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अनन्ता (anantA)

 
Monier Williams Cologne
English
अन्-अन्ता
f.
the earth
the number one
N.
of Pārvatī and of various females, the plant Śārivā
Periploca Indica or Asclepias Pseudosarsa or Asthmatica (the root of which supplies a valuable medicine)
Apte Hindi
Hindi
अनन्ता
स्त्री*
- -
पृथ्वी
अनन्ता
स्त्री*
- -
एक की संख्या
अनन्ता
स्त्री*
- -
पार्वती
अनन्ता
स्त्री*
- -
"शारिवा, अनंतमूल, दूर्वा आदि पौधे"
Shabdartha Kaustubha
Kannada
अनन्ता
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಅನಂತನ ಗೊಂಡೆ ಗಿಡ
अनन्ता
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಪೃಥ್ವಿ / ಭೂಮಿ
व्युत्पत्तिः - > नास्त्यन्तोऽस्याः
अनन्ता
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಪಾರ್ವತಿ
अनन्ता
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಗರಿಕೆಹುಲ್ಲು
अनन्ता
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ನಸುಗುನ್ನಿ ಗಿಡ
अनन्ता
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಬೆಣ್ಣೆ ಬಿದುರು ಸೊಪ್ಪು
अनन्ता
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಅಮೃತಬಳ್ಳಿ
अनन्ता
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ನರುವಲುಗಿಡ
अनन्ता
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಸೊಗದೆಬೇರು
अनन्ता
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಚಪ್ಪಲಿ
अनन्ता
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಬಿಳಿಗರಿಕೆ
अनन्ता
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಕರಿ ಜೀರಿಗೆ
अनन्ता
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ತೀಟಕಸಂಧಿ
अनन्ता
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಅಳಲೆಗಿಡ
अनन्ता
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ನೆಲ್ಲಿಗಿಡ
अनन्ता
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಪೂರ್ಣಿಮೆ / ಹುಣ್ಣಿಮೆ
विस्तारः - > 1. “अनन्ता तु गुडूची भुर्दुरालभा विहशल्या लाङ्गली दूर्वा शारिवा हैमवत्यपि” - - हेम० 2. “अनन्ता विशत्यायां शारिवादूर्वयोरपि कणादुरालभापथ्यापार्वत्यामलकीषु विश्वम्भरागुडूच्योः स्यात्” - मेदि० 3. “अनन्ता पूर्णिमा दूर्वा यवाषः शारिवा मही”- वैज०
L R Vaidya
English
ananta {% (I) a. (f. न्ता) %} Boundless (in time, space, or number) अनन्तरत्नप्रभवस्य यस्य K.S.i.3.
anantA {% f. %} 1. The earth
2. the number ‘one’ (in math.)
3. a name of Pārvatī
4. the dūrvā grass.
E Bharati Sampat
Sanskrit
(स्त्री) नास्ति अन्तः अस्याः। १.पार्वती २.अनन्तः शेषः धारकः अस्याः। भूः, विश्वम्भरा ३.शारिबा ४.दूर्वा ५.पिप्पली ६.दुरालभा, तीटकसन्धिः। ७.हरीतकी ८.गुडूची ९.गोपवल्ली १०.आमलकी। ११.पूर्णिमातिथिः।१२.यवाषः। १३.श्वेतदूर्वा। १४.अग्निशिखावृक्षः। १५.विशल्या, अनन्तमूलम् १६.लाङ्गली १७.हैमवती १८.श्यामालता १९.कणा ।‘अनन्ता तु गुडूची भूर्दुरालभा विशल्या लाङ्गली दूर्वा शारिवा हैमवत्यपि’ हैमः। ‘अनन्ता विशल्यायां शारिवादूर्वयोरपि कणादुरालभापत्यापार्वत्यामलकीषु विश्वम्भरागुडूच्योः स्यात्’ मेदिनी ‘अनन्ता पूर्णिमा दूर्वा यवाषः’ वैज०
Schmidt Nachtrage zum Sanskrit Worterbuch
German
अनन्ता *Erde, S I, 176, 8 (in °अनन्तापति Fürst).
