| YouTube Channel

कृमिज (kRmija)

 
शब्दसागरः
English
कृमिज
n.
(-जं) Agallochum
see कृमिज.
f.
(-जा) Lac, a red dye so called.
E.
कृमि an insect, and born, produced.
Capeller Eng
English
कृमिज
a.
produced by a worm.
Yates
English
कृमि-ज(जं) 1.
n.
Agallochum.
f.
Lac.
Wilson
English
कृमिज
n.
(-जं) Agallochum: see क्रिमिज.
f.
(-जा) Lac, a red
dye so called.
E.
कृमि an insect, and born, produced.
Monier Williams Cologne
English
कृमि—ज
mfn.
produced by worms (as silk),
Pañcat.
कृमि—ज
n.
=
-जग्ध,
L.
Monier Williams 1872
English
कृमि-ज, अम्, n.
add silk.
Benfey
English
कृमिज कृमि-ज (vb. जन्),
adj.
Pro-
duced by a worm, Pañc. i. d. 107.
Apte Hindi
Hindi
कृमिजम्
नपुं*
कृमि-जम् -
अगर की लकड़ी
Shabdartha Kaustubha
Kannada
कृमिज
पदविभागः - > नपुंसकलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಅಗುರುಚಂದನ
कृमिज
पदविभागः - > विशेष्यनिघ्नम्
कन्नडार्थः - > ಕೃಮಿಯಿಂದ ಹುಟ್ಟಿದ
निष्पत्तिः - > जनी (प्रादुर्भावे) - "डः" (३-२-९८)
व्युत्पत्तिः - > कृमेर्जातः
L R Vaidya
English
kfmi-ja {% n. %} aloewood.
अभिधानचिन्तामणिः
Sanskrit
--source--
अगुर्वगरु राजार्हं लोहं कृमिजवंशिके
अनार्यजं जोङ्गिकं मङ्गल्या मल्लिगन्धि यत् ६४०
कालागुरुः कालतुण्डः श्रीखण्डो रोहणद्रुमः
गन्धसारो मलयजश्चन्दने हरिचन्दने ६४१
तैलपर्णिकगोशीर्षौ पत्त्राङ्गं रक्तचन्दनम्
कुचन्दनं ताम्रसारं रञ्जनं तिलपर्णिका ६४२
-wordlist-
अगुरु (पुंक्ली), अगरु (पुंक्ली), राजार्ह (क्ली), लोह (क्ली), कृमिज (क्ली), वंशिक (स्त्रीक्ली), अनार्यज (क्ली), जोङ्गक (क्ली), मङ्गल्या (स्त्री), कालागुरु (पुं), काकतुण्ड (पुं), श्रीखण्ड (क्ली), रोहणद्रुम (पुं), गन्धसार (पुं), मलयज (पुंक्ली), चन्दन (पुंक्ली), हरिचन्दन (पुंक्ली), तैलपर्णिक (पुं), गोशीर्ष (पुं), पत्त्राङ्ग (क्ली), रक्तचन्दन (क्ली), कुचन्दन (क्ली), ताम्रसार (क्ली), रञ्जन (क्ली), तिलपर्णिका (स्त्री)
अभिधानरत्नमाला
Sanskrit
त्वग्ज
त्वग्ज, सूत्रज, कृमिज, रोमज
चतुर्विधं तु विज्ञेयं त्वक्सूत्रकृमिरोमजम्
verse 2.1.1.549
page 0062
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
कृमिजं,
क्ली,
(कृमिभ्यो जायते इति अन्येभ्योपीतिडः ।) अगुरु
इत्यमरः १२६
(कृमि-जातमात्रे, त्रि यथा, पञ्चतन्त्रे १०३ ।“कौषेयं कृमिजं सुवर्णमुपलाद्दूर्व्वापि गोरोमतः ।पङ्कात्तामरसं शशाङ्क उदधेरिन्दीवरं गोमयात्”
अस्य पर्य्याया यथा ।“अगुरु प्रवरं लोहं राजार्हं योगजन्तथा ।वंशिकं कृमिजं वापि कृमिजग्धमनार्य्यकम्”
इति भावप्रकाशस्य पूर्व्वखण्डे प्रथमे भागे
गुणाश्चास्यागुरुशब्दे ज्ञातव्याः
)
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
कृमिज
न०
कृमिभिर्जन्यते कृमेर्जायते वा जन--ड अगुरुणिअमरः कृमिजातमात्रे
त्रि०
लाक्षायां स्त्री० राजनि०
Capeller
German
कृमिज von einem Wurm erzeugt
*n.
Aloeholz.