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क्ष्णु (kSNu)

 
शब्दसागरः
English
क्ष्णु r. 2nd cl. (क्ष्णोति or with सम् prefixed संक्ष्णुते) To whet, to sharpen.
(क्ष्णोते) To take away, to remove.
Capeller Eng
English
क्ष्णु क्ष्णो॑ति whet, sharpen. अव rub to pieces,
crush. सम्
M.
=
S.
Yates
English
क्ष्णु (ल, ङ) क्ष्णौति 2.
a. To whet or
sharpen. With सं संक्ष्णते 2.
d.
Wilson
English
क्ष्णु r. 2nd cl. (क्ष्णोति or with सम्) prefixed संक्ष्णुते) To
whet, to sharpen. (क्ष्णोते) To take away, to remove.
Apte
English
क्ष्णु [kṣṇu], 2
P.
(क्ष्णौति, क्ष्णुत) To whet, sharpen
वाचं क्ष्णुवानो दमयन्त्सपत्नान्
Av.*
5.2.1. -With सं (Ā.) to sharpen (fig. also)
संक्ष्णुवान इवोत्कण्ठामुपाभुङ्क्त सुरामलम्
Bk.*
8.4.
Apte 1890
English
क्ष्णु {c2c} P. (क्ष्णौति, क्ष्णुत) To whet, sharpen.
WITH सं (Atm.) to sharpen (fig. also)
Bk. 8. 40.
Monier Williams Cologne
English
क्ष्णु
cl.
2.
P.
क्ष्णौति (Dhātup. xxiv, 28
fut. 1st क्ष्णविता,
Pāṇ.
vii, 2, 10
Siddh.
pr.
p.
क्ष्णुवाण॑),
to whet, sharpen,
AV.
v, 20, 1
[cf. Gk. ξύω, ξυρόν, क्षुर॑.]
Monier Williams 1872
English
क्ष्णु क्ष्णु, cl. 2. P. क्ष्णौति, चुक्ष्णाव,
क्ष्णवितुम्, to whet, sharpen.
Macdonell
English
क्ष्णु KṢṆU, Ⅱ. P. kṣṇaú-ti, whet, 🞄sharpen.
Benfey
English
क्ष्णु क्ष्णु (a syncope of 3. क्षि
+ णु) ii. 2, Par. To sharpen. -- Cf.
Goth. hnuto.
Apte Hindi
Hindi
क्ष्णु
"अदा* पर* , " - -
"पैना करना, तेज करना"
Shabdartha Kaustubha
Kannada
क्ष्णु - तेजने (अदा० पर० सक० से०) क्ष्णौति
पदविभागः - > धातुः
कन्नडार्थः - > ಸಾಣೆ ಹಿಡಿ /ಹರಿತ ಮಾಡು /ಚೂಪು ಮಾಡು
L R Vaidya
English
kzRu {% vt. 2P (but with सम् in the Atm.) (pp. क्ष्णुत
pres. क्ष्णौति) %} To whet, to sharpen.
Bopp
Latin
1. क्ष्णु 2. P. क्ष्णौमि (तेजने) acuere.
2. क्ष्णु 2. A.: क्ष्णुवे (अपनयने) abducere, auferre.