Wordnet
Sanskrit
Synonyms:
पृथिवी, भूः, भूमिः, अचला, अनन्ता, रसा, विश्वम्भरा, स्थिरा, धरा, धरित्री, धरणी, क्षौणी, ज्या, काश्यपी, क्षितिः, सर्वसहा, वसुमती, वसुधा, उर्वी, वसुन्धरा, गोत्रा, कुः, पृथ्वी, क्ष्मा, अवनिः, मेदिनी, मही, धरणी, क्षोणिः, क्षौणिः, क्षमा, अवनी, महिः, रत्नगर्भा, सागराम्बरा, अब्धिमेखला, भूतधात्री, रत्नावती, देहिनी, पारा, विपुला, मध्यमलोकवर्त्मा, धारणी, गन्धवती, महाकान्ता, खण्डनी, गिरिकर्णिका, धारयित्री, धात्री, अचलकीला, गौः, अब्धिद्वीपा, इडा, इडिका, इला, इलिका, इरा, आदिमा, ईला, वरा, आद्या, जगती, पृथुः, भुवनमाता, निश्चला, श्यामा
noun
मर्त्याद्यधिष्ठानभूता।
"पृथिवी पञ्चमम् भूतम्"
Synonyms:
अनन्तमूलः, गोपी, गोपवल्ली, अनन्ता, श्यामा, उत्पलशारिवा, शारिवा
noun
एका बहुवर्षीया औषधीया लता या पञ्चपादेभ्यः पञ्चदशपादं यावत् उन्नता एवं कर्पूरमिलितचन्दनगन्धिनी च।
"अनन्तमूलः भूम्यां प्रसरति अथवा कमपि वृक्षं संश्लिष्य आरोहति।"
Synonyms:
अरणी, श्रीपर्णम्, अग्निमन्थः, कणिका, गणिकारिका, जया, अरणिः, तेजोमन्थः, हविर्मन्थः, ज्योतिष्कः, पावकः, वह्निमन्थः, मथनः, अग्निमथनः, तर्कारी, वैजयन्तिका, अरणीकेतुः, श्रीपर्णी, कर्णिका, नादेयी, विजया, अनन्ता, नदीजा
noun
हिमालयेषु वर्तमानः वृक्षविशेषः यस्य खाद्यं फलं भवति एवं तस्य बीजमपि उपयोगाय वर्तते।
"अरणी तु औषधवृक्षः भवति।"
Synonyms:
दुर्गा, उमा, कात्यायनी, गौरी, ब्रह्माणी, काली, हैमवती, ईश्वरा, शिवा, भवानी, रुद्राणी, सर्वाणी, सर्वमङ्गला, अपर्णा, पार्वती, मृडानी, लीलावती, चणडिका, अम्बिका, शारदा, चण्डी, चण्डा, चण्डनायिका, गिरिजा, मङ्गला, नारायणी, महामाया, वैष्णवी, महेश्वरी, कोट्टवी, षष्ठी, माधवी, नगनन्दिनी, जयन्ती, भार्गवी, रम्भा, सिंहरथा, सती, भ्रामरी, दक्षकन्या, महिषमर्दिनी, हेरम्बजननी, सावित्री, कृष्णपिङ्गला, वृषाकपायी, लम्बा, हिमशैलजा, कार्त्तिकेयप्रसूः, आद्या, नित्या, विद्या, शुभह्करी, सात्त्विकी, राजसी, तामसी, भीमा, नन्दनन्दिनी, महामायी, शूलधरा, सुनन्दा, शुम्यभघातिनी, ह्री, पर्वतराजतनया, हिमालयसुता, महेश्वरवनिता, सत्या, भगवती, ईशाना, सनातनी, महाकाली, शिवानी, हरवल्लभा, उग्रचण्डा, चामुण्डा, विधात्री, आनन्दा, महामात्रा, महामुद्रा, माकरी, भौमी, कल्याणी, कृष्णा, मानदात्री, मदालसा, मानिनी, चार्वङ्गी, वाणी, ईशा, वलेशी, भ्रमरी, भूष्या, फाल्गुनी, यती, ब्रह्ममयी, भाविनी, देवी, अचिन्ता, त्रिनेत्रा, त्रिशूला, चर्चिका, तीव्रा, नन्दिनी, नन्दा, धरित्रिणी, मातृका, चिदानन्दस्वरूपिणी, मनस्विनी, महादेवी, निद्रारूपा, भवानिका, तारा, नीलसरस्वती, कालिका, उग्रतारा, कामेश्वरी, सुन्दरी, भैरवी, राजराजेश्वरी, भुवनेशी, त्वरिता, महालक्ष्मी, राजीवलोचनी, धनदा, वागीश्वरी, त्रिपुरा, ज्वाल्मुखी, वगलामुखी, सिद्धविद्या, अन्नपूर्णा, विशालाक्षी, सुभगा, सगुणा, निर्गुणा, धवला, गीतिः, गीतवाद्यप्रिया, अट्टालवासिनी, अट्टहासिनी, घोरा, प्रेमा, वटेश्वरी, कीर्तिदा, बुद्धिदा, अवीरा, पण्डितालयवासिनी, मण्डिता, संवत्सरा, कृष्णरूपा, बलिप्रिया, तुमुला, कामिनी, कामरूपा, पुण्यदा, विष्णुचक्रधरा, पञ्चमा, वृन्दावनस्वरूपिणी, अयोध्यारुपिणी, मायावती, जीमूतवसना, जगन्नाथस्वरूपिणी, कृत्तिवसना, त्रियामा, जमलार्जुनी, यामिनी, यशोदा, यादवी, जगती, कृष्णजाया, सत्यभामा, सुभद्रिका, लक्ष्मणा, दिगम्बरी, पृथुका, तीक्ष्णा, आचारा, अक्रूरा, जाह्नवी, गण्डकी, ध्येया, जृम्भणी, मोहिनी, विकारा, अक्षरवासिनी, अंशका, पत्रिका, पवित्रिका, तुलसी, अतुला, जानकी, वन्द्या, कामना, नारसिंही, गिरीशा, साध्वी, कल्याणी, कमला, कान्ता, शान्ता, कुला, वेदमाता, कर्मदा, सन्ध्या, त्रिपुरसुन्दरी, रासेशी, दक्षयज्ञविनाशिनी, अनन्ता, धर्मेश्वरी, चक्रेश्वरी, खञ्जना, विदग्धा, कुञ्जिका, चित्रा, सुलेखा, चतुर्भुजा, राका, प्रज्ञा, ऋद्भिदा, तापिनी, तपा, सुमन्त्रा, दूती, अशनी, कराला, कालकी, कुष्माण्डी, कैटभा, कैटभी, क्षत्रिया, क्षमा, क्षेमा, चण्डालिका, जयन्ती, भेरुण्डा
noun
सा देवी यया नैके दैत्याः हताः तथा या आदिशक्तिः अस्ति इति मन्यते।
"नवरात्रोत्सवे स्थाने स्थाने दुर्गायाः प्रतिष्ठापना क्रियते।"
Synonyms:
पूर्णिमा, पौर्णिमा, पौर्णमासी, राका, चान्द्री, पूर्णमासी, अनन्ता, चन्द्रमाता, निरञ्जना, ज्योत्स्नी, इन्दुमती, सिता
noun
चान्द्रमासे शुक्लपक्षस्य अन्तिमतिथिः।
"पूर्णिमायाः निशाकरः अतीव रमणीयः।"
अभिधानचिन्तामणिः
Sanskrit
--source--
भूर्भूमिः पृथिवी पृथ्वी वसुधोर्वी वसुंधरा
धात्री धरित्री धरणी विश्वा विश्वंभरा धरा ९३५
क्षितिः क्षोणी क्षमानन्ता ज्या कुर्वसुमती मही
गौर्गोत्रा भूतधात्री क्ष्मा गन्धमाताचलावनिः ९३६
सर्वंसहा रत्नगर्भा जगती मेदिनी रसा
काश्यपी पर्वताधारा स्थिरेला रत्नबीजसूः ९३७
विपुला सागराच्चाग्रे स्युर्नेमीमेखलाम्बराः
