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धूमादि (dhUmAdi)

 
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
धूमादि “धूमादिभ्यश्च” पा० वुञ् प्रत्ययनिमित्तेपा० ग० सूत्रोक्तेदेशवाचकशब्दगणे गणः “धूम षडण्ड शशादनअर्जुनाव माहकस्थली आनकस्थली माहिषस्थलीमानस्थली अट्टस्थली मद्रुकस्थली समुद्रस्थली दाण्डा-यनस्थली राजस्थली विदेह राजगृह सात्रासाह शष्पमित्रवर्द्ध भक्षाली मद्रकुल आजीकूल द्व्याहाव त्र्या-हाव संस्फीय वर्वर वर्ज्य गर्त्त आनर्त्त माठर पाथेयघोष पल्लीआराज्ञी धार्त्तराज्ञी आवय तीर्थ (कूलात्सौ-वीरेषु) (समुद्रान्नावि मनुष्ये च) कुक्षि अन्तरीय द्वीपअरुण उज्जयनी पट्टार दक्षिणापथ साकेत” धौमकः