Kridanta Forms
Sanskrit
क्ष्णु (क्ष्णु꣡ तेजने - अदादिः - सेट्)
ल्युट् = क्ष्णवनम्
अनीयर् = क्ष्णवनीयः - क्ष्णवनीया
ण्वुल् = क्ष्णावकः - क्ष्णाविका
तुमुँन् = क्ष्णवितुम्
तव्य = क्ष्णवितव्यः - क्ष्णवितव्या
तृच् = क्ष्णविता - क्ष्णवित्री
क्त्वा = क्ष्णुत्वा
ल्यप् = प्रक्ष्णुत्य
क्तवतुँ = क्ष्णुतवान् - क्ष्णुतवती
क्त = क्ष्णुतः - क्ष्णुता
शतृँ = क्ष्णुवन् - क्ष्णुवती
धातुपाठः (Krishnacharya)
Sanskrit
धातुः:
क्ष्णु
मूलधातुः:
धात्वर्थः:
तेजने
गणः:
अदादिः
कर्मकत्वं:
सकर्मकः
इट्त्वं:
सेट्
उपग्रहः:
परस्मैपदी
रूपम्:
क्ष्णौति
धातुप्रदीपः
Sanskrit
क्ष्णु तेजने
- क्ष्णौति संक्ष्णुते शस्त्रम् चुक्ष्णाव क्ष्णविता ।। 28 ।।
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
क्ष्णु, तेजने इति कविकल्पद्रुमः
(अदां-परं-सकं-सेट् ।) मूर्द्धन्यणकारोपधः क्षादिः ।क्ष्णौति खड्गं कर्म्मकारः इति दुर्गादासः
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
क्ष्णु तेजने अदा०
पर०
सक०
सेट् क्ष्णौति अक्ष्णावीत् ।चुक्ष्णाव क्ष्णविता क्ष्णुतः “वाचं क्ष्णुवानोदमयन्सपत्नान्” अथ० २० “उभयतो हीदं वाचः क्ष्णुतम्”शत० ब्रा० ६, ३, १, ३४
क्षीरतरङ्गिणी
Sanskrit
क्ष्णु तेजने
- क्ष्णौति शस्त्रम् समःक्ष्णुवः (1365) तङ् संक्ष्णुते, संक्ष्णूषति 25
धातुवृत्तिः
Sanskrit
क्ष्णु (अर्थः) तेजने
( क्ष्णौति चुक्ष्णाव चक्ष्णुवतुः, चुक्ष्णुवुः, क्ष्णविता ) इत्यादि यौतिवत् ( संक्ष्णुते शस्त्रं, संचुक्ष्णुवे संक्ष्णविता, संक्ष्णविष्यते, संक्ष्णुतां, समक्ष्णुत, संक्ष्णुवीत संक्ष्णुविषीष्ट समक्ष्णविष्ट, संचुक्ष्णुषत ) इति "समः क्ष्णुवः'' इति तङ् 26
कृदन्तरूपमाला
Sanskrit
1 {@“क्ष्णु तेजने”@} 2 क्ष्णावकः-विका, क्ष्णावकः-विका, 3 चुक्ष्णूषकः-षिका, 4 चोक्ष्णूयकः-यिका
क्ष्णविता-त्री, क्ष्णावयिता-त्री, चुक्ष्णूषिता-त्री, चोक्ष्णूयिता-त्री
5 क्ष्णुवन्-ती, क्ष्णावयन्-न्ती, चुक्ष्णूषन्-न्ती
-- क्ष्णविष्यन्-न्ती-ती, क्ष्णावयिष्यन्-न्ती-ती, चुक्ष्णूषिष्यन्-न्ती-ती
-- 6 संक्ष्णुवानः 7, क्ष्णावयमानः, संचुक्ष्णूषमाणः, चोक्ष्णूयमानः
संक्ष्णविष्यमाणः, क्ष्णावयिष्यमाणः, संचुक्ष्णूषिष्यमाणः, चोक्ष्णूयिष्यमाणः
8 प्रक्ष्णुत्-प्रक्ष्णुतौ-प्रक्ष्णुतः
-- -- -- 9 10 क्ष्णुतम्-तः 11, क्ष्णावितः, चुक्ष्णूषितः, चोक्ष्णूयितः-तवान्
क्ष्णवः, क्ष्णावः, चुक्ष्णूषुः, चोक्ष्णुवः
क्ष्णवितव्यम्, क्ष्णावयितव्यम्, चुक्ष्णूषितव्यम्, चोक्ष्णूयितव्यम्
क्ष्णवनीयम्, क्ष्णावनीयम्, चुक्ष्णूषणीयम्, चोक्ष्णूयनीयम्
