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विजया (vijayA)

 
Apte
English
विजया [vijayā], 1
N.
of Durgā
विजित्य पद्मनामानं दैत्यराजं महा- बलम् विजया तेन सा देवी लोके चैवापराजिता Devīpurāṇa.
N.
of one of her female attendants
Mu.*
1.1.
N.
of a lore taught by Viśvāmitra to Rāma
विद्या- मथैनं विजयां जयां (अध्यापिपत्)
Bk.*
2.21.
Hemp.
N.
of a festival
=
विजयोत्सवा, see below.
Yellow myrobalan.
Comp.
-उत्सवः a festival in honour of Durgā held on the 1th day of the bright half of Āśvina. -दशमी the tenth day of the bright half of Āśvina, observed as a great holiday and commonly known as Dasarā. -सप्तमी the seventh day of the bright half of a month falling on a Sunday.
Apte 1890
English
विजया 1 N. of Durgā.
2 N. of one of her female attendants
Mu. 1. 1.
3 N. of a lore taught by Viśvāmitra to Rāma
Bk. 2. 21.
4 Hemp.
5 N. of a festival = विजयोत्सव, see below.
6 Yellow myrobalan.
Comp.
उत्सवः a festival in honour of Durgā held on the 10th day of the bright half of Āśvina.
दशमी the tenth day of the bright half of Āśvina, observed as a great holiday and commonly known as Daśarā.
सप्तमी the seventh day of the bright half of a month falling on a Sunday.
Monier Williams Cologne
English
वि-जया (आ),
f.
N.
of various plants (accord to,
L.
Terminalia Chebula
Sesbania Aegyptiaca
Vitex Negundo
Rubia Munjista
Premna Spinosa
a kind of hemp
a kind of शमी
=
वचा),
VarBṛS.
Suśr.
&c.
of a partic. Tithi or lunar day (the 12th day in the light half of Śrāvaṇa i.e. Kṛṣṇa's birthday, the 10th in that of Āśvina, being a festival in honour of Durgā, and the 7th in that of Bhādrapada, if it falls on a Sunday
also the 7th night in the Karma-māsa),
VarBṛS.
BhP.
&c.
of a partic. magical formula,
Bhaṭṭ.
N.
of Durgā,
MBh.
Hariv.
of a female friend of Durgā,
Mudr.
of the wife of Yama,
L.
of another goddess,
Cat.
of a Yoginī,
Hcat.
of a Surāṅganā, Siṃhās.
of the mother of the 2nd Arhat of the present Avasarpiṇī,
L.
of a daughter of Dakṣa,
R.
of the mother of various Su-hotras,
MBh.
of Kṛṣṇa's garland,
MBh.
of a Kumārī (i.e. small flag-staff) on Indra's banner,
VarBṛS.
of a partic. spear,
R.
Macdonell
English
विजया vi-jayā,
f.
N. of Durgā
N. of an 🞄attendant of Durgā
-jay-in,
a.
victorious
🞄m. conqueror
-jaya‿īśa,
m.
N. of a temple
🞄-īśvara,
m.
id..
Apte Hindi
Hindi
विजया
स्त्री*
- विजय + टाप्
दुर्गा का नाम
विजया
स्त्री*
- -
उसकी सेविकाओं में से एक
विजया
स्त्री*
- -
एक विशेष विद्या जो विश्वामित्र ने राम को सिखाई थी
विजया
स्त्री*
- -
भांग
विजया
स्त्री*
- -
एक उत्सव का नाम
विजया
स्त्री*
- -
हरितकी
L R Vaidya
English
vijayA {% f. %} 1. An epithet of Durgā
2. hemp
3. a festival held in honour of Durgā on the tenth day of the light half of Āśvina.
Aufrecht Catalogus Catalogorum
English
विजया Devīmāhātmyaṭīkā by Bhagīratha.
