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विभावसु (vibhAvasu)

 
शब्दसागरः
English
विभावसु
m.
(-सुः)
1. The sun.
2. Fire.
3. The moon.
4. A sort of neck-
lace or garland.
E.
विभा light, वसु being, substance.
Capeller Eng
English
विभा॑वसु
a.
resplendent.
m.
fire or the god of fire
the sun.
Yates
English
विभा-वसु (सुः) 2.
m.
The sun
fire
moon
garland.
Spoken Sanskrit
English
विभावसु vibhAvasu
adj.
abounding in light
विभावसु vibhAvasu
m.
sort of necklace or garland
विभावसु vibhAvasu
m.
moon
विभावसु vibhAvasu
m.
fire or the god of fire
विभावसु vibhAvasu
m.
sun
Wilson
English
विभावसु
m.
(-सुः)
1 The sun.
2 Fire.
3 The moon.
4 A sort of necklace or garland.
E.
विभा light, वसु being, substance.
Monier Williams Cologne
English
2. वि-भा॑—वसु (वि-भा॑-),
mfn.
abounding in light (applied to Agni, Soma, and Kṛṣṇa),
RV.
VS.
Hariv.
वि-भा॑—वसु
m.
fire or the god of fire,
MBh.
Kāv.
&c.
the sun,
APariś.
MBh.
BhP.
the moon,
L.
a sort of necklace or garland,
L.
N.
of one of the 8 Vasus,
BhP.
of a son of Naraka, ib.
of a Dānava, ib.
of a Ṛṣi,
MBh.
of a mythical prince dwelling on the mountain Gaja-pura,
Kathās.
of a Gandharva (who is said to have stolen the Soma from Gāyatrī as she was carrying it to the gods),
MW.
Apte Hindi
Hindi
विभावसुः
पुं*
विभा-वसुः -
सूर्य
विभावसुः
पुं*
विभा-वसुः -
अग्नि
विभावसुः
पुं*
विभा-वसुः -
चन्द्रमा
विभावसुः
पुं*
विभा-वसुः -
एक प्रकार का हार
L R Vaidya
English
viBA-vasu {% m. %} 1. the sun
2. the moon
3. fire, R.iii.37, K.S.iv.24
4. a kind of necklace.
Bopp
Latin
विभावसु m. (TATP. e विभा et वसु)
1) sol.
2) ignis.
Anekartha-Dvani-Manjari
Sanskrit
विभावसु
पु
विभावसु, वह्नि, सूर्य
उदयेऽधिगमे प्राप्तिर्वह्निसूर्यौ विभावसू २७
verse 3.1.1.27
page 0015
अभिधानचिन्तामणिः
Sanskrit
--source--
आदित्यः सवितार्यमा खरसहस्रोष्णांशुरंशू रवि-
र्मार्तण्डस्तरणिर्गभस्तिररुणो भानुर्नभोऽहर्मणिः
सूर्योऽर्कः किरणो भगो ग्रहपुषः पूषा पतङ्गः खगो
मार्ताण्डो यमुनाकृतान्तजनकः प्रद्योतनस्तापनः ९५
p{0008}
ब्रध्नो हंसश्चित्रभानुर्विवस्वान्सूरस्त्वष्टा द्वादशात्मा हेलिः
मित्रो ध्वान्तारातिरब्जांशुहस्तश्चक्राब्जाहर्बान्धवः सप्तसप्तिः ९६
दिवादिनाहर्दिवसप्रभाविभाभासः करः स्यान्मिहिरो विरोचनः
ग्रहाब्जिनीगोद्युपतिर्विकर्तनो हरिः शुचीनौ गगनाद्ध्वजाध्वगौ ९७
