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ईश्वरी (IzvarI)

 
Spoken Sanskrit
English
ईश्वरी - IzvarI -
f.
- goddess
ईश्वरी - IzvarI -
f.
- mistress
ईश्वरी - IzvarI -
f.
- queen
Apte Hindi
Hindi
ईश्वरी
स्त्री*
- -
दुर्गा
Shabdartha Kaustubha
Kannada
ईश्वरी
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಗೌರಿ /ಪಾರ್ವತಿ
ईश्वरी
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಈಶ್ವರೀಹಂಬು
ईश्वरी
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಐಶ್ವರ್ಯವಂತನ ಹೆಂಗಸು
L R Vaidya
English
ISvara {% (I) a. (f. रा or री) %} 1. Able, powerful
2. wealthy.
ISvarA(rI) {% f. %} An epithet of Durgā.
Bopp
Latin
ईश्वरी f. (Fem. praecedentis)
1) domina.
2) nomen Dur-
gae, v. ईशानी.
Wordnet
Sanskrit
Synonyms:
रुद्रजटा, रौद्री, जटा, रुद्रा, सौम्या, सुगन्धा, सुवहा, घना, ईश्वरी, रुद्रलता, सुपत्रा, सुगन्धपत्रा, सुरभिः, पत्रवल्ली, जटावल्ली, रुद्राणी, नेत्रपुष्करा, महाजटा, जटारुद्रा
noun
क्षुपविशेषः।
"रुद्रजटायाः पर्णानि मयूरशिखायाः पर्णानि इव भवन्ति।"
Synonyms:
नाकुलः, नाकुली, चविका, सर्पगन्धा, सुगन्धा, रक्तपत्रिका, ईश्वरी, नागगन्धा, अहिभुक्, सरसा, सर्पादंनी, व्यालगन्धा
noun
क्षुपविशेषः।
"नाकुलस्य मूलं शाखा औषधरूपेण उपयुज्येते।"
Synonyms:
स्वामिनी, अधिष्ठात्री, शासित्री, ईश्वरी, भट्टिनी
noun
केषाञ्चित् वस्तुस्थानादीनाम् अधिकारिणी स्त्री।
"श्रीमती उर्मिलाअग्रवालमहोदया अस्य आपणस्य स्वामिनी अस्ति।"
Synonyms:
युवती, युवतिः, तरुणी, यूनी, तलुनी, दिक्करी, धनिका, धनीका, मध्यमा, दृष्टरजाः, मध्यमिका, ईश्वरी, वर्या
noun
प्राप्तयौवना स्त्री। (प्राग् यौवना युवतिः इति वात्स्यायनः।)
"यो यं विचिन्तयति यानि तन्मयत्वम्। यस्स्माद् अतः सुभगया इव गता युवत्यः॥"
Synonyms:
सरस्वती, प्रज्ञा, भारती, वागीश्वरी, वाग्देवी, वीणावादिनी, शारदा, हंसवाहिनी, गिरा, इला, ब्राह्मी, इरा, ज्ञानदा, गीर्देवी, ईश्वरी, वाचा, वचसामीशा, वर्णमातृका, गौः, श्रीः, वाक्येश्वरी, अन्त्यसन्ध्येश्वरी, सायंसन्ध्यादेवता, गौरी
noun
विद्यायाः वाण्यः अधिष्ठात्री देवता।
"सरस्वत्याः वाहनं हंसः अस्ति।"
Synonyms:
