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अमोघा (amoghA)

 
Spoken Sanskrit
English
अमोघा amoghA
f.
unfalling one, a poetical reference to the night
अमोघा amoghA
f.
Fragrant Padri tree [ Bignonia Suaveolens - Bot. ]
अमोघा amoghA
f.
kind o medicinal plant [ Erycibe Paniculata Roxb - Bot. ]
अमोघा amoghA
f.
kind of myrobalan tree [ Terminalia Citrina Roxb. - Bot. ]
अमोघा amoghA
f.
plant of which the seed is used as a vermifuge
अमोघा amoghA
f.
mystical name of the letter kS
अमोघा amoghA
f.
trumpet flower
अमोघा amoghA
f.
unfalling one, a poetical reference to the night
Monier Williams Cologne
English
अ-मोघा
f.
trumpet flower, Bignonia Suaveolens Roxb.
a plant of which the seed is used as a vermifuge, Erycibe Paniculata Roxb.
Terminalia Citrina Roxb.
N.
of a spear,
MBh.
iii, 16990 and
R.
i, 29, 12
(with or without रात्रि) ‘the unfalling one’ a poetical
N.
of the night,
MBh.
a mystical
N.
of the letter क्ष् (being the last one of the alphabet)
N.
of Durgā,
L.
of the wife of Śātanu
of one of the mothers in Kanda's suite,
MBh.
ix, 2639.
Shabdartha Kaustubha
Kannada
अमोघा
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ವಾಯುವಿಳಂಗ
अमोघा
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಹಸರು ಪಾದರಿ ಗಿಡ
अमोघा
पदविभागः - > स्त्रीलिङ्गः
कन्नडार्थः - > ಅಳಲೆ ಗಿಡ
विस्तारः - > "अमोघः सफले वाच्यवत् स्त्री पथ्याविडङ्गयोः" - मेदि०
L R Vaidya
English
amoGa {% (I) a. (f. घा) %} 1. Unerring, unfailing, infallible, अमोघाः प्रतिगृह्णंतावर्घ्यानुपदमाशिषः R.i.44
2. reaching the mark, धनुष्यमोघं समधत्त सायकम् R.iii.53, K.S.iii.65, कामिलक्ष्येष्वमोघैः Megh.ii.10
3. productive, fruitful, यदमोघमपामन्तरुप्तं बीजमत्र K.S.ii.5.
Aufrecht Catalogus Catalogorum
English
अमोघा a C. on Śākaṭāyana's Śabdānuśāsana. Rice 306.
Quoted in Mādhavīyadhātuvṛtti.
Abhyankara Grammar
English
अमोघा also अमोघावृत्ति, a gloss on the grammar of Sākaṭāyana. See अमोघ- वर्ष above.
Wordnet
Sanskrit
Synonyms:
अमोघा
noun
कश्यपमुनेः पत्नी।
"अमोघायाः वर्णनं भागवते प्राप्यते।"
Synonyms:
अमोघा, हरतकी
noun
बृहद्वृक्षः यस्य फलं भेषजरूपेण उपयुज्यते।
"अमोघायाः त्वक् सुबभ्रुवर्णीया अस्ति।"
अभिधानचिन्तामणिपरिशिष्टम्
Sanskrit
--source--
गौतमी कौशिकी कृष्णा तामसी बाभ्रवी जया ४७
कालरात्रिर्महामाया भ्रामरी यादवी वरा
बर्हिध्वजा शूलधरा परमब्रह्मचारिणी ४८
अमोघा विन्ध्यनिलया षष्ठी कान्तारवासिनी
जाङ्गुली बदरीवासा वरदा कृष्णपिङ्गला ४९
p{0003}
दृषद्वतीन्द्रभगिनी प्रगल्भा रेवती तथा
महाविद्या सिनीवाली रक्तदन्त्येकपाटला ५०
एकपर्णा बहुभुजा नन्दपुत्री महाजया
भद्रकाली महाकाली योगिनी गणनायिका ५१
हासा भीमा प्रकूष्माण्डी गदिनी वारुणी हिमा
अनन्ता विजया क्षेमा मानस्तोका कुहावती ५२
चारणा पितृगणा स्कन्दमाता घनाञ्जनी
गान्धर्वी कर्वरी गार्गी सावित्री ब्रह्मचारिणी ५३
कोटिश्रीर्सन्दरावासा केशी मलयवासिनी
कालायनी विशालाक्षी किराती गोकुलोद्भवा ५४
एकानसी नारायणी शैला शाकंभरीश्वरी
प्रकीर्णकेशी कुण्डा नीलवस्त्रोग्रचारिणी ५५
अष्टादशभुजा पौत्री शिवदूती यमस्वसा
सुनन्दा विकचा लम्बा जयन्ती नकुलाकुला ५६
विलङ्का नन्दिनी नन्दा नन्दयन्ती निरञ्जना
कालंजरी शतमुखी विकराली करालिका ५७
विरजाः पुरला जीरी बहुपुत्री कुलेश्वरी
कैटभी कालदमनी दर्दुरा कुलदेवता ५८
रौद्री कुन्द्रा महारौद्री कालंगमा महानिशा
बलदेवस्वसा पुत्री हीरी क्षेमंकरी प्रभा ५९
मारी हैमवती चापि गोला शिखरवासिनी
-wordlist-