Edgerton Buddhist Hybrid
English
Vijayā, n. of one of the 4 Kumārī, q.v., or Bhaginī: Mmk 〔528.2〕
〔537.8〕 etc. [In LV 〔272.10〕 (prose) Lefm. reads pratasthe (sc. the Bodhisattva, to the Bodhi-tree) vijayayā tayā ca gatyā. But the best mss. read vijayāya, for victory (over Māra, Tib.), with v.l. vijayāye, also a possible dat. form of an a-stem. There seems no reason to assume a fem. stem vijayā.]
Indian Epigraphical Glossary
English
vijayā (IA 26), same as su-di 11 or the eleventh tithi.
Abhyankara Grammar
English
विजया name of a commentary on the Laghusabdendusekhara by Siva- narayana.
Schmidt Nachtrage zum Sanskrit Worterbuch
German
विजया *Terminalia chebula, S II, 194, 4.
Wordnet
Sanskrit
Synonyms:
विजया
noun
मात्रिकः छन्दोविशेषः।
"विजयायां दश मात्राः सन्ति।"
Synonyms:
विजया
noun
वर्णवृत्तविशेषः।
"विजयायाम् अष्ट वर्णाः भवन्ति।"
Synonyms:
विजया
noun
यमस्य पत्नी।
"विजयायाः वर्णनं पुराणेषु प्राप्यते।"
Synonyms:
विजया
noun
पार्वत्याः सखी।
"विजयायाः वर्णनं पुराणेषु प्राप्यते।"
Synonyms:
अरणी, श्रीपर्णम्, अग्निमन्थः, कणिका, गणिकारिका, जया, अरणिः, तेजोमन्थः, हविर्मन्थः, ज्योतिष्कः, पावकः, वह्निमन्थः, मथनः, अग्निमथनः, तर्कारी, वैजयन्तिका, अरणीकेतुः, श्रीपर्णी, कर्णिका, नादेयी, विजया, अनन्ता, नदीजा
noun
हिमालयेषु वर्तमानः वृक्षविशेषः यस्य खाद्यं फलं भवति एवं तस्य बीजमपि उपयोगाय वर्तते।
"अरणी तु औषधवृक्षः भवति।"
Synonyms:
जया, जयन्ती, तर्कारी, नादेयी, वैजयन्तिका, बली, मोटा, हरिता, विजया, सूक्ष्ममूला, विक्रान्ता, अपराजिता
noun
एका ओषधी यस्याः पुष्पाणि सुन्दराणि भवन्ति।
"माली उपवनेषु वैजयन्तिकां स्थापयन्ति।"
Synonyms:
मञ्जिष्ठा, विकसा, जिङ्गी, समङ्गा, कालमेषिका, मण्डूकपर्णी, भण्डीरी, भण्डी, योजनवल्ली, कालमेषी, काली, जिङ्गिः, भण्डिरी, भण्डिः, हरिणी, रक्ता, गौरी, योजनावल्लिका, वप्रा, रोहिणी, चित्रलता, चित्रा, चित्राङ्गी, जननी, विजया, मञ्जूषा, रक्तयष्टिका, क्षत्रिणी, रागाढ्या, कालभाण्डिका, अरुणा, ज्वरहन्त्री, छत्रा, नागकुमारिका, भण्डीरलतिका, रागाङ्गी, वस्त्रभूषणा
noun
लताप्रकारः यस्याः पुष्पाणि पीतानि तथा लघूनि सन्ति।
"मञ्जिष्ठायाः दण्डात् तथा सूलात् रक्तः वर्णः प्राप्यते।"
Synonyms:
शिवा, हरितकी, अभया, अव्यथा, पथ्या, वयःस्था, पूतना, अमृता, हैमवती, चेतकी, श्रेयसी, सुधा, कायस्था, कन्या, रसायनफला, विजया, जया, चेतनकी, रोहिणी, प्रपथ्या, जीवप्रिया, जीवनिका, भिष्गवरा, भिषक्प्रिया, जीवन्ति, प्राणदा, जीव्या, देवी, दिव्या
noun
हरितकीवृक्षस्य फलं यद् हरितपीतवर्णीयम् अस्ति।
"शुष्ककासे शिवा अतीव उपयुक्ता अस्ति।"
Synonyms:
विजया, त्रैलोक्यविजया, भङ्गा, इन्द्राशनः, इन्द्रासनम्, जया, गञ्जा, वीरपत्रा, चपला, अजया, आनन्दा, हर्षिणी, मादिनी, संविदा
noun
वृक्षविशेषः, मादकद्रव्ययुक्तः वृक्षः आयुर्वेदे अस्य वातकफापहत्वादयः गुणाः प्रोक्ताः।
"अधुना शासनेन विजयायाः कृषिः प्रतिबन्धिता अस्ति।"
Synonyms:
विजया, त्रैलोक्यविजया, भङ्गा, इन्द्राशनः, इन्द्रासनम्, जया, गञ्जा, वीरपत्रा, चपला, अजया, आनन्दा, हर्षिणी, मादिनी, संविदा
noun
वृक्षविशेषः, मादकद्रव्ययुक्तः वृक्षः आयुर्वेदे अस्य वातकफापहत्वम् आदि गुणाः प्रोक्ताः।
"त्रैलोक्ये विजयप्रदेति विजया श्रीदेवराजप्रिया।"
Synonyms:
विजया
noun
विशिष्टः शूलः
"विजयायाः उल्लेखः रामायणे अस्ति"
Synonyms:
विजया
noun
कृष्णस्य माला
"विजयायाः उल्लेखः महाभारते अस्ति"
Synonyms:
विजया
noun
सुहोत्राणां माता
"विजयायाः उल्लेखः महाभारते अस्ति"
Synonyms:
विजया
noun
दक्षस्य कन्या
"विजयायाः उल्लेखः रामायणे अस्ति"
Synonyms:
विजया
noun
एका सुराङ्गना
"विजयायाः उल्लेखः विक्रमादित्यस्य चरित्रे अस्ति"
Synonyms:
विजया
noun
एका योगिनी
"विजयायाः उल्लेखः हेमाद्रेः चतुर्वगचिन्तामणिः इत्यस्मिन् ग्रन्थे अस्ति"
अभिधानचिन्तामणिः
Sanskrit
--source--
मरुदेवा विजया सेना सिद्धार्था मङ्गला
ततः सुसीमा पृथ्वी लक्ष्मणा रामा ततः परम् ३९
नन्दा विष्णुर्जया श्यामा सुयशाः सुव्रताचिरा
श्रीर्देवी प्रभावती पद्मा वप्रा शिवा तथा ४०
वामा त्रिशला क्रमतः पितरो मातरोऽर्हताम्
-wordlist-
अर्हन्मातृ (स्त्री), मरुदेवा (स्त्री), विजया (स्त्री), सेना (स्त्री), सिद्धार्था (स्त्री), मङ्गला (स्त्री), सुसीमा (स्त्री), पृथ्वी (स्त्री), लक्ष्मणा (स्त्री), रामा (स्त्री), नन्दा (स्त्री), विष्णु (स्त्री), जया (स्त्री), श्यामा (स्त्री), सुयशा (स्त्री), सुव्रता (स्त्री), अचिरा (स्त्री), श्री (स्त्री), देवी (स्त्री), प्रभावती (स्त्री), पद्मा (स्त्री), वप्रा (स्त्री), शिवा (स्त्री), वामा (स्त्री), त्रिशला (स्त्री)
--source--
तस्याः सिंहो मनस्तालः सख्यौ तु विजया जया २०५
-wordlist-
अम्बिकासिंह (पुं), मनस्ताल (पुं), अम्बिकासखी (स्त्री), विजया (स्त्री), जया (स्त्री)