हरिदश्वो जगत्कर्मसाक्षी भास्वान्विभावसुः
त्रयीतनुर्जगच्चक्षुस्तपनोऽरुणसारथिः ९८
-wordlist-
आदित्य (पुं), सवितृ (पुं), अर्यमन् (पुं), खरांशु (पुं), सहस्रांशु (पुं), उष्णांशु (पुं), अंशु (पुं), रवि (पुं), मार्तण्ड (पुं), तरणि (पुं), गभस्ति (पुं), अरुण (पुं), भानु (पुं), नभोमणि (पुं), अहर्मणि (पुं), सूर्य (पुं), अर्क (पुं), किरण (पुं), भग (पुं), ग्रहपुष (पुं), पूषन् (पुं), पतङ्ग (पुं), खग (पुं), मार्ताण्ड (पुं), यमुनाजनक (पुं), कृतान्तजनक (पुं), प्रद्योतन (पुं), तापन (पुं), ब्रध्न (पुं), हंस (पुं), चित्रभानु (पुं), विवस्वत् (पुं), सूर (पुं), त्वष्टृ (पुं), द्वादशात्मन् (पुं), हेलि (पुं), मित्र (पुं), ध्वान्ताराति (पुं), अब्जहस्त (पुं), अंशुहस्त (पुं), चक्रबान्धव (पुं), अब्जबान्धव (पुं), अहर्बान्धव (पुं), सप्तसप्ति (पुं), दिवाकर (पुं), दिनकर (पुं), अहस्कर (पुं), दिवसकर (पुं), प्रभाकर (पुं), विभाकर (पुं), भास्कर (पुं), मिहिर (पुं), विरोचन (पुं), ग्रहपति (पुं), अब्जिनीपति (पुं), गोपति (पुं), द्युपति (पुं), विकर्तन (पुं), हरि (पुं), शुचि (पुं), इन (पुं), गगनध्वज (पुं), गगनाध्वग (पुं), हरिदश्व (पुं), जगत्साक्षिन् (पुं), कर्मसाक्षिन् (पुं), भास्वत् (पुं), विभावसु (पुं), त्रयीतनु (पुं), जगच्चक्षुस् (पुं), तपन (पुं), अरुणसारथि (पुं)
--source--
वह्निर्बृहद्भानुहिरण्यरेतसौ धनंजयो हव्यहविर्हुताशनः
कृपीटयोनिर्दमुना विरोचनाशुशुक्षणी छागरथस्तनूनपात् १०९७
कृशानुवैश्वानरवीतिहोत्रा वृषाकपिः पावकचित्रभानू
अप्पित्तधूमध्वजकृष्णवर्त्मार्चिष्मच्छमीगर्भतमोघ्नशुक्राः १०९८
शोचिष्केशः शुचिहुतवहोषर्बुधाः सप्तमन्त्र-
ज्वालाजिह्वो ज्वलनशिखिनौ जागृविर्जातवेदाः
बर्हिःशुष्मानिलसखवसू रोहिताश्वाश्रयाशौ
बर्हिर्ज्योतिर्दहनबहुलौ हव्यवाहोऽनलोऽग्निः १०९९
विभावसुः सप्तोदर्चिः स्वाहाग्नेयी प्रियास्य
-wordlist-
वह्नि (पुं), बृहद्भानु (पुं), हिरण्यरेतस् (पुं), धनञ्जय (पुं), हव्याशन (पुं), हविराशन (पुं), हुताशन (पुं), कृपीटयोनि (पुं), दमुनस् (पुं), विरोचन (पुं), आशुशुक्षणि (पुं), छागरथ (पुं), तनूनपाद् (पुं), कृशानु (पुं), वैश्वानर (पुं), वीतिहोत्र (पुं), वृषाकपि (पुं), पावक (पुं), चित्रभानु (पुं), अप्पित्त (क्ली), धूमध्वज (पुं), कृष्णवर्त्मन् (पुं), अर्चिष्मत् (पुं), शमीगर्भ (पुं), तमोघ्न (पुं), शुक्र (पुं), शोचिष्केश (पुं), शुचि (पुं), हुतवह (पुं), उषर्बुध (पुं), सप्तजिह्व (पुं), मन्त्रजिह्व (पुं), ज्वालाजिह्व (पुं), ज्वलन (पुं), शिखिन् (पुं), जागृवि (पुं), जातवेदस् (पुं), बर्हिःशुष्मन् (पुं), अनिलसख (पुं), वसु (पुं), रोहिताश्व (पुं), आश्रयाश (पुं), बर्हिर्ज्योति (पुं), दहन (पुं), बहुल (पुं), हव्यवाह (पुं), अनल (पुं), अग्नि (पुं), विभावसु (पुं), सप्तार्चिस् (पुं), उदर्चिस् (पुं), स्वाहा (स्त्री), आग्नेयी (स्त्री)
