| YouTube Channel

आदिकवि (Adikavi)

 
शब्दसागरः
English
आदिकवि
m.
(-विः)
1. A name of BRAHMA.
2. A name of VALMIKI, the
first mortal poet.
E.
आदि the first, and कवि a poet.
Yates
English
आदि-कवि (विः) 2.
m.
First poet,
Brahmā or Vālmīki.
Wilson
English
आदिकवि
m.
(-विः)
1 A name of BRAHMĀ.
2 A name of VĀLMĪKI, the first mortal poet.
E.
आदि the first, and कवि a poet.
Monier Williams Cologne
English
आदि—कवि
m.
‘the first poet’
N.
of Brahman
of Vālmīki,
L.
Apte Hindi
Hindi
आदिकविः
पुं*
आदि-कविः -
"प्रथम कवि, ब्रह्मा की उपाधि क्योंकि उसी ने सर्वप्रथम कवियों का पथप्रदर्शन किया-जब कि उसने क्रौञ्च दम्पती के एक पक्षी को व्याध के द्वारा मारा जाता हुआ देखा, उसने उस दुष्ट व्याध को शाप दिया और उसका वही शोक अपने आप कविता के रूप में प्रकट हुआ। इसके पश्चात् ब्रह्मा ने वाल्मीकि को राम का चरित लिखने के लिए कहा, फलस्वरूप संस्कृत साहित्य में प्रथम काव्य ‘रामायण' के रूप में प्रकट हुआ।"
Shabdartha Kaustubha
Kannada
आदिकवि
पदविभागः - > पुल्लिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಬ್ರಹ್ಮ /ಚತುರ್ಮುಖ
प्रयोगाः - > "जन्माद्यस्य यतोऽन्वयादितरतश्चार्थेष्वभिज्ञः स्वराट् तेने ब्रह्म हृदा आदिकवये मुह्यन्ति यत्सूरयः"
उल्लेखाः - > भाग० १-१
आदिकवि
पदविभागः - > पुल्लिङ्गः
कन्नडार्थः - > ವಾಲ್ಮೀಕಿ ಮಹರ್ಷಿ
L R Vaidya
English
Adi-kavi {% m. %} the first poet. (Brahman (m.) and Vālmīki are so called
the first because he promulgated the Vedas and the second because he is supposed to have unwittingly uttered a verse in cursing a fowler and subsequently to have composed the first poem in Sanskṛit, the Rāmāyaṇa).
अभिधानचिन्तामणीशिलोच्छः
Sanskrit
--source--
अग्निहोत्रिण्यग्न्याहितोऽप्युपवासे समाविमौ ७२
उपवस्त्रमौपवस्तमुपवीते प्रचक्षते
ब्रह्मसूत्रं पवित्रं वाल्मीकौ द्वाविमावपि ७३
मैत्त्रावरुण्यादिकवी पर्शुरामोऽपि भार्गवे
-wordlist-
अग्न्याहित (पुं), उपवस्त्र (क्ली), औपवस्त (क्ली), ब्रह्मसूत्र (क्ली), पवित्र (क्ली), मैत्रावरुणि (पुं), आदिकवि (पुं), पर्शुराम (पुं)
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
आदिकविः,
पुं,
(आदिः प्रथमः कविः ।) ब्रह्मा-इति श्रीभागवतं
वाल्मीकिमुनिः इति हेम-चन्द्रः
(“तेने ब्रह्महृदा आदिकवये मुह्यन्तियत् सूरयः” इति भागवते ।)
वाचस्पत्यम्
Sanskrit
आदिकवि
पु०
आदिराद्यःकविः हिरण्यगर्मेतस्य प्रथमो-त्पन्नत्वात् स्वयंप्रतिभातवेदत्वाच्च कवितया तथात्वम् ।“तेने ब्रह्म हृदा आदिकवये” भाग० वाल्मीकौ