अभिधानचिन्तामणिपरिशिष्टम्
Sanskrit
--source--
गौतमी कौशिकी कृष्णा तामसी बाभ्रवी जया ४७
कालरात्रिर्महामाया भ्रामरी यादवी वरा
बर्हिध्वजा शूलधरा परमब्रह्मचारिणी ४८
अमोघा विन्ध्यनिलया षष्ठी कान्तारवासिनी
जाङ्गुली बदरीवासा वरदा कृष्णपिङ्गला ४९
p{0003}
दृषद्वतीन्द्रभगिनी प्रगल्भा रेवती तथा
महाविद्या सिनीवाली रक्तदन्त्येकपाटला ५०
एकपर्णा बहुभुजा नन्दपुत्री महाजया
भद्रकाली महाकाली योगिनी गणनायिका ५१
हासा भीमा प्रकूष्माण्डी गदिनी वारुणी हिमा
अनन्ता विजया क्षेमा मानस्तोका कुहावती ५२
चारणा पितृगणा स्कन्दमाता घनाञ्जनी
गान्धर्वी कर्वरी गार्गी सावित्री ब्रह्मचारिणी ५३
कोटिश्रीर्सन्दरावासा केशी मलयवासिनी
कालायनी विशालाक्षी किराती गोकुलोद्भवा ५४
एकानसी नारायणी शैला शाकंभरीश्वरी
प्रकीर्णकेशी कुण्डा नीलवस्त्रोग्रचारिणी ५५
अष्टादशभुजा पौत्री शिवदूती यमस्वसा
सुनन्दा विकचा लम्बा जयन्ती नकुलाकुला ५६
विलङ्का नन्दिनी नन्दा नन्दयन्ती निरञ्जना
कालंजरी शतमुखी विकराली करालिका ५७
विरजाः पुरला जीरी बहुपुत्री कुलेश्वरी
कैटभी कालदमनी दर्दुरा कुलदेवता ५८
रौद्री कुन्द्रा महारौद्री कालंगमा महानिशा
बलदेवस्वसा पुत्री हीरी क्षेमंकरी प्रभा ५९
मारी हैमवती चापि गोला शिखरवासिनी
-wordlist-
गौतमी (स्त्री), कौशिकी (स्त्री), कृष्णा (स्त्री), तामसी (स्त्री), बाभ्रवी (स्त्री), जया (स्त्री), कालरात्रि (स्त्री), महामाया (स्त्री), भ्रामरी (स्त्री), यादवी (स्त्री), वरा (स्त्री), बर्हिध्वजा (स्त्री), शूलधरा (स्त्री), परमब्रह्मचारिणी (स्त्री), अमोघा (स्त्री), विन्ध्यनिलया (स्त्री), षष्ठी (स्त्री), कान्तारवासिनी (स्त्री), जाङ्गुली (स्त्री), बदरीवासा (स्त्री), वरदा (स्त्री), कृष्णपिङ्गला (स्त्री), दृषद्वती (स्त्री), इन्द्रभगिनी (स्त्री), प्रगल्भा (स्त्री), रेवती (स्त्री), महाविद्या (स्त्री), सिनीवाली (स्त्री), रक्तदन्ती (स्त्री), एकपाटला (स्त्री), एकपर्णा (स्त्री), बजुभुजा (स्त्री), नन्दपुत्री (स्त्री), महाजया (स्त्री), भद्रकाली (स्त्री), महाकाली (स्त्री), योगिनी (स्त्री), गणनायिका (स्त्री), हासा (स्त्री), भीमा (स्त्री), प्रकूष्माण्डी (स्त्री), गदिनी (स्त्री), वारुणी (स्त्री), हिमा (स्त्री), अनन्ता (स्त्री), विजया (स्त्री), क्षेमा (स्त्री), मानस्तोका (स्त्री), कुहावती (स्त्री), चारणा (स्त्री), पितृगणा (स्त्री), स्कन्दमाता (स्त्री), घनाञ्जनी (स्त्री), गान्धर्वी (स्त्री), कर्बुरा (स्त्री), गार्गी (स्त्री), सावित्री (स्त्री), ब्रह्मचारिणी (स्त्री), कोटिश्री (स्त्री), मन्दरावासा (स्त्री), केशी (स्त्री), मलयवासिनी (स्त्री), कालायनी (स्त्री), विशालाक्षी (स्त्री), किराती (स्त्री), गोकुलोद्भवा (स्त्री), एकानसी (स्त्री), नारायणी (स्त्री), शैला (स्त्री), शाकम्भरी (स्त्री), ईश्वरी (स्त्री), प्रकीर्णकेशी (स्त्री), कुण्डा (स्त्री), नीलवस्त्रा (स्त्री), उग्रचारिणी (स्त्री), अष्टादशभुजा (स्त्री), पौत्री (स्त्री), शिवदूती (स्त्री), यमस्वसा (स्त्री), सुनन्दा (स्त्री), विकचा (स्त्री), लम्बा (स्त्री), जयन्ती (स्त्री), नकुला (स्त्री), कुला (स्त्री), विलङ्का (स्त्री), नन्दिनी (स्त्री), नन्दा (स्त्री), नन्दयन्ती (स्त्री), निरञ्जना (स्त्री), कालञ्जरी (स्त्री), शतमुखी (स्त्री), विकराला (स्त्री), करालिका (स्त्री), विरजस् (स्त्री), पुरला (स्त्री), जारी (स्त्री), बहुपुत्री (स्त्री), कुलेश्वरी (स्त्री), कैटभी (स्त्री), कालदमनी (स्त्री), दर्दुरा (स्त्री), कुलदेवता (स्त्री), रौद्री (स्त्री), कुन्द्रा (स्त्री), महारौद्री (स्त्री), कालङ्गमा (स्त्री), महानिशा (स्त्री), बलदेवस्वसृ (स्त्री), पुत्री (स्त्री), हीरी (स्त्री), क्षेमङ्करी (स्त्री), प्रभा (स्त्री), मारी (स्त्री), हैमवती (स्त्री), गोला (स्त्री), शिखरवासिनी (स्त्री)
Mahabharata
English
Vijayā^1, a Daśārha princess. § 156 (Pūruvaṃś.): I, 95, ††3786 (Dāśārhīṃ, wife of Bhumanyu and mother of Suhotra^1).
Vijayā^2, a Madra princess. § 159 (Pūruvaṃś.): I, 95, ††3832 (Mādrīṃ, daughter of Dyutimat, wife of Sahadeva Pāṇḍava, and mother of Suhotra^2).
Vijayā^3 = Durgā (Umā): II, 415 (in the palace of Kubera, only C., B. has Vijayaḥ)
IV, 194
VI, 798.
Vijayā^4, the garland of Kṛshṇa. § 608 (Karṇap.): VIII, 76, †3855 (srajaṃ).
पुराणम्
English
विजया / VIJAYĀ I. The daughter of King Dāśārha. The emperor Bhumanyu married her. A son named suhotra was born to the couple. (M.B. Ādi Parva, Chapter 95, Stanza 33)
विजया / VIJAYĀ II. Daughter of dyutimān, the King of Madradeśa. This vijayā was the wife of sahadeva the son of pāṇḍu. It is mentioned in mahābhārata, Ādi Parva, Chapter 95, Stanza 80, that a son named suhotra was born to sahadeva by vijayā.
विजया / VIJAYĀ III. A synonym of devī durgā. (M.B. virāṭa Parva, Chapter 6, Stanza 16).