-wordlist-
भू (स्त्री), भूमि (स्त्री), पृथिवी (स्त्री), पृथ्वी (स्त्री), वसुधा (स्त्री), उर्वी (स्त्री), वसुन्धरा (स्त्री), धात्री (स्त्री), धरित्री (स्त्री), धरणी (स्त्री), विश्वा (स्त्री), विश्वम्भरा (स्त्री), धरा (स्त्री), क्षिति (स्त्री), क्षोणी (स्त्री), क्षमा (स्त्री), अनन्ता (स्त्री), ज्या (स्त्री), कु (स्त्री), वसुमती (स्त्री), मही (स्त्री), गो (स्त्री), गोत्रा (स्त्री), भूतधात्री (स्त्री), क्ष्मा (स्त्री), गन्धमाता (स्त्री), अचला (स्त्री), अवनि (स्त्री), सर्वंसहा (स्त्री), रत्नगर्भा (स्त्री), जगती (स्त्री), मेदिनी (स्त्री), रसा (स्त्री), काश्यपी (स्त्री), पर्वताधारा (स्त्री), स्थिरा (स्त्री), इला (स्त्री), रत्नसू (स्त्री), बीजसू (स्त्री), विपुला (स्त्री), सागरनेमी (स्त्री), सागरमेखला (स्त्री), सागराम्बरा (स्त्री)
--source--
दर्भः कुशः कुथो बर्हिः पवित्रमथ तेजनः
गुन्द्रो मुञ्जः शरो दूर्वा त्वनन्ता शतपर्विका ११९२
हरिताली रुहा पोटगलस्तु धमनो नडः
-wordlist-
दर्भ (पुं), कुश (पुंक्ली), कुथ (पुं), बर्हिस् (पुंक्ली), पवित्र (क्ली), तेजन (पुं), गुन्द्र (पुं), मुञ्ज (पुं), शर (पुं), दूर्वा (स्त्री), अनन्ता (स्त्री), शतपर्विका (स्त्री), हरिताली (स्त्री), रुहा (स्त्री), पोटगल (पुं), धमन (पुं), नड (पुंक्ली)
अभिधानचिन्तामणिपरिशिष्टम्
Sanskrit
--source--
गौतमी कौशिकी कृष्णा तामसी बाभ्रवी जया ४७
कालरात्रिर्महामाया भ्रामरी यादवी वरा
बर्हिध्वजा शूलधरा परमब्रह्मचारिणी ४८
अमोघा विन्ध्यनिलया षष्ठी कान्तारवासिनी
जाङ्गुली बदरीवासा वरदा कृष्णपिङ्गला ४९
p{0003}
दृषद्वतीन्द्रभगिनी प्रगल्भा रेवती तथा
महाविद्या सिनीवाली रक्तदन्त्येकपाटला ५०
एकपर्णा बहुभुजा नन्दपुत्री महाजया
भद्रकाली महाकाली योगिनी गणनायिका ५१
हासा भीमा प्रकूष्माण्डी गदिनी वारुणी हिमा
अनन्ता विजया क्षेमा मानस्तोका कुहावती ५२
चारणा पितृगणा स्कन्दमाता घनाञ्जनी
गान्धर्वी कर्वरी गार्गी सावित्री ब्रह्मचारिणी ५३
कोटिश्रीर्सन्दरावासा केशी मलयवासिनी
कालायनी विशालाक्षी किराती गोकुलोद्भवा ५४
एकानसी नारायणी शैला शाकंभरीश्वरी
प्रकीर्णकेशी कुण्डा नीलवस्त्रोग्रचारिणी ५५
अष्टादशभुजा पौत्री शिवदूती यमस्वसा
सुनन्दा विकचा लम्बा जयन्ती नकुलाकुला ५६
विलङ्का नन्दिनी नन्दा नन्दयन्ती निरञ्जना
कालंजरी शतमुखी विकराली करालिका ५७
विरजाः पुरला जीरी बहुपुत्री कुलेश्वरी
