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पद्मभू (padmabhU)

 
शब्दसागरः
English
पद्मभू
m.
(-भूः) BRAMHĀ.
E.
पद्म a lotus, and भू born, क्विप्
aff.
Capeller Eng
English
पद्मभू
m.
= पद्मज.
Yates
English
पद्म-भू (भूः) 3.
m.
Brahmā.
Wilson
English
पद्मभू
m.
(-भूः) BRAHMĀ.
E.
पद्म a lotus, and भू born.
Monier Williams Cologne
English
पद्म—भू
m.
=
-ज,
Dhūrtan.
Apte Hindi
Hindi
पद्मभूः
पुं*
पद्मम्-भूः -
कमल से उत्पन्न ब्रह्मा के विशेषण
Shabdartha Kaustubha
Kannada
पद्मभू
पदविभागः - > पुल्लिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಬ್ರಹ್ಮ/ಚತುರ್ಮುಖ
पद्मभू
पदविभागः - > पुल्लिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಬ್ರಹ್ಮ/ಚತುರ್ಮುಖ
निष्पत्तिः - > भू(सत्तायाम्) "क्विप्" (३-२-१७९)
व्युत्पत्तिः - > पद्मात् विष्णुनाभिकमलात् भवति
L R Vaidya
English
padma-BU {% m. %} an epithet of Brahman (m.).
Schmidt Nachtrage zum Sanskrit Worterbuch
German
पद्मभू auch Śrīk. 1, 22.
अभिधानचिन्तामणिः
Sanskrit
--source--
द्रुहिणो विरिञ्चिर्द्रुघणो विरिञ्चः परमेष्ठ्यजोऽष्टश्रवणः स्वयंभूः
कमनः कविः सात्त्विकवेदगर्भौ स्थविरः शतानन्दपितामहौ कः २११
धाता विधाता विधिवेधसौ ध्रुवः पुराणगो हंसगविश्वरेतसौ
प्रजापतिर्ब्रह्मचतुर्मुखौ भवान्तकृज्जगत्कर्तृसरोरुहासनौ २१२
शंभुः शतधृतिः स्रष्टा सुरज्येष्ठो विरिञ्चनः
हिरण्यगर्भो लोकेशो नाभिपद्मात्मभूरपि २१३
-wordlist-
द्रुहिण (पुं), विरिञ्चि (पुं), द्रुघण (पुं), विरिञ्च (पुं), परमेष्ठिन् (पुं), अज (पुं), अष्टश्रवण (पुं), स्वयम्भू (पुं), कमन (पुं), कवि (पुं), सात्त्विक (पुं), वेदगर्भ (पुं), स्थविर (पुं), शतानन्द (पुं), पितामह (पुं), (पुं), धातृ (पुं), विधातृ (पुं), विधि (पुं), वेधस् (पुं), ध्रुव (पुं), पुराणग (पुं), हंसग (पुं), विश्वरेतस् (पुं), प्रजापति (पुं), ब्रह्मन् (पुं), चतुर्मुख (पुं), भवान्तकृत् (पुं), जगत्कर्तृ (पुं), सरोरुहासन (पुं), शम्भु (पुं), शतधृति (पुं), स्रष्टृ (पुं), सुरज्येष्ठ (पुं), विरिञ्चन (पुं), हिरण्यगर्भ (पुं), लोकेश (पुं), नाभिभू (पुं), पद्मभू (पुं), आत्मभू (पुं)
अभिधानरत्नमाला
Sanskrit
ब्रह्मन्
ब्रह्मन्, स्रष्टृ, परमेष्ठिन्, धातृ, पद्मभू, सुरज्येष्ठ, वेधस्, विधि, विरिञ्च, हिरण्यगर्भ, शतानन्द, शम्भु, स्वयम्भू, द्रुहिण, चतुर्वक्त्र, प्रजापति, पितामह, जगत्कर्तृ, विरञ्चि, कमलासन
ब्रह्मा स्रष्टा परमेष्ठी धाता पद्मभूः सुरज्येष्ठः
वेधा विधिर्विरिञ्चो हिरण्यगर्भः शतानन्दः
शम्भुः स्वयम्भूर्द्रुहिणश्चतुर्वक्त्रः प्रजापतिः
पितामहो जगत्कर्ता विरञ्चिः कमलासनः
verse 1.1.1.6
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वाचस्पत्यम्
Sanskrit
पद्मभू
पु०
पद्मात् विष्णुनाभिकमलात् भवति भू--क्विप् ।चतुर्मुखे ब्रह्मणि हला० पद्मगर्भशब्दे दृश्यम्