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अम्बष्ठकी (ambaSThakI)

 
शब्दसागरः
English
अम्बष्ठकी
f.
(-की) A creeper, (Cissampelos hexandra.) Also अम्बष्ठा and
अम्बष्ठिका.
Yates
English
अम्ब-ष्ठकी (की) 3.
f.
A creeper, (Cis-
sampelos hexandra.)
Wilson
English
अम्बष्ठकी
f.
(-की) A creeper, (Cissampelos hexandra.) Also
अम्बष्ठा and अम्बष्ठिका.
Apte
English
अम्बष्ठकी [ambaṣṭhakī],
=
अम्बष्ठा (पाठा) see above.
Apte 1890
English
अंबष्ठकी = अंबष्ठा (पाठा) see above.
Monier Williams Cologne
English
अम्बष्ठकी
f.
Clypea Hernandifolia,
L.
Monier Williams 1872
English
अम्बष्ठकी, f. the plant Clypea Hernandifolia.
E Bharati Sampat
Sanskrit
(स्त्री) अम्बष्ठं कायति स्वग्रहणार्थम् आह्वयति अम्बष्ठ+कै+कः। पाठा, वनतिक्तिका(आकनादी)
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
अम्बष्ठकी,
स्त्री,
(अम्बष्ठं कायति स्वग्रहणार्थ-माह्वयति, अम्बष्ठ + कै + कः, गौरादित्वात्ङीष् ।) लताविशेषः आकनादि निमुखी इतिच भाषा तत्पर्य्यायः पाठा अम्बष्ठा ३कुचेली पापचेलिका एकाष्ठीला वरा ७तिक्ता प्राचीना एकोशिका १० वृका ११ ।इति रत्नमाला
विद्धकर्णी १२ स्थापनी १३श्रेयसी १४ रसा १५ पापचेली १६ वनतिक्तिका१७ इत्यमरः
अविद्धकर्णी १८ अविद्धकर्णा१९ इति तट्टीका
अम्बष्ठिका २० यूथिका २१विद्धकर्णिका २२ दीपनी २३ तिक्तपुष्पा २४ वृह-त्तिक्ता २५ शिशिरा २६ वृकी २७ मालती २८देवी २९ वृत्तपर्णी ३० इति राजनिर्घण्टः
अस्या गुणाः अतीसारशमनत्वं लघुत्वं त्रिदोष-नाशित्वञ्च इति राजवल्लभः
तिक्तत्वं गुरुत्वं ।उष्णत्वं वातपित्तज्वरपित्तदाहशूलनाशित्वं ।भग्नसन्धानकारित्वञ्च इति राजनिर्घण्टः
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
अम्बष्ठकी स्त्री अम्बष्ठं कायति आदानार्थमाह्वयति कै--कगौरा० ङीष् (पटाण्डु) इति स्थातायां लतायांपाठायाम्