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अचला (acalA)

 
Monier Williams Cologne
English
अ-चला
f.
the earth
one of the ten degrees which are to be ascended by a Bodhisattva before becoming a Buddha.
Hindi
Hindi
बेहिचक
Apte Hindi
Hindi
अचला
स्त्री*
- -
पृथ्वी
Shabdartha Kaustubha
Kannada
अचला
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಭೂಮಿ
निष्पत्तिः - > चल (कम्पने) “अच्” (३-१-१३४)
व्युत्पत्तिः - > चलति
L R Vaidya
English
acala {% (I) a. (f. ला) %} Fixed, immoveable.
acalA {% f. %} The earth.
भूतसङ्ख्या
Sanskrit
१, अंशुमान्, अचला, अब्ज, अमृतांशु, अवनि, आदि, आस्य, इन्दु, इला, उडुपति, उर्वरा, उर्वी, ऋक्षेश, एक, एणधर, औषधीश, क, कलाधर, कलि, कु, कुमुदाकरप्रिय, क्षपाकर, क्षमा, क्षिति, क्षोणि, क्षोणी, क्षमा, गो, गोत्र, गोत्रा, ग्लौ, चन्द्र, चन्द्रमस्, जगती, जैवातृक, ज्या, तनु, दाक्षायणीप्राणेश, धरणी, धरा, धरित्री, नायक, निशाकर, निशेश, पितामह, पृथिवी, पृथ्वी, प्रालेयांशु, ब्रह्मा, भुवन्यु, भू, भूमि, मही, मुख, मृगलाञ्छन, मृगाङ्क, मेदिनी, रजनीकर, रजनीश, रात्रिप, रात्रीश, रुग्ण, रूप, लपन, वक्त्र, वदन, वसुधा, वसुन्धरा, वाक्, विधु, विरञ्चि, विश्वम्भरा, शशधर, शशभृत्, शशलाञ्छन, शशाङ्क, शशि, शशी, शीतकर, शीतकिरण, शीतद्युति, शीतमयूख, शीतरश्मि, शीतांशु, शुभ्रभानु, श्वेत, श्वेतांशु, सितरश्मि, सुधांशु, सोम, स्थिरा, हरिणधृत्, हरिणाङ्क, हिमकर, हिमगु, हिमरश्मि, हिमांशु
E Bharati Sampat
Sanskrit
(स्त्री) चला भूमिः। ‘भूर्भूमिरचलानन्ता’ अमर:। ‘मरुच्चलो भूरचला स्वभावतः’ सि०शि०। ‘अचलाः पर्वताः सन्ति अत्र अचल+अच्’ आर्यभट्टः।
Edgerton Buddhist Hybrid
English
acalā,
(1) n. of the 8th Bodhisattva bhūmi: Mvy 〔893〕
Dharmas 〔64〕
Laṅk 〔15.5〕
〔221.19〕
Dbh 〔5.10〕 etc.
Bbh 〔353.3〕
(2) n. of a rākṣasī: SP 〔400.6〕
Māy 〔243.26〕
(3) n. of a female-lay-disciple: Gv 〔170.13〕
〔172.1 ff.〕
Acalopāsikāvimokṣa (so read for text vācanopās°), Śikṣ 〔36.4〕, refers to Gv 〔170—179〕, dealing with Acalāʼs instruction to Sudhana
Śikṣ 〔36.5—8〕, cited from Gv 〔171.21〕 26.