लक्ष्मीः, रमा, कमला, नारायणी, पद्महस्ता, श्रीः, विष्णुप्रिया, मा, माया, हरिप्रिया, पद्मा, पद्मालया, भार्गवी, चञ्चला, इन्दिरा, अब्जवाहना, अब्जा, अब्धिजा, अम्बुजासना, अमला, ईश्वरी, देवश्री, पद्ममालिनी, पद्मगुणा, पिङ्गला, मङ्गला, श्रिया, श्रीप्रदा, सिन्धुजा, जगन्मयी, अमला, वरवर्णिनी, वृषाकपायी, सिन्धुकन्या, सिन्धुसुता, जलधिजा, क्षीरसागरसुता, दुग्धाब्धितनया, क्षीरसागरकन्यका, क्षीरोदतनया, लोकजननी, लोकमाता
noun
धनस्य अधिष्ठात्री देवता या विष्णुपत्नी अस्ति इति मन्यते।
"धनप्राप्त्यर्थे जनाः लक्ष्मीं पूजयन्ति।"
Sanskrit Tibetan
Tibetan
skyem byed ma
ईश्वरी
अभिधानचिन्तामणिपरिशिष्टम्
Sanskrit
--source--
गौतमी कौशिकी कृष्णा तामसी बाभ्रवी जया ४७
कालरात्रिर्महामाया भ्रामरी यादवी वरा
बर्हिध्वजा शूलधरा परमब्रह्मचारिणी ४८
अमोघा विन्ध्यनिलया षष्ठी कान्तारवासिनी
जाङ्गुली बदरीवासा वरदा कृष्णपिङ्गला ४९
p{0003}
दृषद्वतीन्द्रभगिनी प्रगल्भा रेवती तथा
महाविद्या सिनीवाली रक्तदन्त्येकपाटला ५०
एकपर्णा बहुभुजा नन्दपुत्री महाजया
भद्रकाली महाकाली योगिनी गणनायिका ५१
हासा भीमा प्रकूष्माण्डी गदिनी वारुणी हिमा
अनन्ता विजया क्षेमा मानस्तोका कुहावती ५२
चारणा पितृगणा स्कन्दमाता घनाञ्जनी
गान्धर्वी कर्वरी गार्गी सावित्री ब्रह्मचारिणी ५३
कोटिश्रीर्सन्दरावासा केशी मलयवासिनी
कालायनी विशालाक्षी किराती गोकुलोद्भवा ५४
एकानसी नारायणी शैला शाकंभरीश्वरी
प्रकीर्णकेशी कुण्डा नीलवस्त्रोग्रचारिणी ५५
अष्टादशभुजा पौत्री शिवदूती यमस्वसा
सुनन्दा विकचा लम्बा जयन्ती नकुलाकुला ५६
विलङ्का नन्दिनी नन्दा नन्दयन्ती निरञ्जना
कालंजरी शतमुखी विकराली करालिका ५७
विरजाः पुरला जीरी बहुपुत्री कुलेश्वरी
कैटभी कालदमनी दर्दुरा कुलदेवता ५८
रौद्री कुन्द्रा महारौद्री कालंगमा महानिशा
बलदेवस्वसा पुत्री हीरी क्षेमंकरी प्रभा ५९
मारी हैमवती चापि गोला शिखरवासिनी
-wordlist-
गौतमी (स्त्री), कौशिकी (स्त्री), कृष्णा (स्त्री), तामसी (स्त्री), बाभ्रवी (स्त्री), जया (स्त्री), कालरात्रि (स्त्री), महामाया (स्त्री), भ्रामरी (स्त्री), यादवी (स्त्री), वरा (स्त्री), बर्हिध्वजा (स्त्री), शूलधरा (स्त्री), परमब्रह्मचारिणी (स्त्री), अमोघा (स्त्री), विन्ध्यनिलया (स्त्री), षष्ठी (स्त्री), कान्तारवासिनी (स्त्री), जाङ्गुली (स्त्री), बदरीवासा (स्त्री), वरदा (स्त्री), कृष्णपिङ्गला (स्त्री), दृषद्वती (स्त्री), इन्द्रभगिनी (स्त्री), प्रगल्भा (स्त्री), रेवती (स्त्री), महाविद्या (स्त्री), सिनीवाली (स्त्री), रक्तदन्ती (स्त्री), एकपाटला (स्त्री), एकपर्णा (स्त्री), बजुभुजा (स्त्री), नन्दपुत्री (स्त्री), महाजया (स्त्री), भद्रकाली (स्त्री), महाकाली (स्त्री), योगिनी (स्त्री), गणनायिका (स्त्री), हासा (स्त्री), भीमा (स्त्री), प्रकूष्माण्डी (स्त्री), गदिनी (स्त्री), वारुणी (स्त्री), हिमा (स्त्री), अनन्ता (स्त्री), विजया (स्त्री), क्षेमा (स्त्री), मानस्तोका (स्त्री), कुहावती (स्त्री), चारणा (स्त्री), पितृगणा (स्त्री), स्कन्दमाता (स्त्री), घनाञ्जनी (स्त्री), गान्धर्वी (स्त्री), कर्बुरा (स्त्री), गार्गी (स्त्री), सावित्री (स्त्री), ब्रह्मचारिणी (स्त्री), कोटिश्री (स्त्री), मन्दरावासा (स्त्री), केशी (स्त्री), मलयवासिनी (स्त्री), कालायनी (स्त्री), विशालाक्षी (स्त्री), किराती (स्त्री), गोकुलोद्भवा (स्त्री), एकानसी (स्त्री), नारायणी (स्त्री), शैला (स्त्री), शाकम्भरी (स्त्री), ईश्वरी (स्त्री), प्रकीर्णकेशी (स्त्री), कुण्डा (स्त्री), नीलवस्त्रा (स्त्री), उग्रचारिणी (स्त्री), अष्टादशभुजा (स्त्री), पौत्री (स्त्री), शिवदूती (स्त्री), यमस्वसा (स्त्री), सुनन्दा (स्त्री), विकचा (स्त्री), लम्बा (स्त्री), जयन्ती (स्त्री), नकुला (स्त्री), कुला (स्त्री), विलङ्का (स्त्री), नन्दिनी (स्त्री), नन्दा (स्त्री), नन्दयन्ती (स्त्री), निरञ्जना (स्त्री), कालञ्जरी (स्त्री), शतमुखी (स्त्री), विकराला (स्त्री), करालिका (स्त्री), विरजस् (स्त्री), पुरला (स्त्री), जारी (स्त्री), बहुपुत्री (स्त्री), कुलेश्वरी (स्त्री), कैटभी (स्त्री), कालदमनी (स्त्री), दर्दुरा (स्त्री), कुलदेवता (स्त्री), रौद्री (स्त्री), कुन्द्रा (स्त्री), महारौद्री (स्त्री), कालङ्गमा (स्त्री), महानिशा (स्त्री), बलदेवस्वसृ (स्त्री), पुत्री (स्त्री), हीरी (स्त्री), क्षेमङ्करी (स्त्री), प्रभा (स्त्री), मारी (स्त्री), हैमवती (स्त्री), गोला (स्त्री), शिखरवासिनी (स्त्री)
अभिधानचिन्तामणीशिलोच्छः
Sanskrit
--source--
गौर्यां दाक्षायणीश्वर्यौ नारायणे जलेशयः
-wordlist-
दाक्षायणी (स्त्री), ईश्वरी (स्त्री), नारायण (पुं), जलेशय (पुं)
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
ईश्वरी,
स्त्री,
(ईष्टे इति + ईश् + वनिप् वनोर-चेति ङीव्रौ ।) ईश्वरा इति शब्दरत्नावली
(“त्वमीश्वरी देवि ! चराचराणाम्” इति मार्क-ण्डेयपुराणं
९१ ।) लिङ्गिनीवृक्षः वन्ध्या-कर्कोटकीवृक्षः रुद्रजटालता नाकुलीकन्दः ।इति राजनिर्घण्टः
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
ईश्वरी स्त्री ईश्वरस्य शिवस्य पत्नी ङीप् दुर्गायाम् ।“ईश्वरीमीश्वरपियाम्” दुर्गास्तवः ईश- वनिप् ङीप्रान्तादेशश्च लिङ्गिनोलतायां बन्ध्याकर्कट्याम्, क्षुद्र-जटालतायाम्, नाकुलीवृक्षे ऐश्वर्य्यान्वितायांस्त्रियाम् “ईश्वरी सर्वभूतानां त्वामिहोपह्वये-श्रियम्” श्रीसूक्तम्
कृदन्तरूपमाला
Sanskrit
1 {@“ईश ऐश्वर्ये”@} 2 ईशकः-शिका, ईशकः-शिका, ईशिशिषकः-षिका
3 ईशिता-त्री, ईशयिता-त्री, ईशिशिषिता-त्री
-- ईशयन्-न्ती, ईशयिष्यन्-न्ती-ती
4 ईशानः, ईशयमानः, ईशिशिषमाणः
ईशिष्यमाणः, ईशयिष्यमाणः, ईशिशिषिष्यमाणः
5 ईट्-ईशौ-ईशः, 6 भुजगेट्
-- ईशितः-तम्-तवान्, ईशितः, ईशिशिषितः-तवान्
7 ईशः, 8 ईश्वर 9ः-रा, ईशिशिषुः, ईशानः, 10 ईश्वरी 11, ईशिशयिषुः
ईशितव्यम्, ईशयितव्यम्, ईशिशिषितव्यम्
ईशनीयम्, ईशनीयम्, ईशिशिषणीयम्
ईश्यम्, ईश्यम्, ईशिशिष्यम्
ईषदीशः, दुरीशः, स्वीशः
-- ईश्यमानः, ईश्यमानः, ईशिशिष्यमाणः
ईशः, ईशः, ईशिशिषः
ईशितुम्, ईशयितुम्, ईशिशिषितुम्
12 ईशा, ईशना, ईशिशिषा, ईशिशयिषा
ईशनम्, ईशनम्, ईशिशिषणम्
ईशित्वा, ईशयित्वा, ईशिशिषित्वा
समीश्य, समीश्य, समीशिशिष्य
ईशम् २, ईशित्वा २, ईशम् २, ईशयित्वा २, ईशिशिषम्
ईशिशिषित्वा २।
प्रासङ्गिक्यः
01
=>
(८७)
02
=>
(२-अदादिः-१०२०। अक। सेट्। आत्म।)
03
=>
[[आ। ‘तमीशितारं तिसृणां गतीनां सुस्वाय नॄणामुररीकृताङ्गम्।’ वा। वि। ३-२४।]]
04
=>
[[B। ‘अमितंपचमीशानं सर्वंभोगीणमुत्तमम्।’ भ। का। ६-९७।]]
05
=>
[[१। शान्तत्वात् ‘व्रश्चभ्रस्ज--’ (८-२-३६) इति षत्वे, जश्त्वम्।]]
06
=>
[[C। ‘भुजगेशि निशाकराभिरामे द्विषतां शोककरे तदाऽवतीर्णे’। वा। वि। २-६७।]]
07
=>
[[ड्। ‘ईड्योऽयमीशः समुपास्ति शीलैराशासितः पीतपटीं वसानः।’ धा। का। २-४५।]]
08
=>
[[२। ‘स्थेशभासपिसकसो वरच्’ (३-२-१७५) इति वरच् ताच्छीलिकः। ‘नेड् वशि कृति--’ (७-२-८) इतीण्णिषेधः। स्त्रियां टाप्।]]
09
=>
[[E। ‘अभीरुरवसं स्त्रीभिः भासुराभिरिहेश्वरः।।’ भ। का। ७-२५।]]
10
=>
[[F। ‘समग्रशक्तिस्समयोपयातः प्राणेश्वरीं प्राप्तुमियेष शौरिः’ या। अ। १३-१। गौरा- दित्वात् ङीप्।]]
11
=>
[[४। ‘अन्येभ्योऽपि दृश्यन्ते’ (३-२-७५) इति वनिपि, स्त्रियां ‘वनो च’ (४-१-७) इति ङीप् रेफादेशश्च। आत्रेयादयस्तु व्याप्त्यर्थकादश्नुतेरौणादिके (५-१७) वरटि धातो- रीकारे, टित्त्वात् ङीपि समर्थयन्ति। बहुलग्रहणादीशधातोरेव वा वरटि रूपमि- त्यपि केचित्।]]
12
=>
[पृष्ठम्००८९+ २६]