अभिधानरत्नमाला
Sanskrit
सप्तार्चिस्
सप्तार्चिस्, बहुल, शिखिन्, हुतवह, वैश्वानर, अग्नि, वसु, वह्नि, वायुसख, सितेतरगति, स्वाहाप्रिय, पावक, अर्चिष्मत्, ज्वलन, कृशानु, अनल, धूमध्वज, हव्यवाह्, बर्हिर्ज्योतिस्, उषर्बुध, दहन, चित्रभानु, शुचि, कृपीटयोनि, दमुनस्, कृष्णवर्त्मन्, आशुशुक्षणि, विभावसु, अपांपित्त, जातवेदस्, तनूनपाद्, वीतिहोत्र, बृहद्भानु, आश्रयाश, धनञ्जय, हिरण्यरेतस्, तमोघ्न, रोहिताश्व, हुताशन
सप्तार्चिर्बहुलः शिखी हुतवहो वैश्वानरोऽग्निर्वसु-
र्वह्निर्वायुसखः सितेतरगतिः स्वाहाप्रियः पावकः
अर्चिष्मान् ज्वलनः कृशानुरनलो धूमध्वजो हव्यवाट्,
बर्हिर्ज्योतिरुषर्बुधश्च दहनः स्याच्चित्रभानुः शुचिः ६२
कृपीटयोनिर्दमुनाः कृष्णवर्त्माशुशुक्षणिः
विभावसुरपांपित्तं जातवेदास्तनूनपात् ६३
वीतिहोत्रो बृहद्भानुराश्रयाशो धनञ्जयः
हिरण्यरेतास्तमोघ्नो रोहिताश्वो हुताशनः ६४
verse 1.1.1.62
page 0009
नाममाला
Sanskrit
दीधिति, भानु, उस्र, अंशु, गभस्ति, किरण, कर, पाद, रुचि, मरीचि, भास्, तेजस्, अर्चिस्, गो, द्युति, प्रभा, दीप्ति, ज्योतिस्, महस्, धामन्, रश्मि, ऊर्ज, विभावसु
दीधितिर्भानुरुस्रोंऽशुर्गभस्तिः किरणः करः
पादो रुचिर्मरीचिर्भास्तेजोऽर्चिर्गौर्द्युतिः प्रभा ४५
दीप्तिर्ज्योतिर्महो धाम रश्मिरूर्जो विभावसुः
verse 0.1.1.45
page 0023
पवनसख, पवमानसख, वायुसख, वातसख, अनिलसख, मरुत्सख, समीरणसख, गन्धवाहसख, श्वसनसख, सदागतिसख, नभस्वत्सख, मातरिश्वसख, चरण्युसख, जवनसख, प्रभञ्जनसख, अग्नि, शिखिन्, वह्नि, पावक, आशुशुक्षणि, हिरण्यरेतस्, सप्तार्चिस्, जातवेदस्, तनूनपात्, स्वाहापति, हुताश, ज्वलन, दहन, अनल, वैश्वानर, कृशानु, रोहिताश्व, विभावसु, वृषाकपि, समीगर्भ, हव्यवाह, हुताशन
तत्सखाऽग्निः शिखी वह्निः पावकश्चाशुशुक्षणिः
हिरण्यरेता सप्तार्चिर्जातवेदास्तनूनपात् ६४
स्वाहापतिर्हुताशश्च ज्वलनो दहनोऽनलः
वैश्वानरः कृशानुश्च रोहिताश्वो विभावसुः ६५
वृषाकपिः समीगर्भो हव्यवाहो हुताशनः
verse 0.1.1.64
page 0034
Mahabharata
English
Vibhāvasu^1, a ṛshi, brother of Supratīka. § 41 (Supratīka): I, 29, 1354 (maharshiḥ), 1356, 1361, 1362 (Supratīka-Vºa) (cursed by Supratīka, V. became a tortoise, who was afterwards devoured by Garuḍa).