Wordnet
Sanskrit
Synonyms:
पृथिवी, भूः, भूमिः, अचला, अनन्ता, रसा, विश्वम्भरा, स्थिरा, धरा, धरित्री, धरणी, क्षौणी, ज्या, काश्यपी, क्षितिः, सर्वसहा, वसुमती, वसुधा, उर्वी, वसुन्धरा, गोत्रा, कुः, पृथ्वी, क्ष्मा, अवनिः, मेदिनी, मही, धरणी, क्षोणिः, क्षौणिः, क्षमा, अवनी, महिः, रत्नगर्भा, सागराम्बरा, अब्धिमेखला, भूतधात्री, रत्नावती, देहिनी, पारा, विपुला, मध्यमलोकवर्त्मा, धारणी, गन्धवती, महाकान्ता, खण्डनी, गिरिकर्णिका, धारयित्री, धात्री, अचलकीला, गौः, अब्धिद्वीपा, इडा, इडिका, इला, इलिका, इरा, आदिमा, ईला, वरा, आद्या, जगती, पृथुः, भुवनमाता, निश्चला, श्यामा
noun
मर्त्याद्यधिष्ठानभूता।
"पृथिवी पञ्चमम् भूतम्"
Synonyms:
पृथ्वी, धरती, धरा, भू, वसुन्धरा, धरणी, धरित्री, अवनी, उर्वी, रत्नगर्भा, वसुधा, क्षितिः, महिः, मही, अचलकीला, अचला, भूमण्डलः, पृथिवीमण्डलम्, विश्वम्भरा, प्रथी, विश्वधारिणी, मेदिनी, विश्वधेना
noun
सौरमालायां सूर्यं परितः भ्रममाणः सूर्यात् तृतीयः मर्त्याद्यधिष्ठानभूतः ग्रहगोलः।
"चन्द्रः पृथ्वेः उपग्रहः अस्ति।"
अभिधानचिन्तामणिः
Sanskrit
--source--
भूर्भूमिः पृथिवी पृथ्वी वसुधोर्वी वसुंधरा
धात्री धरित्री धरणी विश्वा विश्वंभरा धरा ९३५
क्षितिः क्षोणी क्षमानन्ता ज्या कुर्वसुमती मही
गौर्गोत्रा भूतधात्री क्ष्मा गन्धमाताचलावनिः ९३६
सर्वंसहा रत्नगर्भा जगती मेदिनी रसा
काश्यपी पर्वताधारा स्थिरेला रत्नबीजसूः ९३७
विपुला सागराच्चाग्रे स्युर्नेमीमेखलाम्बराः
-wordlist-
भू (स्त्री), भूमि (स्त्री), पृथिवी (स्त्री), पृथ्वी (स्त्री), वसुधा (स्त्री), उर्वी (स्त्री), वसुन्धरा (स्त्री), धात्री (स्त्री), धरित्री (स्त्री), धरणी (स्त्री), विश्वा (स्त्री), विश्वम्भरा (स्त्री), धरा (स्त्री), क्षिति (स्त्री), क्षोणी (स्त्री), क्षमा (स्त्री), अनन्ता (स्त्री), ज्या (स्त्री), कु (स्त्री), वसुमती (स्त्री), मही (स्त्री), गो (स्त्री), गोत्रा (स्त्री), भूतधात्री (स्त्री), क्ष्मा (स्त्री), गन्धमाता (स्त्री), अचला (स्त्री), अवनि (स्त्री), सर्वंसहा (स्त्री), रत्नगर्भा (स्त्री), जगती (स्त्री), मेदिनी (स्त्री), रसा (स्त्री), काश्यपी (स्त्री), पर्वताधारा (स्त्री), स्थिरा (स्त्री), इला (स्त्री), रत्नसू (स्त्री), बीजसू (स्त्री), विपुला (स्त्री), सागरनेमी (स्त्री), सागरमेखला (स्त्री), सागराम्बरा (स्त्री)
अभिधानरत्नमाला
Sanskrit
भू
भू, भूमि, वसुधा, अवनि, वसुमती, धात्री, धरित्री, धरा, गो, गोत्रा, जगती, रसा, क्षिति, इला, क्षोणी, क्षमा, क्ष्मा, अचला, कु, पृथ्वी, पृथिवी, स्थिरा, धरणी, विश्वम्भरा, मेदिनी, ज्या, अनन्ता, विपुला, समुद्रवसना, सर्वंसहा, ऊर्वी, मही, काश्यपी, भूतधात्री, रत्नगर्भा, वसुन्धरा, धराधारा
भूर्भूमिर्वसुधावनिर्वसुमती धात्री धरित्री धरा,
गौर्गोत्रा जगती रसा क्षितिरिला क्षोणी क्षमा क्ष्माचला
कुः पृथ्वी पृथिवी स्थिरा धरणी विश्वम्भरा मेदिनी,
ज्यानन्ता विपुला समुद्रवसना सर्वंसहोर्वी मही १५६
काश्यपी भूतधात्री रत्नगर्भा वसुन्धरा
धराधारा विज्ञेया तद्विशेषान्निबोधत १५७
verse 2.1.1.156
page 0020
Mahabharata
English
Acalā, a mātṛ: IX, 46, 2632 (Skanda).
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
अचला,
स्त्री,
(न चला नञ्समासः) पृथिवी इतिमेदिनी
यथा रामायणे, --“पृथिवीमपि कामं तं ससागरवनाचलां”