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आद्या (AdyA)

 
Monier Williams Cologne
English
आद्या॑ (आ),
f.
N.
of Durgā
the earth,
L.
Apte Hindi
Hindi
आद्या
स्त्री*
- आदौ भवः-यत्+टाप्
दुर्गा की उपाधि
आद्या
स्त्री*
- आदौ भवः-यत्+टाप्
मास का पहला दिन
Shabdartha Kaustubha
Kannada
आद्या
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ದುರ್ಗಾದೇವಿ
आद्या
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ತಿಂಗಳಿನ ಮೊದಲನೆಯ ದಿವಸ /ಪ್ರತಿಪತ್ ತಿಥಿ
L R Vaidya
English
Adya {% (I) a. (f. द्या) %} 1. First in position, pre-eminent, आसीन्महीक्षितामाद्यः प्रणवश्चन्दसामिव R.i.11
2. first in time. (आद्य is often used as the last member of compounds in the same sense as आदि).
AdyA {% f. %} A name of Durgā.
E Bharati Sampat
Sanskrit
(स्त्री) आदौ भवा १.दुर्गादेवी २.मासस्य आदिमं दिनम् ३.प्रतिपत्
Wordnet
Sanskrit
Synonyms:
पृथिवी, भूः, भूमिः, अचला, अनन्ता, रसा, विश्वम्भरा, स्थिरा, धरा, धरित्री, धरणी, क्षौणी, ज्या, काश्यपी, क्षितिः, सर्वसहा, वसुमती, वसुधा, उर्वी, वसुन्धरा, गोत्रा, कुः, पृथ्वी, क्ष्मा, अवनिः, मेदिनी, मही, धरणी, क्षोणिः, क्षौणिः, क्षमा, अवनी, महिः, रत्नगर्भा, सागराम्बरा, अब्धिमेखला, भूतधात्री, रत्नावती, देहिनी, पारा, विपुला, मध्यमलोकवर्त्मा, धारणी, गन्धवती, महाकान्ता, खण्डनी, गिरिकर्णिका, धारयित्री, धात्री, अचलकीला, गौः, अब्धिद्वीपा, इडा, इडिका, इला, इलिका, इरा, आदिमा, ईला, वरा, आद्या, जगती, पृथुः, भुवनमाता, निश्चला, श्यामा
noun
मर्त्याद्यधिष्ठानभूता।
"पृथिवी पञ्चमम् भूतम्"
Synonyms:
रेवती, महारौद्री, आद्या, काली, भेरुण्डा, कालिका
noun
नवदुर्गासु एका या कृष्णवर्णीया अस्ति।
"नवरात्रि-उत्सवे सप्तमे दिने रेवत्याः पूजनं क्रियते।"
Synonyms:
दुर्गा, उमा, कात्यायनी, गौरी, ब्रह्माणी, काली, हैमवती, ईश्वरा, शिवा, भवानी, रुद्राणी, सर्वाणी, सर्वमङ्गला, अपर्णा, पार्वती, मृडानी, लीलावती, चणडिका, अम्बिका, शारदा, चण्डी, चण्डा, चण्डनायिका, गिरिजा, मङ्गला, नारायणी, महामाया, वैष्णवी, महेश्वरी, कोट्टवी, षष्ठी, माधवी, नगनन्दिनी, जयन्ती, भार्गवी, रम्भा, सिंहरथा, सती, भ्रामरी, दक्षकन्या, महिषमर्दिनी, हेरम्बजननी, सावित्री, कृष्णपिङ्गला, वृषाकपायी, लम्बा, हिमशैलजा, कार्त्तिकेयप्रसूः, आद्या, नित्या, विद्या, शुभह्करी, सात्त्विकी, राजसी, तामसी, भीमा, नन्दनन्दिनी, महामायी, शूलधरा, सुनन्दा, शुम्यभघातिनी, ह्री, पर्वतराजतनया, हिमालयसुता, महेश्वरवनिता, सत्या, भगवती, ईशाना, सनातनी, महाकाली, शिवानी, हरवल्लभा, उग्रचण्डा, चामुण्डा, विधात्री, आनन्दा, महामात्रा, महामुद्रा, माकरी, भौमी, कल्याणी, कृष्णा, मानदात्री, मदालसा, मानिनी, चार्वङ्गी, वाणी, ईशा, वलेशी, भ्रमरी, भूष्या, फाल्गुनी, यती, ब्रह्ममयी, भाविनी, देवी, अचिन्ता, त्रिनेत्रा, त्रिशूला, चर्चिका, तीव्रा, नन्दिनी, नन्दा, धरित्रिणी, मातृका, चिदानन्दस्वरूपिणी, मनस्विनी, महादेवी, निद्रारूपा, भवानिका, तारा, नीलसरस्वती, कालिका, उग्रतारा, कामेश्वरी, सुन्दरी, भैरवी, राजराजेश्वरी, भुवनेशी, त्वरिता, महालक्ष्मी, राजीवलोचनी, धनदा, वागीश्वरी, त्रिपुरा, ज्वाल्मुखी, वगलामुखी, सिद्धविद्या, अन्नपूर्णा, विशालाक्षी, सुभगा, सगुणा, निर्गुणा, धवला, गीतिः, गीतवाद्यप्रिया, अट्टालवासिनी, अट्टहासिनी, घोरा, प्रेमा, वटेश्वरी, कीर्तिदा, बुद्धिदा, अवीरा, पण्डितालयवासिनी, मण्डिता, संवत्सरा, कृष्णरूपा, बलिप्रिया, तुमुला, कामिनी, कामरूपा, पुण्यदा, विष्णुचक्रधरा, पञ्चमा, वृन्दावनस्वरूपिणी, अयोध्यारुपिणी, मायावती, जीमूतवसना, जगन्नाथस्वरूपिणी, कृत्तिवसना, त्रियामा, जमलार्जुनी, यामिनी, यशोदा, यादवी, जगती, कृष्णजाया, सत्यभामा, सुभद्रिका, लक्ष्मणा, दिगम्बरी, पृथुका, तीक्ष्णा, आचारा, अक्रूरा, जाह्नवी, गण्डकी, ध्येया, जृम्भणी, मोहिनी, विकारा, अक्षरवासिनी, अंशका, पत्रिका, पवित्रिका, तुलसी, अतुला, जानकी, वन्द्या, कामना, नारसिंही, गिरीशा, साध्वी, कल्याणी, कमला, कान्ता, शान्ता, कुला, वेदमाता, कर्मदा, सन्ध्या, त्रिपुरसुन्दरी, रासेशी, दक्षयज्ञविनाशिनी, अनन्ता, धर्मेश्वरी, चक्रेश्वरी, खञ्जना, विदग्धा, कुञ्जिका, चित्रा, सुलेखा, चतुर्भुजा, राका, प्रज्ञा, ऋद्भिदा, तापिनी, तपा, सुमन्त्रा, दूती, अशनी, कराला, कालकी, कुष्माण्डी, कैटभा, कैटभी, क्षत्रिया, क्षमा, क्षेमा, चण्डालिका, जयन्ती, भेरुण्डा
noun
सा देवी यया नैके दैत्याः हताः तथा या आदिशक्तिः अस्ति इति मन्यते।
"नवरात्रोत्सवे स्थाने स्थाने दुर्गायाः प्रतिष्ठापना क्रियते।"
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
आद्या,
स्त्री,
(आदौ भवा दिगादित्वात् यत् टाप् ।)दुर्गा इति शब्दरत्नावली काली तारा ।त्रिपुरसुन्दरी भुवनेश्वरी इति तन्त्रसारनील-तन्त्रयोगिनीतन्त्राणि प्रधाना शक्तिः महा-विद्या यथा, मुण्डमालातन्त्रे १० पटलः
“सत्ये तु सुन्दरी आद्या त्रेतायां भुवनेश्वरी ।द्वापरे तारिणो आद्या कलौ काली प्रकीर्त्तिता
नामभेदं प्रवक्ष्यामि रूपभेदं वरानने ।न भेदः कालिकायाश्च ताराया जगदम्बिके
षोडश्या भुवनायाश्च भैरव्यास्त्रिपुरेश्वरि ।छिन्नायाश्चैव धूमाया भीमायाः परमेश्वरि
ततश्च वगलामुख्या मातङ्ग्याश्च सुरेश्वरि ।न भेदो महेशानि विद्याया वरवर्णिनि”
आदिभूते त्रि
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
आद्या स्त्री आदौभवा दिगा० यत् दुर्गायां तन्त्रोक्तायां युग-भेदे सुन्दर्य्यादौ “सत्ये तु सुन्दरी आद्या, त्रेतायां भुव-नेश्वरी, द्वापरे तारिणी आद्या कलौ काली प्रकीर्त्तिता”मुण्डमालातन्त्रोक्तेस्तासां तथात्वम्” आदिभवायां ति-थ्यादौ “युगाद्या वर्षवृद्धिश्चेति” ति० त० पुरा०