Vibhāvasu^2, a ṛshi. § 324 (Dvaitavanap.): III, 26, 987 (worshipped Yudhishṭhira).
*Vibhāvasu^3 = Agni (the Fire): I, 1243, †2106, 7351 (Svāhā ceva Vºau), 8149, 8160
II, 1138, 1147
III, †961 (tejasā Vºor iva), 2662 (prabhām iva Vºoḥ), 15932
VI, 1120
IX, 2489, 2717 (putraṃ Vºoḥ, sc. Skanda)
XII, 1644 (?), 4511 (Aº)
XIII, 114, 4033, 4040, 4079 (read with B. ºso), 4111, 4139, 6751 (Svāhā…Vºoḥ, sc. sādhvī).
*Vibhāvasu^4 = Sūrya (the Sun): I, 42 (cf. Āśāvaha), †1178, 6605
III, 151, 7055, 16924, 16943, 16951, 17000, 17093, 17100, 17141 (devo Bhānuḥ)
V, 3776
VI, 487
XII, 11736
XIII, (6055), 6117, 6134.
पुराणम्
English
विभावसु / VIBHĀVASU I. A hermit who got angry quickly. This hermit cursed his brother supratīka. (See under garuḍa, para 5).
विभावसु / VIBHĀVASU II. A hermit. This hermit respected yudhiṣṭhira much. (mahābhārata, Vana Parva, Chapter 26, Stanza 24).
विभावसु / VIBHĀVASU III. One of the sons born to prajāpati kaśyapa by his wife danu. vibhāvasu also was present at the battle between vṛtrāsura and indra. (bhāgavata, skandha 6).
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
विभावसुः,
पुं,
(विभा प्रभा एव वसु समृद्धिर्यस्य ।)सूर्य्यः (यथा, महाभारते ८६ ।“वर्द्धनः कुरुवंशस्य विभावसुसमद्युतिः
”)अर्कवृक्षः अग्निः (यथा, महाभारते ।३ ६८ ।“निबद्धां धूमजालेन प्रभामिव विभावसोः
”)चित्रकवृक्षः इत्यमरः
चन्द्रः
हारभेदः ।इति हेमचन्द्रः
(वसुपुत्त्रविशेषः यथा, भागवते १०, १६ ।“वसवोऽष्टौ वसोः पुत्त्रास्तेषां नामानि मे शृणु ।द्रोणः प्राणो ध्रुवोऽर्कोऽग्निर्द्दोषो वास्तुर्व्विभा-वसुः ।विभावसोरसूतोषा व्युष्टं रोचिषमातपम्
”मुरासुरपुत्त्रः यथा, तत्रैव १० ५९ १२ ।“ताम्रोऽन्तरिक्षः श्रवणो विभावसुःवसुर्नभस्वानरुणश्च सप्तमः
”दनुपुत्त्रोऽसुरविशेषः यथा, तत्रैव ३० ।“त्रिमूर्द्धा शम्बरोऽरिष्टो हयग्रीवो विभावसुः
”)
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
विभावसु विभायुक्ता वसवोऽस्य सूर्य्ये अर्कवृक्षे वह्नौचित्रकवृक्षे अमरः चन्द्रे हारभेदे हेमच०
Capeller
German
विभा॑वसु glanzreich
m.
Feuer o. Gott
des Feuers.
Grassman
German
vibhā́-vasu, a., strahlenreich, glanzreich.
-o agne {44, 10}
{966, 1}
{379, 7}
{702, 25}.
-us agnís {236, 2} (átithis)
{944, 4}
{663, 32}
{664, 24}.
-um agním {664, 6}
{379, 2}
{664, 10}
{918, 1} (átithim).
Burnouf
French
विभावसु विभावसु
m.
[le वसु de la lumière] le
Feu
le Soleil
la Lune.
Sorte de collier ou de guirlande.