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कांस्यतालादि (kAMsyatAlAdi)

 
Anekartha-Dvani-Manjari
Sanskrit
घन
क्ली
घन, सान्द्र, कांस्यतालादि, सङ्घ, नित्य
घनो मेघो घनं सान्द्रं कांस्यतालादिकं घनम्
घनं सङ्घो घनं नित्यं घनः स्याल्लोहमुद्गरः ५९
verse 1.1.1.59
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