कैटभी कालदमनी दर्दुरा कुलदेवता ५८
रौद्री कुन्द्रा महारौद्री कालंगमा महानिशा
बलदेवस्वसा पुत्री हीरी क्षेमंकरी प्रभा ५९
मारी हैमवती चापि गोला शिखरवासिनी
-wordlist-
गौतमी (स्त्री), कौशिकी (स्त्री), कृष्णा (स्त्री), तामसी (स्त्री), बाभ्रवी (स्त्री), जया (स्त्री), कालरात्रि (स्त्री), महामाया (स्त्री), भ्रामरी (स्त्री), यादवी (स्त्री), वरा (स्त्री), बर्हिध्वजा (स्त्री), शूलधरा (स्त्री), परमब्रह्मचारिणी (स्त्री), अमोघा (स्त्री), विन्ध्यनिलया (स्त्री), षष्ठी (स्त्री), कान्तारवासिनी (स्त्री), जाङ्गुली (स्त्री), बदरीवासा (स्त्री), वरदा (स्त्री), कृष्णपिङ्गला (स्त्री), दृषद्वती (स्त्री), इन्द्रभगिनी (स्त्री), प्रगल्भा (स्त्री), रेवती (स्त्री), महाविद्या (स्त्री), सिनीवाली (स्त्री), रक्तदन्ती (स्त्री), एकपाटला (स्त्री), एकपर्णा (स्त्री), बजुभुजा (स्त्री), नन्दपुत्री (स्त्री), महाजया (स्त्री), भद्रकाली (स्त्री), महाकाली (स्त्री), योगिनी (स्त्री), गणनायिका (स्त्री), हासा (स्त्री), भीमा (स्त्री), प्रकूष्माण्डी (स्त्री), गदिनी (स्त्री), वारुणी (स्त्री), हिमा (स्त्री), अनन्ता (स्त्री), विजया (स्त्री), क्षेमा (स्त्री), मानस्तोका (स्त्री), कुहावती (स्त्री), चारणा (स्त्री), पितृगणा (स्त्री), स्कन्दमाता (स्त्री), घनाञ्जनी (स्त्री), गान्धर्वी (स्त्री), कर्बुरा (स्त्री), गार्गी (स्त्री), सावित्री (स्त्री), ब्रह्मचारिणी (स्त्री), कोटिश्री (स्त्री), मन्दरावासा (स्त्री), केशी (स्त्री), मलयवासिनी (स्त्री), कालायनी (स्त्री), विशालाक्षी (स्त्री), किराती (स्त्री), गोकुलोद्भवा (स्त्री), एकानसी (स्त्री), नारायणी (स्त्री), शैला (स्त्री), शाकम्भरी (स्त्री), ईश्वरी (स्त्री), प्रकीर्णकेशी (स्त्री), कुण्डा (स्त्री), नीलवस्त्रा (स्त्री), उग्रचारिणी (स्त्री), अष्टादशभुजा (स्त्री), पौत्री (स्त्री), शिवदूती (स्त्री), यमस्वसा (स्त्री), सुनन्दा (स्त्री), विकचा (स्त्री), लम्बा (स्त्री), जयन्ती (स्त्री), नकुला (स्त्री), कुला (स्त्री), विलङ्का (स्त्री), नन्दिनी (स्त्री), नन्दा (स्त्री), नन्दयन्ती (स्त्री), निरञ्जना (स्त्री), कालञ्जरी (स्त्री), शतमुखी (स्त्री), विकराला (स्त्री), करालिका (स्त्री), विरजस् (स्त्री), पुरला (स्त्री), जारी (स्त्री), बहुपुत्री (स्त्री), कुलेश्वरी (स्त्री), कैटभी (स्त्री), कालदमनी (स्त्री), दर्दुरा (स्त्री), कुलदेवता (स्त्री), रौद्री (स्त्री), कुन्द्रा (स्त्री), महारौद्री (स्त्री), कालङ्गमा (स्त्री), महानिशा (स्त्री), बलदेवस्वसृ (स्त्री), पुत्री (स्त्री), हीरी (स्त्री), क्षेमङ्करी (स्त्री), प्रभा (स्त्री), मारी (स्त्री), हैमवती (स्त्री), गोला (स्त्री), शिखरवासिनी (स्त्री)