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
विजया,
स्त्री,
तिथिविशेषः सा विजयादशमीतिख्याता तत्कृत्यं दुर्गाशब्दे द्रष्टव्यम् उमा-सखी इति मेदिनी ये, ४०
सा तु गोतम-कन्या नथा, --“तमागतां सती दृष्ट्वा जयामेकामुवाच ।किमर्थं विजया नागाज्जयन्ती चापराजिता
सा देव्या वचनं श्रुत्वा उवाच परमेश्वरीम्
गता निमन्त्रिताः सर्व्वा मखे मातामहस्य ताः ।समं पित्रा गौतमेन मात्रा चाप्यनुराधया
”इति वामनपुराणे अध्यायः
कालिकापुराणे १७ अध्यायेऽप्येवम्
*
विश्वा-मित्रोपासितविद्याविशेषः यथा, --“विद्यामथैनं विजयां जयाञ्चरक्षोगणं क्षिप्नुमविक्षतात्मा ।अध्यापिपत् गाधिसुतो यथाव-न्निघातयिष्यन् युधि यातुधानान्
”इति भट्टिः २१
*
दुर्गा इति हेमचन्द्रः
तथा ।“विजित्य पद्मनामानं दैत्यराजं महाबलम् ।विजया तेन सा देवी लोके चैवापराजिता
”इति देवीपुराणे ४५ अध्यायः
*
यमभार्य्या हरीतकी इति जटाधरः
वचा इति रत्नमाला
जयन्ती शेफा-लिका मञ्जिष्ठा शमीभेदः अग्निमन्थः ।इति राजनिर्घण्टः
मादकद्रव्यविशेषः भाङ्इति सिद्धि इति भाषा तत्पर्य्यायः ।त्रैलोक्यविजया भङ्गा इन्द्रासनम् जया५ इति शब्दचन्द्रिका
वीरपत्रा गञ्जा ७चपला अजया आनन्दा १० हर्षिणी ११ ।अस्या गुणाः कटुत्वम् कषायत्वम् उष्ण-त्वम् तिक्तत्वम् वातकफापहत्वम् संग्रा-हित्वम् वाक्प्रदत्वम् बल्यत्वम् मेधा-कारित्वम् श्रेष्ठदीपनत्वञ्च इति राज-निर्घण्टः
अपि ।“भङ्गा गञ्जा मातुलानी मादिनी विजयाजया ।भङ्गा कफहरी तिक्ता ग्राहिणी पाचनी लघुः ।तीक्ष्णोष्णा पित्तला मोहमदवाग्वह्निवर्द्धिनी
”इति भावप्रकाशः
अन्यच्च ।“शक्राशनं तु तीक्ष्णोष्णं मोहकृत् कुष्ठनाश-नम् ।बलमेधाग्निकृत् श्लेष्मदोषहारि रसायनम्
जाता मन्दरमन्थनाज्जलनिधौ पीयूषरूपा पुरात्रैलोक्ये विजयप्रदेति विजया श्रीदेवराजप्रिया ।लोकानां हितकाम्यया क्षितितले प्राप्ता नरैःकामदासर्व्वातङ्कविनाशहर्षजननी यैः सेवितासर्व्वदा
”इति राजवल्लभः
*
अष्टमहाद्वादश्यन्तर्गतद्वादशीविशेषः यथा, अथ विजयाव्रतम् ब्रह्मपुराणे ।“यदा तु शुक्लद्वादश्यां नक्षत्रं श्रवणं भवेत् ।तदा सा तु महापुण्या द्बादशी विजया स्मृता
तस्यां स्नातः सर्व्वर्तीर्थे स्नातो भवति मानवः ।संपूज्य वर्षपूजायाः सकलं फलमश्नुते
एकजप्यात् सहस्रस्य जप्तस्याप्नोति सत् फलम् ।दानं सहस्रगुणितं तथा वै विप्रभोजनम्
होमस्तत्रोपवासश्च सहस्रगुणितो भवेत्
*
अथ व्रतविधिः ।“आदौ गुरुं नमस्कृत्य ततः सङ्कल्पमाचरेत् ।शरशार्ङ्गधरं देवं सौवर्णं रचयेत्त्वराम्
”सङ्कल्पमन्त्रः ।“द्वादश्याहं निराहारः स्थित्वाहमपरेऽहनि ।भोक्ष्ये त्रिविक्रमानन्त शरणं मे भवाच्युत
