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प्रस्राव (prasrAva)

 
शब्दसागरः
English
प्रस्राव
m.
(-वः)
1. Flowing, dropping.
2. Urine.
E.
प्र forth, स्रु to ooze,
aff.
घञ्
Yates
English
प्र-स्राव (वः) 1.
m.
Urine
flowing.
Wilson
English
प्रस्राव
m.
(-वः)
1 Flowing, dropping.
2 Urine.
E.
प्र forth, स्रु to ooze,
aff.
घञ्.
Apte
English
प्रस्रावः [prasrāvḥ], 1 Flowing, oozing.
Urine.
The overflowing scum of boiling rice.
Comp.
-करणम् the urethra.
Apte 1890
English
प्रस्रावः 1 Flowing, oozing.
2 Urine.
3 = प्रस्रव (5) q. v.
Monier Williams Cologne
English
प्र-°स्राव
m.
flowing, dropping,
W.
urine,
Car.
(w.r. °श्राव)
the overflowing scum of boiling rice,
L.
Monier Williams 1872
English
प्र-स्राव, अस्, m. flowing, dropping
urine
the overflowing scum of boiling rice.
Benfey
English
प्रस्राव प्रस्राव, i. e. प्र-स्रु + अ,
m.
1. Flowing, dropping.
2. Urine.
Apte Hindi
Hindi
प्रस्रावः
पुं*
- प्र + स्रु + घञ्
"बहाव, उमड़न"
प्रस्रावः
पुं*
- प्र + स्रु + घञ्
मूत्र
Shabdartha Kaustubha
Kannada
प्रस्राव
पदविभागः - > पुल्लिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಚೆನ್ನಾಗಿ ಸೋರುವುದು /ಹೆಚ್ಚು ಸೋರುವುದು
निष्पत्तिः - > प्र + स्रु (गतौ) - "घञ्" (३-३-२७)
प्रस्राव
पदविभागः - > पुल्लिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಮೂತ್ರ
L R Vaidya
English
prasrAva {% m. %} 1. Flowing, oozing
2. urine.
Sanskrit Tibetan
Tibetan
gci
१) प्रस्राव २) मूत्र
gci ba
प्रस्राव
gcin
१) प्रस्राव २) मूत्र
gcin pa
प्रस्राव / मूत्र
lci
१) गुरु २) प्रस्राव ३) भार
अभिधानचिन्तामणिः
Sanskrit
--source--
मूत्रं बस्तिमलं मेहः प्रस्रावो नृजलं स्रवः ६३३
-wordlist-
मूत्र (क्ली), बस्तिमल (क्ली), मेह (पुं), प्रस्राव (पुं), नृजल (क्ली), स्रव (पुं)
अभिधानचिन्तामणिपरिशिष्टम्
Sanskrit
--source--
चोरे तु चोरडो रात्रिंचरो याच्ञा तु भिक्षणा ९३
अभिषस्तिर्मार्गणा बुभुक्षायां क्षुधाक्षुधौ
भक्तमण्डे तु प्रस्रावप्रस्रवाच्छोदनास्रवाः ९४
-wordlist-
चोरड (पुं), रात्रिञ्चर (पुं), भिक्षणा (स्त्री), अभिषस्ति (स्त्री), मार्गणा (स्त्री), क्षुधा (स्त्री), क्षुध् (स्त्री), प्रस्राव (पुं), प्रस्रव (पुं), आच्छोदन (पुं), आस्रव (पुं)
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
प्रस्रावः,
पुं,
(प्रस्रूयते इति प्र + स्रु + “प्रेद्रुस्तु-स्रुवः ।” २७ इति घञ् ।) मूत्रम् ।इत्यमरः ६७
गोप्रस्रावमाहात्म्यंयथा, वराहपुराणे ।“प्रस्रावेण तु यः स्नायात् रोहिण्यां मानवोद्विज ! ।सर्व्वपापकृतान्दोषान् दहत्याशु संशयः
”(गुणादयोऽस्य मूत्रशब्दे ज्ञातव्याः
)
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
प्रस्राव
पु०
प्र + स्रु--भावे घञ् प्रकर्षेण क्षरणे कृदभिहित-भावस्यद्रव्यपरत्वेन मूत्रे अमरः