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अग्निसाक्षिकः (agnisAkSikaH)

 
E Bharati Sampat
Sanskrit
(पुं) अग्निः साक्षी यत्र अग्निसाक्षिन्+कप् ‘शेषाद्विभाषा’ ५.४.१५४। अग्निं सक्षीकृत्य कृतं कर्म। ‘चक्रेऽग्निसाक्षिकं सख्यम्’ रामा०।