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कल्पते (kalpate)

 
Spoken Sanskrit
English
कल्पते { कॢप् } kalpate { klRp } verb fall to the share
कल्पते { कॢप् } kalpate { klRp } verb be adapted to
कल्पते { कॢप् } kalpate { klRp } verb prepare
कल्पते { कॢप् } kalpate { klRp } verb be favourable to
कल्पते { कॢप् } kalpate { klRp } verb be well managed
कल्पते { कॢप् } kalpate { klRp } verb declare as
कल्पते { कॢप् } kalpate { klRp } verb be shared or partaken by
कल्पते { कॢप् } kalpate { klRp } verb in accordance with
कल्पते { कॢप् } kalpate { klRp } verb arrange
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कल्पते { कॢप् } kalpate { klRp } verb partake of
कल्पते { कॢप् } kalpate { klRp } verb correspond
कल्पते { कॢप् } kalpate { klRp } verb occur
कल्पते { कॢप् } kalpate { klRp } verb accommodate one's self to
कल्पते { कॢप् } kalpate { klRp } verb be well ordered or regulated
कल्पते { कॢप् } kalpate { klRp } verb create
कल्पते { कॢप् } kalpate { klRp } verb 1 be well ordered
कल्पते { कॢप् } kalpate { klRp } verb subserve
Hindi
Hindi
पात्र माना
Shabdartha Kaustubha
Kannada
कृपू - सामर्थ्ये (भ्वा० आत्म० अक० से०) कल्पते
पदविभागः - > धातुः
कन्नडार्थः - > ಕಲ್ಪಿಸು /ಏರ್ಪಡಿಸು /ಸಿದ್ಧಪಡಿಸು
प्रयोगाः - > "कल्पिष्यसे हरेः प्रीतिर्लङ्कां चोपहनिष्यते"
उल्लेखाः - > भट्टि० १६-१२
धातुपाठः (Krishnacharya)
Sanskrit
धातुः:
कृप्
मूलधातुः:
कृपू
धात्वर्थः:
सामर्थ्ये (कल्पने)
गणः:
भ्वादिः
कर्मकत्वं:
अकर्मकः
इट्त्वं:
वेट्
उपग्रहः:
परस्मैपदी
रूपम्:
कल्पते
अनुबन्धादिविशेषः:
ऊदित्
टिप्पनी: कृप, कल्पने इति कविकल्पद्रुमः (भ्वां--आत्मं--अकं--सेट् ।) सप्तमस्वरी कल्पनं सामर्थ्यम् ऊ, अकल्पिष्ट अक्लप्त ङ, कल्पते कल्पवृक्षवदिति हलायुधः व, कल्प्स्यति चिकॢप्सति ऌ, अकॢपत् हते तस्मिन् प्रियं श्रुत्वा कल्प्ता प्रीतिं परां प्रभुरिति अनेकार्थत्वेऽन्तर्भूतञ्यर्थत्वात् जनयितेत्यर्थः इति दुर्गादासः
Akhyata Chandrika
Sanskrit
परिणामे
1.1.7
परिणमति परिणमते[b] विवर्तते सम्पद्यते कल्पते
शक्तौ
2.3.62
पर्याप्नोति शक्नोति क्षमते प्रभवति प्रोथति प्रोथते अलति अलते पारयति कल्पते राघते लाघते स्फुरते विभवति