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काकजङ्घा (kAkajaGghA)

 
शब्दसागरः
English
काकजङ्घा
f.
(-ङ्घा) A plant, (Leea hirta, Rox. Catalogue
elsewhere de-
scribed as Leea æquata.)
E.
काक, and जङ्घा a thigh
compared to a
crow's leg.
Yates
English
काक-जंघा (घा) 1.
f.
Leea hirta.
Wilson
English
काकजङ्घा
f.
(-ङ्घा) A plant, (Leea hirta, Rox. Catalogue
elsewhere
described as Leea aequata.)
E.
काक, and जङ्गा a thigh
compared to a crow's leg.
Monier Williams Cologne
English
काक—जङ्घा
f.
the plant Leea Hirta,
Suśr.
Abrus precatorius,
L.
वैजयन्तीकोषः
Sanskrit
Word: काकजङ्घा
Root: काकजङ्घा
Gender: स्त्री
Number: all
अर्थः
Meaning(s):
Leea hirta
Tamil Kōvai
Shloka(s):
3|3|111|2 दास्यां षडश्रा शार्ङ्गष्ठा काकजङ्घा विलोमिका॥ (भूमिकाण्डः/वनाध्यायः)
Synonym(s):
3|3|111|2 दासी (दासी) (स्त्री) Leea hirta
Tamil Kōvai
3|3|111|2 षडश्रा (षडश्रा) (स्त्री) Leea hirta
Tamil Kōvai
3|3|111|2 शार्ङ्गाष्ठा (शार्ङ्गाष्ठा) (स्त्री) Leea hirta
Tamil Kōvai
3|3|111|2 काकजङ्घा (काकजङ्घा) (स्त्री) Leea hirta
Tamil Kōvai
3|3|111|2 विलोमिका (विलोमिका) (स्त्री) Leea hirta
Tamil Kōvai
Related word(s):
अमरकोशः
Sanskrit
Word: काकजङ्घा
Root: काकजङ्घा
Gender: undefined
Number: undefined
Meaning(s):
medicinal plant with dark and bitter leaves [Leea Hirta - Bot.]
Shloka(s):
2|4|118|2 स्याल्लाङ्गलिक्यग्निशिखा काकाङ्गी काकनासिका॥ (वनौषधिवर्गः)
Synonym(s):
2|4|118|2 काकाङ्गी (काकाङ्गी) (स्त्री) medicinal plant with dark and bitter leaves [Leea Hirta - Bot.]
2|4|118|2 काकनासिका (काकनासिका) (स्त्री) red-blossomed trivRt, medicinal plant with dark and bitter leaves [Leea Hirta - Bot.]
Related word(s):
जातिः ओषधिः
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
काकजङ्घा,
स्त्री,
(काकस्य जङ्घेवाकृतिर्यस्याः ।)स्वनामख्यातवृक्षविशेषः केउया ठेङ्गा इतिभाषा तत्पर्य्यायः काकाङ्गी काकाञ्ची काक-नासिका इति शब्दरत्नावली
कृषीवलः इतिरत्नमाला
ध्माङ्क्षजङ्घा काकाह्वा सुलोमशा८ पारावतपदी दासी १० नदीकान्ता ११ ।अस्या गुणाः तिक्तत्वम् उष्णत्वम् कृमिव्रण-कफबाधिर्य्याजीर्णजीर्णविषमज्वरनाशित्वञ्च इतिराजनिर्घण्टः
(“काकजङ्घा बला श्यामा ब्रह्मदण्डी कृताञ्जलिः ।पश्निपर्णी त्वपामार्गस्तथा भृड्गरजोऽष्टमः
एषामन्यतमं मूलं पुष्येणोद्धृत्य यत्नतः ।रक्तसूत्रेण संवेष्ट्य बद्धमैकाहिकं जयेत्”
इति वैद्यकचक्रपाणिसंग्रहे ज्वराधिकारे
मसीति लोके अस्याः पर्य्याया गुणाश्च यथा, --“काकजङ्घा नदीकान्ता काकतिक्ता सुलोमशा ।पारावतपदी दासी काका चापि प्रकीर्त्तिता
काकजङ्घा हिमा तिक्ता कषाया कफपित्तजित् ।निहन्ति ज्वरपित्तास्रज्वरकण्डूविषक्रिमीन्”
इति भावप्रकाशस्य पूर्व्वखण्डे प्रथमे भागे
)गुञ्जा इति रत्नमाला
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
काकजङ्घा स्त्री काकस्य जङ्घेवावयवो यस्याः (केओयाटेङ्गा)ख्याते वृक्षभेदे “काकजङ्घा नदीकान्ता काकतिक्तासुलोमशा पारावतपदी दासी काकाह्वापि प्रकीर्त्तिता ।काकजङ्घा हिमा तिक्ता कषाया कफपित्तजित् निहन्तिज्वरपित्तास्रज्वरकण्डूविषक्रमीन्” भावप्र० तत्पर्यायगुणा-द्युक्तम्