12 क्ष्णव्यम्, 13 अवश्यक्ष्णाव्यम्, क्ष्णाव्यम्, चुक्ष्णूष्यम्, चोक्ष्णूय्यम्
ईषत्क्ष्णवः-दुःक्ष्णवः-सुक्ष्णवः
-- -- 14 क्ष्णूयमाणः, क्ष्णाव्यमानः, चुक्ष्णूष्यमाणः, चोक्ष्णूय्यमानः, 15 क्ष्णवः, क्ष्णावः, चुक्ष्णूषः, चोक्ष्णूयः
क्ष्णवितुम्, क्ष्णावयितुम्, चुक्ष्णूषितुम्, चोक्ष्णूयितुम्
16 क्ष्णुतिः, क्ष्णावना, चुक्ष्णूषा, चोक्ष्णूया
क्ष्णवनम्, क्ष्णावनम्, चुक्ष्णूषणम्, चोक्ष्णूयनम्
क्ष्णुत्वा, क्ष्णावयित्वा, चुक्ष्णूषित्वा, चोक्ष्णूयित्वा
प्रक्ष्णुत्य, प्रक्ष्णाव्य, प्रचुक्ष्णूष्य, प्रचोक्ष्णूय्य
क्ष्णावम् २, क्ष्णुत्वा २, क्ष्णावम् २, क्ष्णावयित्वा २, चुक्ष्णूषम् २, चुक्ष्णूषित्वा, चोक्ष्णूयम्
चोक्ष्णूयित्वा २।
प्रासङ्गिक्यः
01
=>
(३२३)
02
=>
(२-अदादिः। १०३७। अक। सेट्। पर।)
03
=>
[[१। ‘इको झल्’ (१-२-९) इति सनः कित्त्वम्। ‘श्र्युकः क्किति’ (७-२-११) इति इण्णिषेधः। ‘अज्झनगमां सनि’ (६-४-१६) इति दीर्घः।]]
04
=>
[[२। ‘अकृत्सार्वधातुकयोः’ -- (७-४-२५) इति दीर्घः।]]
05
=>
[[३। ‘अदिप्रभृतिभ्यः--’ (२-४-७२) इति शपो लुक्। ‘अचि श्नुधातु--’ (६-४-७७) इत्युवङ्।]]
06
=>
[[४। ‘समः क्ष्णुवः’ (१-३-६५) इति शानच्।]]
07
=>
[[आ। ‘संक्ष्णुवान इवोत्कण्ठामुपाभुङ्क्त सुरामलम्। ज्योत्स्नायां विगलन्मानस्तरुणो रक्षसां गणः।।’ भ। का। ८-४०।]]
08
=>
[[५। ‘ह्रस्वस्य पिति कृति--’ (६-१-७१) इति तुक्।]]
09
=>
[पृष्ठम्०३३७+ २४]
10
=>
[[१। ‘श्र्युकः क्किति’ (७-२-११) इतीण्णिषेधः।]]
11
=>
[[आ। ‘केऽप्यल्परावं नुनुवुः खलेषु क्षुरक्ष्णुतात्मानममुं स्नुतास्राः। सोऽनूर्णुतोऽद्यौज्जनसुत् कुवत्या काञ्च्येव कामं स्तुवतां ब्रुवाणः।।’ धा। का। २-४७।]]
12
=>
[[२। ‘अचो यत्’ (३-१-९७) इति यत्। गुणावादेशौ।]]
13
=>
[[३। ‘ओरावश्यके’ (३-१-१२५) इति ण्यत्।]]
14
=>
[[४। ‘अकृत्सार्वधातुकयोः--’ (७-४-२५) इति दीर्घः।]]
15
=>
[[५। ‘ॠदोरप्’ (३-३-५७) इत्यप्।]]
16
=>
[[६। ‘तितुत्र--’ (७-२-९) इत्यादिना इण्णिषेधः।]]
Capeller
German
क्ष्णु क्ष्णौ॑ति wetzen.
Grassman
German
√kṣṇu, Grundbedeutung wol „reiben, wischen“, daher „schärfen, wetzen“ (AV.) [gr. ξύω, vgl. kṣurá, doch ist auch Zusammenhang mit 2. kṣi möglich, kṣṇu = kṣiṇu]. Mit áva, abwischen, austilgen.
Stamm kṣṇu, stark kṣṇau:
-aumi [dreisilbig] áva {849, 2} dáasasya nā́ma.
-uvānás [Part. med.] vā́cam AV. 5, 20, 1.
Burnouf
French
*क्ष्णु क्ष्णु। क्ष्णौमि 2
p. चुक्ष्णाव
pp.
क्ष्णुत। Aiguiser, affiler, apointir.
Au fig. exciter,
aiguillonner, animer.
क्ष्णु। क्ष्णुवे 2
emmener
emporter (?).