सोपवीतन्तु कलसं पूर्व्ववत् स्थापयेद्व्रती ।पात्रं तदुपरि न्यस्येत्ताम्रं वैणवमेव वा
तत्रोपवेश्य स्नाप्य देवं विशदचन्दनैः ।आलिप्य शुभ्रं वसनं दद्याच्छत्रञ्च पादुके
वासुदेवायेति शिरः श्रीधरायेति वै मुखम् ।कृष्णायेति कण्ठं वै वक्षः श्रीपतये इति
शस्त्रास्त्रधारिणे बाहू कक्षे व्यापकाय वै ।कवीशायोदरं मेढ्रं त्रैलोक्यजननाय
जघनं चार्च्चयेद्विद्वान् सर्व्वाधिपतये इति ।सर्व्वात्मने इति पदावेवमङ्गानि पूजयेत्
शङ्खचक्रगदापद्मशार्ङ्गशरविभूषितम् ।गृहाणार्ध्यं मया दत्तं शार्ङ्गपाणे ! नमोऽस्तु ते
इत्यर्घ्यं पूर्व्ववत् कृत्वा धूपदीपौ समर्प्य ।घृतपक्वप्रधानानि नैवेद्यानि निवेदयेत्
ताम्बूलादीनि दत्त्वाथ कृत्वा जागरणं निशि ।प्रातःस्नात्वार्च्चयित्वेशं पुष्पाञ्जलिमथार्च्चयेत्
नमस्ते अस्तु गोविन्द बुध श्रवणसंज्ञक ।अघोरं चाक्षयं कृत्वा सर्व्वसौख्यप्रदो भव
इति प्रार्थ्य ततः सर्व्वं दत्त्वा चार्घ्यं प्रतोष्यहि ।शक्त्या विप्रान् भोजयित्वा सुखं पारणमाचरेत्
भाद्रे मासि बुधस्याह्नि यदि स्याद्विजयाव्रतम् ।तदा सर्व्वव्रतेभ्योऽस्य माहात्म्यमतिरिच्यते
”इति श्रीहरिभक्तिविलासे १३ विलासः
(सहदेवपत्नी यथा, महाभारते ९५ ८० ।“सहदेवोऽपि माद्रीमेव स्वयंवरे विजयां नामो-पयेमे मद्रराजस्य द्युतिमतो दुहितरं तस्यांपुत्त्रमजनयत् सुहोत्रं नाम
*
पुरुवंशीयभूमन्योः पत्नी यथा, तत्रैव ।९५ ३३ ।“भूमन्युः खलु दाशार्हीमुपयेमे विजयां नामतस्यामस्य जज्ञे सुहोत्रः
”)
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
विजया स्त्री आश्विनशुक्लपक्षीयदशम्याम् उमायाः सखीभेदेवामनपु० अ० “कथयतु विजया” इति मुद्राराक्षसम् ।३ दुर्गायां हेमच० “विजित्य पद्मनामानं दैत्यराजंमहाबलम् विजया तेन सा देवी लोके चैवापराजिता”देवीपु० ४५ अ० जयन्त्यां शेफालिकायां मञ्जिष्ठायां७ शमीभदे, अग्निमन्थे राजनि० भङ्गायाम् (सिद्धि)हेमच० तत्पर्य्यायगुणादि भावप्र० उक्तं यथा“भङ्गा गञ्जा मातुलानी मादिनी विजया जया भङ्गाकफहरो तिक्ता ग्राहिणी पाचनी लघुः तीक्ष्णोष्णापित्तला मोहमदवाग्वह्निवर्द्धिनी” भावप्र० ।अष्टद्वादशीमध्ये “यदा तु शुक्लद्वादश्यां नक्षत्रं श्रवणंभवेत् तदा सा तु महापुण्या द्वादशी विजया स्मृता”इत्युक्ते १० द्वादशीभेदे “शुक्लपक्षस्य सप्तम्यां सूर्य्यवारोयदा भवेत् सप्तमी विजया नाम” इत्युक्ते सप्तमीभेदेच ११ यमभार्य्यायां १२ हरितक्यां जटा० १३ वचायांरत्नमा० १४ अस्त्रविद्याभेदे “विद्याभथैनं विजयांजयाञ्च” भट्टिः
विजया स्त्री शच्यादिषु मातृषु मातृभेदे