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चिरण्टी (ciraNTI)

 
Yates
English
चिरण्टी (ण्टी) 3.
f.
A woman, marri-
ed or single, who resides in her
father's house
young woman.
Wilson
English
चिरण्टी
f.
(-ण्डी)
1 A woman married or single, who continues to reside after maturity in her
father's house.
2 A young woman.
E.
चिरम् long or late, and अट to go, (from home, ) affix अच्, and
deriv.
irr
.
also चिरिण्टी.
Apte
English
चिरण्टी [ciraṇṭī] चिरिण्टी [ciriṇṭī], चिरिण्टी [चिरेण अटति पितृगृहात् भर्तृगेहम् अट् अच् पृषो˚ Tv.]
A woman married or single who continues to reside after maturity in her father's house.
A young woman (in general)
देव प्रत्ययः स्त्रीषु चपलास्वखिलास्वपि चिरण्टीष्वपि ग्राह्यो वेशस्त्रीष्विव सर्वदा
Ks.*
58.56.
Apte 1890
English
चिरंटी, चिरिंटी [चिरेण अटति पितृगृहात् भर्तृगेहं अट् अच् पृषो° Tv.] 1 A woman married or single who continues to reside after maturity in her father's house.
2 A young woman (in general).
Monier Williams Cologne
English
चिरण्टी
f.
=
चर्°,
Pāṇ.
iv, 1, 20
Pat.
Monier Williams 1872
English
चिरण्टी चिरण्टी or चिरण्ठी, f. a woman
married or single who continues to reside after ma-
turity in her father's house
a young woman
[cf.
चरटी, चरण्टी, चिरिण्टी।]
Apte Hindi
Hindi
चिरण्टी
स्त्री*
- "चिरे अटति पितृगृहात् भर्तृगेहम्- अट् - अच्, पृषो* तारा* "
विवाहित या अविवाहित लड़की जो सयानी होने पर भी अपने पिता के घर ही रहे
चिरण्टी
स्त्री*
- "चिरे अटति पितृगृहात् भर्तृगेहम्- अट् - अच्, पृषो* तारा* "
"तरुणी, जवान स्त्री"
Shabdartha Kaustubha
Kannada
चिरण्टी
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಬಹಳ ಕಾಲ ತಂದೆಯ ಮನೆಯಲ್ಲಿ ವಾಸಮಾಡುವ ಸುವಾಸಿನಿ /ಸುಮಂಗಲಿ
निष्पत्तिः - > अट (गतौ) - "अच्" (३-१-१३४) पृषो० ।"ङीप्" (४-१-२०)
व्युत्पत्तिः - > चिरेण अटति पितृगेहात् भर्तृगेहम्
चिरण्टी
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಯುವತಿ /ಪ್ರಾಯದ ಹೆಂಗಸು
विस्तारः - > "चिरण्टी तु सुवासिन्यां स्यात् द्वितीयवयःस्त्रियाम्" - हेम०
L R Vaidya
English
ciraMwI {% f. %} 1. A woman married or single who continues to reside after maturity in her father’s house
2. a young woman in general.
Schmidt Nachtrage zum Sanskrit Worterbuch
German
*चिरण्टी Rasas. 80c? (चिरण्टीर् गत्या विजित्य).
अभिधानचिन्तामणिः
Sanskrit
--source--
सुवासिनी वधूटी स्याच्चिरिण्ट्यथ सधर्मिणी
पत्नी सहचरी पाणिगृहीती गृहिणी गृहाः ५१२
दारा क्षेत्रं वधूर्भार्या जनी जाया परिग्रहः
द्वितीयोढा कलत्रं पुरंध्री तु कुटुम्बिनी ५१३
-wordlist-
सुवासिनी (स्त्री), वधूटी (स्त्री), चिरण्टी (स्त्री), सधर्मिणी (स्त्री), पत्नी (स्त्री), सहचरी (स्त्री), पाणिगृहीती (स्त्री), गृहिणी (स्त्री), गृहाः (पुंब), गृह (क्ली), दाराः (पुंब), क्षेत्र (क्ली), वधू (स्त्री), भार्या (स्त्री), जनी (स्त्री), जाया (स्त्री), परिग्रह (पुं), द्वितीया (स्त्री), ऊढा (स्त्री), कलत्र (क्ली), पुरन्ध्री (स्त्री), कुटुम्बिनी (स्त्री)
अभिधानरत्नमाला
Sanskrit
वधूटी
वधूटी, चिरण्टी, द्वितीयवयस्
वधूटी चिरण्टी द्वितीयवयसौ स्त्रियौ ४८४
verse 2.1.1.484
page 0055
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
चिरण्टी,
स्त्री,
(चिरात् चिरेण वा अटतिपितृगृहादिति अट + अच् “वयसि प्रथमे ।”४ २० इति ङीप् ततः पृषोदरात्साधुः ।) स्ववासिनी ऊढा अनूढा वा पितृ-गेहस्थिता कन्या द्वितीयवयाः स्त्री सा चयुवती इति भरतधृतरुद्रः हेमचन्द्रश्च
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
चिरण्टी स्त्री चिरेण अटति पितृगृहात् भर्तृगेहम्अट--अच् पृषो० यौवनवत्यां पितृगेहस्थायांस्त्रियाम् अमरः युवत्यां रुद्रः