गौतमी (स्त्री), कौशिकी (स्त्री), कृष्णा (स्त्री), तामसी (स्त्री), बाभ्रवी (स्त्री), जया (स्त्री), कालरात्रि (स्त्री), महामाया (स्त्री), भ्रामरी (स्त्री), यादवी (स्त्री), वरा (स्त्री), बर्हिध्वजा (स्त्री), शूलधरा (स्त्री), परमब्रह्मचारिणी (स्त्री), अमोघा (स्त्री), विन्ध्यनिलया (स्त्री), षष्ठी (स्त्री), कान्तारवासिनी (स्त्री), जाङ्गुली (स्त्री), बदरीवासा (स्त्री), वरदा (स्त्री), कृष्णपिङ्गला (स्त्री), दृषद्वती (स्त्री), इन्द्रभगिनी (स्त्री), प्रगल्भा (स्त्री), रेवती (स्त्री), महाविद्या (स्त्री), सिनीवाली (स्त्री), रक्तदन्ती (स्त्री), एकपाटला (स्त्री), एकपर्णा (स्त्री), बजुभुजा (स्त्री), नन्दपुत्री (स्त्री), महाजया (स्त्री), भद्रकाली (स्त्री), महाकाली (स्त्री), योगिनी (स्त्री), गणनायिका (स्त्री), हासा (स्त्री), भीमा (स्त्री), प्रकूष्माण्डी (स्त्री), गदिनी (स्त्री), वारुणी (स्त्री), हिमा (स्त्री), अनन्ता (स्त्री), विजया (स्त्री), क्षेमा (स्त्री), मानस्तोका (स्त्री), कुहावती (स्त्री), चारणा (स्त्री), पितृगणा (स्त्री), स्कन्दमाता (स्त्री), घनाञ्जनी (स्त्री), गान्धर्वी (स्त्री), कर्बुरा (स्त्री), गार्गी (स्त्री), सावित्री (स्त्री), ब्रह्मचारिणी (स्त्री), कोटिश्री (स्त्री), मन्दरावासा (स्त्री), केशी (स्त्री), मलयवासिनी (स्त्री), कालायनी (स्त्री), विशालाक्षी (स्त्री), किराती (स्त्री), गोकुलोद्भवा (स्त्री), एकानसी (स्त्री), नारायणी (स्त्री), शैला (स्त्री), शाकम्भरी (स्त्री), ईश्वरी (स्त्री), प्रकीर्णकेशी (स्त्री), कुण्डा (स्त्री), नीलवस्त्रा (स्त्री), उग्रचारिणी (स्त्री), अष्टादशभुजा (स्त्री), पौत्री (स्त्री), शिवदूती (स्त्री), यमस्वसा (स्त्री), सुनन्दा (स्त्री), विकचा (स्त्री), लम्बा (स्त्री), जयन्ती (स्त्री), नकुला (स्त्री), कुला (स्त्री), विलङ्का (स्त्री), नन्दिनी (स्त्री), नन्दा (स्त्री), नन्दयन्ती (स्त्री), निरञ्जना (स्त्री), कालञ्जरी (स्त्री), शतमुखी (स्त्री), विकराला (स्त्री), करालिका (स्त्री), विरजस् (स्त्री), पुरला (स्त्री), जारी (स्त्री), बहुपुत्री (स्त्री), कुलेश्वरी (स्त्री), कैटभी (स्त्री), कालदमनी (स्त्री), दर्दुरा (स्त्री), कुलदेवता (स्त्री), रौद्री (स्त्री), कुन्द्रा (स्त्री), महारौद्री (स्त्री), कालङ्गमा (स्त्री), महानिशा (स्त्री), बलदेवस्वसृ (स्त्री), पुत्री (स्त्री), हीरी (स्त्री), क्षेमङ्करी (स्त्री), प्रभा (स्त्री), मारी (स्त्री), हैमवती (स्त्री), गोला (स्त्री), शिखरवासिनी (स्त्री)
Mahabharata
English
Amoghā, a Mātṛ. § 615u (Skanda): IX, 46, 2639.
पुराणम्
English
अमोघा / AMOGHĀ. śantanu Maharṣi's wife. Once brahmā visited śantanu Maharṣi's āśrama. As the Maharṣi was not at home, it was amoghā who received the guest with due reverence. Fascinated by the irresistible charm of amoghā, brahmā had an involuntary emission of seminal fluid. He felt ashamed of his own weakness and left the āśrama immediately. The Maharṣi who returned to the āśrama soon after, came to know from his wife whose semen it was. He asked amoghā to accept brahma Deva's precious semen and not to let it be wasted. Being a devoted wife, she accepted it, but unable to bear the divine pregnancy, she deposited it in the water lying in the valley of the yugandhara mountain. From that time, it became a place of holy bath, known as lohita. It was by bathing in this holy water that paraśurāma washed away his sin of annihilating the Kṣatriyas. (padma purāṇa, sṛṣṭi Khaṇḍa, 55).
शब्दकल्पद्रुमः
Sanskrit
अमोघा,
स्त्री,
(न मोघा निष्फला, नञ्समासः ।)पाटलिवृक्षः विडङ्गं इत्यमरः
हरीतकी ।इति मेदिनी