अभिधानरत्नमाला
Sanskrit
भू
भू, भूमि, वसुधा, अवनि, वसुमती, धात्री, धरित्री, धरा, गो, गोत्रा, जगती, रसा, क्षिति, इला, क्षोणी, क्षमा, क्ष्मा, अचला, कु, पृथ्वी, पृथिवी, स्थिरा, धरणी, विश्वम्भरा, मेदिनी, ज्या, अनन्ता, विपुला, समुद्रवसना, सर्वंसहा, ऊर्वी, मही, काश्यपी, भूतधात्री, रत्नगर्भा, वसुन्धरा, धराधारा
भूर्भूमिर्वसुधावनिर्वसुमती धात्री धरित्री धरा,
गौर्गोत्रा जगती रसा क्षितिरिला क्षोणी क्षमा क्ष्माचला
कुः पृथ्वी पृथिवी स्थिरा धरणी विश्वम्भरा मेदिनी,
ज्यानन्ता विपुला समुद्रवसना सर्वंसहोर्वी मही १५६
काश्यपी भूतधात्री रत्नगर्भा वसुन्धरा
धराधारा विज्ञेया तद्विशेषान्निबोधत १५७
verse 2.1.1.156
page 0020
Mahabharata
English
Anantā, a Mādhava princess, wife of Pūru's son Janamejaya. § 156 (Pūruvaṃś.): I, 95, ††3765 (Mādhavīṃ).
पुराणम्
English
अनन्ता / ANANTĀ. Wife of janamejaya, son of King pūru.
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
अनन्ता,
स्त्री,
(नास्ति अन्तो यस्याः सा ।) पार्व्वती ।पृथिवी अग्निशिखावृक्षः श्यामालता दूर्व्वा ।पिप्प्यली दुरालभा हरीतकी आमलकी ।गुडुची इति मेदिनी
यवासः श्वेतदूर्व्वा ।नीलदूर्व्वा अग्निमन्थवृक्षः इति राजनिर्घण्टः
अनन्तमूलं तत्पर्य्यायः गोपवल्ली काराला ३सुगन्धा भद्रवल्लिका भद्रा नागजिह्वा ।इति रत्नमाला
गोपी श्यामा शारिवा १०उत्पलशारिवा ११ इत्यमरः
गोप्यादि-पञ्चश्यामलतायां नागजिह्वायां इति केचित् ।गोप्यादित्रयं श्यामलतायां अनन्तोत्पलशारिवेतिद्वयं अनन्तमूले इति केचित् इति तट्टीकायांभरतः
तस्या गुणाः मलबन्धकारित्वं रक्त-पित्तनाशित्वं शीतलत्वञ्च इति राजबल्लभः
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
अनन्ता स्त्री नास्ति अन्तोऽस्याः ब० विशल्यायामोषधौ(अनन्तमूल) इति ख्याते मूलभेदे, पावत्याम्, पृथिव्याम्, दुरालभायां, दूर्वायां, हरितक्यां, आमलक्याम्, गुडूच्याम्, अग्निमन्थवृक्षे, अग्निशिखावृक्षे, श्यामलतायाम्, पिपपल्यां, नीलदूर्वायाम्, श्वेतदूर्वायां, शारिवोषधौ