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कुसुमबाण (kusumabANa)

 
Monier Williams Cologne
English
कुसुम—बाण
m.
‘flower-arrowed’,
N.
of the god of love,
L.
the flower-arrow of the god of love,
Śak.
(v.l.),
Pañcat.
Apte Hindi
Hindi
कुसुमबाणः
पुं*
कुसुमम्-बाणः -
पुष्पमय बाण
कुसुमबाणः
पुं*
कुसुमम्-बाणः -
कामदेव
Shabdartha Kaustubha
Kannada
कुसुमबाण
पदविभागः - > पुल्लिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಮನ್ಮಥ /ಕಾಮದೇವ
व्युत्पत्तिः - > कुसुमं बाणः यस्य
अभिधानचिन्तामणिः
Sanskrit
--source--
मदनो जराभीररुनङ्गमन्मथौ कमनः कलाकेलिरनन्यजोऽङ्गजः
मधुदीपमारौ मधुसारथिः स्मरो विषमायुधो दर्पककामहृच्छयाः २२७
प्रद्युम्नः श्रीनन्दनश्च कंदर्पः पुष्पकेतनः
पुष्पाण्यस्येषुचापास्त्राण्यरी शंवरशूर्पको २२८
केतनं मीनमकरौ बाणाः पञ्च रतिः प्रिया
मनःशृङ्गारसंकल्पात्मानो योनिः सुहृन्मधुः २२९
-wordlist-
मदन (पुं), जराभीरु (पुं), अनङ्ग (पुं), मन्मथ (पुं), कमन (पुं), कलाकेलि (पुं), अनन्यज (पुं), अङ्गज (पुं), मधुदीप (पुं), मार (पुं), मधुसारथि (पुं), स्मर (पुं), विषमायुध (पुं), दर्पक (पुं), काम (पुं), हृच्छय (पुं), प्रद्युम्न (पुं), श्रीनन्दन (पुं), कन्दर्प (पुं), पुष्पकेतन (पुं), पुष्पेषु (पुं), कुसुमबाण (पुं), पुष्पचाप (पुं), कुसुमधन्वन् (पुं), पुष्पास्त्र (पुं), कुसुमायुध (पुं), मीनकेतन (पुं), मकरकेतन (पुं), मीनध्वज (पुं), मकरध्वज (पुं), झषकेतन (पुं), झषध्वज (पुं), पञ्चबाण (पुं), विषमेषु (पुं), मनोयोनि (पुं), चेतोभव (पुं), शृङ्गारयोनि (पुं), शृङ्गारजन्मन् (पुं), सङ्कल्पयोनि (पुं), स्मृतिभू (पुं), आत्मयोनि (पुं), आत्मभू (पुं), मधुसुहृद् (पुं), चैत्रसख (पुं), कामारि (पुं), शंवर (पुं), शूर्पक (पुं), कामकेतन (क्ली), मीन (पुं), मकर (पुं), कामप्रिया (स्त्री), रति (स्त्री), मधु (पुं), कामसुहृद् (पुं)
नाममाला
Sanskrit
पुष्पशिलीमुख, पुष्पशर, पुष्पबाण, पुष्पमार्गण, पुष्परोपण, पुष्पकण, पुष्पेषु, पुष्पकाण्ड, पुष्पक्षुरप्र, पुष्पनाराच, पुष्पतोमर, पुष्पखग, सुमनस्शिलीमुख, सुमनःशर, सुमनोबाण, सुमनोमार्गण, सुमनारोपण, सुमनःकण, सुमनइषु, सुमनःकाण्ड, सुमनःक्षुरप्र, सुमनोराच, सुमनस्तोमर, सुमनोखग, फुल्लशिलीमुख, फुल्लशर, फुल्लबाण, फुल्लमार्गण, फुल्लरोपण, फुल्लकण, फुल्लेषु, फुल्लकाण्ड, फुल्लक्षुरप्र, फुल्लनाराच, फुल्लतोमर, फुल्लखग, लतान्तशिलीमुख, लतान्तशर, लतान्तबाण, लतान्तमार्गण, लतान्तरोपण, लतान्तकण, लतान्तेषु, लतान्तकाण्ड, लतान्तक्षुरप्र, लतान्तनाराच, लतान्ततोमर, लतान्तखग, प्रसवशिलीमुख, प्रसवशर, प्रसवबाण, प्रसवमार्गण, प्रसवरोपण, प्रसवकण, प्रसवेषु, प्रसवकाण्ड, प्रसवक्षुरप्र, प्रसवनाराच, प्रसवतोमर, प्रसवखग, उद्गमशिलीमुख, उद्गमशर, उद्गमबाण, उद्गममार्गण, उद्गमरोपण, उद्गमकण, उद्गमेषु, उद्गमकाण्ड, उद्गमक्षुरप्र, उद्गमनाराच, उद्गमतोमर, उद्गमखग, प्रसूनशिलीमुख, प्रसूनशर, प्रसूनबाण, प्रसूनमार्गण, प्रसूनरोपण, प्रसूनकण, प्रसूनेषु, प्रसूनकाण्ड, प्रसूनक्षुरप्र, प्रसूननाराच, प्रसूनतोमर, प्रसूनखग, कुसुमशिलीमुख, कुसुमशर, कुसुमबाण, कुसुममार्गण, कुसुमरोपण, कुसुमकण, कुसुमेषु, कुसुमकाण्ड, कुसुमक्षुरप्र, कुसुमनाराच, कुसुमतोमर, कुसुमखग, स्मर
पुष्पं सुमनसः फुल्लं लतान्तं प्रसवोद्गमौ
प्रसूनं कुसुमं ज्ञेयम् तदाद्यस्त्रशरः स्मरः ८०
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