५९
मारी हैमवती चापि गोला शिखरवासिनी
-wordlist-
गौतमी (स्त्री), कौशिकी (स्त्री), कृष्णा (स्त्री), तामसी (स्त्री), बाभ्रवी (स्त्री), जया (स्त्री), कालरात्रि (स्त्री), महामाया (स्त्री), भ्रामरी (स्त्री), यादवी (स्त्री), वरा (स्त्री), बर्हिध्वजा (स्त्री), शूलधरा (स्त्री), परमब्रह्मचारिणी (स्त्री), अमोघा (स्त्री), विन्ध्यनिलया (स्त्री), षष्ठी (स्त्री), कान्तारवासिनी (स्त्री), जाङ्गुली (स्त्री), बदरीवासा (स्त्री), वरदा (स्त्री), कृष्णपिङ्गला (स्त्री), दृषद्वती (स्त्री), इन्द्रभगिनी (स्त्री), प्रगल्भा (स्त्री), रेवती (स्त्री), महाविद्या (स्त्री), सिनीवाली (स्त्री), रक्तदन्ती (स्त्री), एकपाटला (स्त्री), एकपर्णा (स्त्री), बजुभुजा (स्त्री), नन्दपुत्री (स्त्री), महाजया (स्त्री), भद्रकाली (स्त्री), महाकाली (स्त्री), योगिनी (स्त्री), गणनायिका (स्त्री), हासा (स्त्री), भीमा (स्त्री), प्रकूष्माण्डी (स्त्री), गदिनी (स्त्री), वारुणी (स्त्री), हिमा (स्त्री), अनन्ता (स्त्री), विजया (स्त्री), क्षेमा (स्त्री), मानस्तोका (स्त्री), कुहावती (स्त्री), चारणा (स्त्री), पितृगणा (स्त्री), स्कन्दमाता (स्त्री), घनाञ्जनी (स्त्री), गान्धर्वी (स्त्री), कर्बुरा (स्त्री), गार्गी (स्त्री), सावित्री (स्त्री), ब्रह्मचारिणी (स्त्री), कोटिश्री (स्त्री), मन्दरावासा (स्त्री), केशी (स्त्री), मलयवासिनी (स्त्री), कालायनी (स्त्री), विशालाक्षी (स्त्री), किराती (स्त्री), गोकुलोद्भवा (स्त्री), एकानसी (स्त्री), नारायणी (स्त्री), शैला (स्त्री), शाकम्भरी (स्त्री), ईश्वरी (स्त्री), प्रकीर्णकेशी (स्त्री), कुण्डा (स्त्री), नीलवस्त्रा (स्त्री), उग्रचारिणी (स्त्री), अष्टादशभुजा (स्त्री), पौत्री (स्त्री), शिवदूती (स्त्री), यमस्वसा (स्त्री), सुनन्दा (स्त्री), विकचा (स्त्री), लम्बा (स्त्री), जयन्ती (स्त्री), नकुला (स्त्री), कुला (स्त्री), विलङ्का (स्त्री), नन्दिनी (स्त्री), नन्दा (स्त्री), नन्दयन्ती (स्त्री), निरञ्जना (स्त्री), कालञ्जरी (स्त्री), शतमुखी (स्त्री), विकराला (स्त्री), करालिका (स्त्री), विरजस् (स्त्री), पुरला (स्त्री), जारी (स्त्री), बहुपुत्री (स्त्री), कुलेश्वरी (स्त्री), कैटभी (स्त्री), कालदमनी (स्त्री), दर्दुरा (स्त्री), कुलदेवता (स्त्री), रौद्री (स्त्री), कुन्द्रा (स्त्री), महारौद्री (स्त्री), कालङ्गमा (स्त्री), महानिशा (स्त्री), बलदेवस्वसृ (स्त्री), पुत्री (स्त्री), हीरी (स्त्री), क्षेमङ्करी (स्त्री), प्रभा (स्त्री), मारी (स्त्री), हैमवती (स्त्री), गोला (स्त्री), शिखरवासिनी (स्त्री)
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
गोला,
स्त्री,
(गां पृथ्वीं सर्व्वं जगदित्यर्थः स्वशक्ति-व्यापकतया लाति प्रलयकाले स्वंस्मिन् लातिगृह्णाति इति वा ।) दुर्गा (गां बहुयोजनपथंजलरूपशरीरव्यापकतया लाति ।) गोदावरी ।(गां वाचं लाति ला + क्विप् ।) सखी ।कुनटी पत्राञ्जनम् मण्डलम् अलिञ्जरः ।बालक्रीडनकाष्ठम् इति मेदिनी ले २५
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
गोला स्त्री गां बहुभूमिम् आधारत्वेन लाति ला--क ।१ गोदावरीनद्याम् गां वाचं लाति सख्या, कुनट्याम् ।गां दीप्तिं जल बा लाति पत्राञ्जने, सणिके, मण्डले, वालक्रीडनके दुर्गायाञ्च मेदि०